I-PAC raid: उच्च न्यायालय ने भाजपा को राज्य सचिवालय के सामने आंदोलन की नहीं दी अनुमति

High Court
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न्यायमूर्ति सुर्वा घोष ने हालांकि उन्हें सचिवालय के सामने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। अदालत ने प्रदर्शन के लिये पास के मंदिरतला बस स्टैंड की जगह निर्धारित की है जो सचिवालय से करीब 600 मीटर दूर है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबान्न के सामने प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया जबकि उसे पास के बस स्टैंड पर धरना देने की अनुमति दे दी।

राज्य सचिवालय में ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यालय स्थित है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के 50 विधायकों की भागीदारी के साथ होने वाले इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में कथित हस्तक्षेप और ‘राज्य के सरकारी तंत्र के दुरुपयोग’ का विरोध करना है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आठ जनवरी को कथित कोयला चोरी घोटाले के संबंध में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर में की गई उसकी जांच और तलाशी अभियान में पश्चिम बंगाल सरकार, जिसमें बनर्जी भी शामिल हैं, द्वारा हस्तक्षेप और बाधा डालने का आरोप लगाया है।

सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक व याचिकाकर्ता शंकर घोष ने हावड़ा शहर में नबान्न के सामने शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया।

न्यायमूर्ति सुर्वा घोष ने हालांकि उन्हें सचिवालय के सामने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। अदालत ने प्रदर्शन के लिये पास के मंदिरतला बस स्टैंड की जगह निर्धारित की है जो सचिवालय से करीब 600 मीटर दूर है।

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