Punjab में ISI का नया Terror Model बेनकाब, 15 अगस्त से पहले Petrol Bombs और IED से हमले की साजिश का खुलासा

खतरे की गंभीरता का अंदाजा 25-26 जुलाई की रात हुई घटना से लगाया जा सकता है, जब संगरूर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए। एक बोतल रसोई के पास बाहरी दीवार से टकराई, जिससे आग लग गई और दीवार पर जलने के निशान बने, जबकि दूसरी बोतल बाहर गिर गई।
स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले पंजाब एक बार फिर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निशाने पर है। हम आपको बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों की ताज़ा खुफिया रिपोर्टों ने एक ऐसी खतरनाक साजिश का खुलासा किया है, जिसमें इस बार आतंक फैलाने के लिए महंगे और जटिल विस्फोटकों के साथ-साथ बेहद सस्ते, आसानी से तैयार होने वाले और व्यापक दहशत फैलाने में सक्षम पेट्रोल बम को नया हथियार बनाया गया है। एजेंसियों का मानना है कि 15 अगस्त से पहले और उसके आसपास पंजाब में कई समन्वित हमलों की योजना बनाई गई है, जिनका उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को अस्थिर करना है।
इस खतरे की गंभीरता का अंदाजा 25-26 जुलाई की रात हुई घटना से लगाया जा सकता है, जब संगरूर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए। एक बोतल रसोई के पास बाहरी दीवार से टकराई, जिससे आग लग गई और दीवार पर जलने के निशान बने, जबकि दूसरी बोतल बाहर गिर गई। पंजाब पुलिस का दावा है कि यह हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी के निर्देश पर किया गया, जो ISI का प्रॉक्सी माना जाता है।
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खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के बाद ISI ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब वह केवल RDX से बने टिफिन बम, हैंड ग्रेनेड या आधुनिक हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि रिमोट कंट्रोल से संचालित प्री-फैब्रिकेटेड RDX IED, पेट्रोल बम और छोटे हथियारों के मिश्रण के जरिए कम लागत में अधिक दहशत फैलाने की नीति पर काम कर रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस अभियान में केवल पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ही नहीं, बल्कि जर्मनी, फ्रांस, पुर्तगाल, ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में सक्रिय खालिस्तान समर्थक नेटवर्क तथा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोह भी शामिल हैं। खास तौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) को बड़े पैमाने पर हथियार उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं, ISI अपने सीधे ऑपरेटिव्स को फर्जी खालिस्तान समर्थक संगठनों के नाम पर इस्तेमाल कर रही है, ताकि किसी भी हमले के बाद अपनी भूमिका से इंकार किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों के निशाने भी अब पहले से कहीं ज्यादा व्यापक हो गए हैं। पहले जहां पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर फोकस था, वहीं अब आतंकियों की सूची में आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, दक्षिणपंथी राजनीतिक दलों के कार्यालय और नेता, रेलवे नेटवर्क, अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उद्देश्य केवल हमला करना नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करना है।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई ने ISI की कई योजनाओं पर पानी फेर दिया है। वर्ष 2026 में 27 जुलाई तक पंजाब पुलिस ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर 10 आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं और 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 7 ऑटोमैटिक राइफलें, 76 पिस्तौल और रिवॉल्वर, 12 RDX आधारित प्री-फैब्रिकेटेड IED, 3.756 किलोग्राम RDX, 9 डेटोनेटर, 49 हैंड ग्रेनेड, एक RPG लॉन्चर और सात वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान को लाइव फुटेज भेजने वाले सौर ऊर्जा संचालित CCTV कैमरों से जुड़े तकनीकी जासूसी के छह मामलों का भंडाफोड़ किया गया है, जबकि सीमा पार से भेजे गए 183 ड्रोन भी बरामद किए गए हैं।
हम आपको यह भी बता दें कि हालिया अभियानों में भी कई बड़े षड्यंत्र विफल किए गए हैं। 26 जुलाई को काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और जालंधर ग्रामीण पुलिस ने ISI प्रायोजित BKI मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए आदमपुर के पदियाना गांव निवासी सतबीर सिंह को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1.3 किलोग्राम का उच्च क्षमता वाला IED बरामद हुआ, जिसमें विस्फोटक के साथ बड़ी मात्रा में श्रैपनेल और बॉल बेयरिंग भरी गई थीं ताकि अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके। इससे पहले जुलाई में फिरोजपुर-जम्मू ट्रेन को निशाना बनाने की साजिश का खुलासा हुआ था, जिसमें 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक IED तथा पिस्तौल बरामद की गई। जांच में ब्रिटेन स्थित हैंडलर की भूमिका भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि पूरी साजिश के केंद्र में पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां ISI का भरोसेमंद मोहरा मानती हैं। वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर भर्ती करता है, उनसे पुलिस थानों, सार्वजनिक स्थलों और राजनीतिक कार्यालयों की रेकी करवाता है तथा ड्रोन के माध्यम से भेजे गए हथियार और विस्फोटक उनके नेटवर्क तक पहुंचाता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और पंजाब पुलिस पहले ही उसे मार्च 2025 में जालंधर में इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर के पास हुए ग्रेनेड हमले, नवंबर 2025 में गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हुए हमले और 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' जैसे फ्रंट संगठनों के जरिए कट्टरपंथ फैलाने की गतिविधियों से जोड़ चुकी हैं।
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार शहजाद भट्टी का मौजूदा मॉडल बेहद खतरनाक है। इसमें सुरक्षा बलों पर लक्षित हमले, पुलिस प्रतिष्ठानों और राजनीतिक नेताओं पर पेट्रोल बम तथा IED से हमले, नशीले पदार्थों की तस्करी से मिलने वाले धन का इस्तेमाल और पंजाब को अन्य राज्यों में हथियार पहुंचाने के ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करने जैसी रणनीतियां शामिल हैं।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह आतंकवादी नेटवर्क और संगठित अपराध के गठजोड़ को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है। एजेंसियों का भरोसा है कि ISI की इन नापाक साजिशों को समय रहते नाकाम कर पंजाब की शांति और सामाजिक सौहार्द को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा।
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