MEA Briefing: Vikram Misri China Visit, POJK Elections, West Asia, Nepal संबंधी मुद्दों पर India ने दिया जवाब

भारत-चीन संबंधों पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अगस्त 2025 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला के माध्यम से सीमा व्यापार फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान की ओर से अपने अवैध कब्जे को वैध ठहराने की एक "कॉस्मेटिक" यानी महज दिखावटी कवायद बताया है। विदेश मंत्रालय के मीडिया ब्रीफिंग में मंगलवार को प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न अंग हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा कराए जा रहे ये तथाकथित विधानसभा चुनाव उसके अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का प्रयास हैं। जायसवाल ने कहा कि पीओके में पिछले करीब दो महीनों से जारी व्यापक जनआंदोलन पाकिस्तान की आर्थिक शोषणकारी नीतियों, लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
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भारत-चीन संबंधों पर प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त 2025 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला के माध्यम से सीमा व्यापार फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 27-28 जुलाई को चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने, व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर भी सहमति व्यक्त की गई। दोनों देशों ने भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के भविष्य से जुड़े प्रश्न पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है और दशकों से इसके लिए प्रयास करता आया है। उन्होंने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि दक्षिण एशिया का हर देश जानता है कि कौन-सा देश और उसकी कौन-सी गतिविधियां सार्क की प्रगति में बाधा बन रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग के लिए सद्भावना अनिवार्य होती है।
काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समय होरमुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में छह भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 125 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उसी क्षेत्र में विदेशी जहाजों पर 41 भारतीय नाविक भी तैनात हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि नौवहन मंत्रालय भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि काला सागर क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की कुल संख्या तत्काल उपलब्ध नहीं है।
कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत पाकिस्तान के उस बयान को पूरी तरह निराधार और खोखला मानता है तथा उसे संपूर्ण रूप से खारिज करता है। नेपाल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के संबंध में विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेजा जा चुका है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस विवाद का स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत शुरू से ही बातचीत के जरिए समाधान का समर्थन करता रहा है और आगे भी इसी नीति पर कायम रहेगा। खाड़ी देशों में भारतीयों की चिंताजनक स्थिति संबंधी आंकड़ों पर प्रभासाक्षी के सवाल पर प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने संसद के पटल पर जानकारी रखी है और हमारा सरकार के स्तर पर और सामुदायिक संगठनों के माध्यम से यह प्रयास रहता है कि हर प्रवासी भारतीय का कल्याण हो सके।
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