'बीते 75 नहीं, आने वाले 25 साल गिनता हूं', PM Modi के इस बयान के क्या हैं Political मायने?

प्रधानमंत्री मोदी ने 75 वर्ष की आयु पर अपनी भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि वे बीते हुए नहीं, बल्कि आने वाले 25 साल देखते हैं, जिससे भाजपा की अनौपचारिक सेवानिवृत्ति नीति पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। यह बयान पार्टी के 'मार्गदर्शक मंडल' नियम और 2029 में मोदी की संभावित उम्मीदवारी को लेकर चल रही चर्चाओं के केंद्र में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के तहत छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अपनी उम्र का जिक्र किया और पिछले सितंबर में 75 वर्ष के होने की याद दिलाने वाले एक फोन कॉल का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री की पार्टी भाजपा अतीत में 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति की परंपरा का पालन करती रही है, हालांकि इसके कुछ अपवाद भी रहे हैं। इसी संदर्भ में, 1 सितंबर को जब वे 75 वर्ष के हुए, तो उनकी उम्र को लेकर काफी चर्चा हुई।
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पिछले साल जन्मदिन पर मिले एक फोन कॉल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि एक नेता ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस पर पीएम मोदी ने जवाब दिया कि अभी 25 वर्ष बाकी हैं और कहा कि वे बीते हुए वर्षों को गिनने के बजाय आने वाले वर्षों को गिनना पसंद करते हैं। इस बातचीत का वीडियो केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ऑनलाइन साझा किया। उनके इस बयान ने भाजपा की उस अनौपचारिक प्रथा पर फिर से चर्चा छेड़ दी है, जिसमें नेता 75 वर्ष की आयु के बाद पद छोड़ देते हैं। यह बहस तब और तेज़ हो गई जब प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर, 2025 को 75 वर्ष के हुए।
यदि वे अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं, तो इसके अंत तक उनकी आयु 79 वर्ष हो जाएगी, और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि वे 2029 में फिर से एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। यह मुद्दा तब और भी चर्चा में आया जब आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने जुलाई 2025 में नागपुर में एक पुस्तक विमोचन समारोह में अपने भाषण में आरएसएस के दिवंगत विचारक मोरोपंत पिंगले की उस हास्यास्पद टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 75 वर्ष की आयु में दी जाने वाली शॉल सेवानिवृत्ति का प्रतीक है। चूंकि भगवत और प्रधानमंत्री मोदी दोनों सितंबर 2025 में 75 वर्ष के हो गए, इसलिए विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी को एक संभावित संकेत के रूप में देखा।
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विपक्षी दलों के नेताओं ने अतीत के उन उदाहरणों का हवाला दिया, जब एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और जसवंत सिंह जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता 75 वर्ष की आयु पार करने के बाद मार्गदर्शक मंडल में शामिल हो गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वही सिद्धांत अब भी लागू होगा। हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की किसी भी संभावना को बार-बार खारिज किया है।
एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया। उन्होंने कहा कि आपने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं, तो मैंने उसे कहा कि 25 अभी बाकी हैं।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 6, 2026
मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं।
-PM @NarendraModi जी #ParikshaPeCharcha26 pic.twitter.com/u4UVoVMyD9
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