कैलाश विजयवर्गीय का दावा, मेरे घर काम कर रहे थे संदिग्ध बांग्लादेशी मजदूर

kailash-vijayvargiya-claims-suspected-bangladeshi-laborers-working-at-my-home
[email protected] । Jan 23 2020 8:26PM

भाजपा महासचिव ने अपने गृहनगर में लोकतंत्र-संविधान-नागरिकता विषय पर आयोजित परिसंवाद में कहा कि यहां उनके घर में नये कमरे के निर्माण कार्य के दौरान उन्हें छह-सात मजदूरों के खान-पान का तरीका थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि वे भोजन में केवल पोहा (नाश्ते के रूप में खाया जाने वाला स्थानीय व्यंजन) खा रहे थे।

इंदौर (मध्यप्रदेश)। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बृहस्पतिवार को सनसनीखेज दावा किया कि यहां उनके घर के निर्माण कार्य में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। विजयवर्गीय ने यहां एक सामाजिक संगठन के कार्यक्रम में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की जमकर पैरवी करते हुए यह दावा किया। भाजपा महासचिव ने अपने गृहनगर में  लोकतंत्र-संविधान-नागरिकता  विषय पर आयोजित परिसंवाद में कहा कि यहां उनके घर में नये कमरे के निर्माण कार्य के दौरान उन्हें छह-सात मजदूरों के खान-पान का तरीका थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि वे भोजन में केवल पोहा (नाश्ते के रूप में खाया जाने वाला स्थानीय व्यंजन) खा रहे थे।

इसे भी पढ़ें: भारत का ये मदरसा जहां हिंदू बच्चे गुनगुनाते हैं ऊर्दू तराना और मुसलमान संस्कृत के श्लोकों का करते हैं उच्चारण

विजयवर्गीय ने कहा कि इन मजदूरों और भवन निर्माण ठेकेदार के सुपरवाइजर से बातचीत के बाद उन्हें संदेह हुआ कि ये श्रमिक बांग्लादेश के रहने वाले हैं। कार्यक्रम के बाद हालांकि,संवाददाताओं ने जब भाजपा महासचिव से इन संदिग्ध लोगों के बारे में सवाल किये, तो उन्होंने कहा,  मुझे शंका थी कि ये मजदूर बांग्लादेश के रहने वाले हैं। मुझे संदेह होने के दूसरे ही दिन उन्होंने मेरे घर काम करना बंद कर दिया था।  उन्होंने कहा,  मैंने पुलिस के सामने इस मामले में फिलहाल शिकायत दर्ज नहीं करायी है। मैंने तो केवल लोगों को सचेत करने के लिये उन मजदूरों का जिक्र किया था। 

इसे भी पढ़ें: अगर कोर्ट ने भी CAA को संवैधानिक माना तो यह धर्मनिरपेक्षता के ताबूत में आखिरी कील होगी

विजयवर्गीय ने कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में यह दावा भी किया कि बांग्लादेश का एक आतंकवादी पिछले डेढ़ साल से उनकी  रेकी  (नजर रखना) कर रहा था। उन्होंने कहा,  मैं जब भी बाहर निकलता हूं, तो छह-छह बंदूकधारी सुरक्षा कर्मी मेरे आगे-पीछे चलते हैं। यह देश में आखिर क्या हो रहा है? क्या बाहर के लोग देश में घुसकर इतना आतंक फैला देंगे? विजयवर्गीय ने सीएए की वकालत करते हुए कहा,  भ्रम और अफवाहों के चक्कर में मत आइये। सीएए देश के हित में है। यह कानून भारत में वास्तविक शरणार्थियों को शरण देगा और उन घुसपैठियों की पहचान करेगा जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिये खतरा है। 

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़