Election Commission को सरकार ने कठपुतली बनाया, CEC Gyanesh Kumar पर भड़के Amit Chavda

Congress
ANI
अभिनय आकाश । Sep 29 2026 6:34PM

अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस ने चुनावी गड़बड़ी और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने सरकार पर चुनाव आयोग को कठपुतली बनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने नागरिकों के वोटिंग अधिकार छीनने के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनावी गड़बड़ी और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि देश भर में नागरिकों के वोटिंग अधिकार "छीने" जा रहे हैं और सरकार पर चुनाव आयोग को "कठपुतली" बनाने का आरोप लगाया। चावड़ा ने कहा, "यह जन-आक्रोश इस बात से उपजा है कि देश भर में भारतीयों के वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं। सरकार ने चुनाव आयोग को महज़ एक कठपुतली बना दिया है और ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल देश भर में चुनाव जीतने के लिए एक हथियार के तौर पर कर रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने और जेल भेजने की मांग की और कहा कि नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीनने" के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा हम ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने और उन्हें जेल भेजने की मांग करते हैं। देश की जनता यह पक्का करेगी कि जिन लोगों ने देश के साथ धोखा किया है और नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीना है खासकर सरकार और ज्ञानेश कुमार उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए और जेल भेजा जाए। अहमदाबाद शहर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनल रमनभाई पटेल ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रियाओं पर चर्चा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा "वोट चोरी" को लेकर लगाए गए आरोपों पर लोगों का ध्यान गया है। पटेल ने कहा आज यहां हो रहे विरोध प्रदर्शन का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है। राहुल गांधी लंबे समय से यह बात उठाते रहे हैं कि कैसे वोट चोरी किए जा रहे हैं और कैसे बीजेपी असली जनसमर्थन के बजाय ऐसे हथकंडे अपनाकर सालों से चुनाव जीतती आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाना नागरिकों के वोट देने के अधिकार का उल्लंघन है।

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उन्होंने कहा अब ठोस सबूत सामने आए हैं, जिनमें चुनाव आयोग के अधिकारियों की ओर से अलग-अलग मौकों पर गलत प्रक्रियाओं को लेकर जताई गई असहमति भी शामिल है, जिससे यह मामला सबके सामने आ गया है। वोटर लिस्ट से 16 करोड़ लोगों के नाम हटाना असल में उनके वोट देने के अधिकार का उल्लंघन है; इससे बड़ा देशद्रोह और कोई नहीं हो सकता।" GPCC के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी थी और आरोप लगाया कि आयोग अपनी इस ज़िम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहा है।

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