Uttarakhand: Kainchi Dham आने वाले पर्यटकों की संख्या होगी तय, 25 हजार की लग सकती है लिमिट

Nainital
ANI
अभिनय आकाश । Oct 7 2026 1:29PM

उत्तराखंड प्रशासन नैनीताल और कैंची धाम में पर्यटकों की भारी भीड़ नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और दैनिक संख्या सीमित करने की तैयारी में है। बिना पूर्व बुकिंग आने वाले पर्यटकों पर पाबंदी और यातायात व्यवस्था सुधारने के कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, पर्यटकों से अधिक पैसे वसूलने वाले होटलों व दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।

बिना पहले से बुकिंग कराए कैंची धाम और नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा करना और मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पिछले वीकेंड पर्यटकों की भारी भीड़ के बाद उत्तराखंड प्रशासन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के उपाय और कड़े करने जा रहा है। कुमाऊं कमिश्नर ने टैक्सी ऑपरेटरों और होटल प्रतिनिधियों जैसे मुख्य लोगों के साथ बैठक की है और नैनीताल में कैंची धाम आने वाले पर्यटकों के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। ज़िला मजिस्ट्रेट और सीनियर परिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस को एक विस्तृत योजना तैयार करने और मंज़ूरी के लिए राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है।

इसे भी पढ़ें: Uttarakhand में भारी बारिश का Red Alert, CM Pushkar Singh Dhami ने 24 घंटे सतर्क रहने के दिए निर्देश

रजिस्ट्रेशन ज़रूरी करने और पर्यटकों की संख्या सीमित करने पर विचार


यह कदम लंबे वीकेंड के दौरान लोकप्रिय पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर भीड़ बढ़ने की बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। उत्तराखंड में अधिकारी दो लोकप्रिय स्थलों उत्तराखंड में कैंची धाम -- पर पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सख़्त कदम उठा रहे हैं। कैंची धाम में जहाँ पिछले वीकेंड के दौरान पर्यटकों की संख्या 50,000 से ज़्यादा हो गई थी, प्रशासन रजिस्ट्रेशन ज़रूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रोज़ाना लगभग 20,000 से 25,000 पर्यटकों की सीमा तय करने पर विचार कर रहा है। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में वन विभाग ने त्रियुंड की मौजूदा क्षमता (कैरीइंग कैपेसिटी) को सख्ती से लागू करने का फ़ैसला किया है, जिसके तहत रोज़ाना लगभग 1,000 पर्यटकों को आने की अनुमति है। इन उपायों का मकसद भीड़ को रोकना, ट्रैफ़िक की आवाजाही को सुचारू बनाना और तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे इन स्थलों के आस-पास के पर्यावरण और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है।

इसे भी पढ़ें: वीकेंड पर पहाड़ों की ओर उमड़ा सैलाब, शिमला-मनाली से नैनीताल तक लंबा जाम; सड़क पर गुजारनी पड़ी रात

प्रशासन भीड़ को संभालने पर ध्यान दे रहा है


प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि हाईवे पर ट्रैफ़िक नहीं रुकना चाहिए। कैंची धाम के आस-पास इंतज़ाम मज़बूत करने के साथ-साथ अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर आने-जाने का रास्ता भी खुला रखना होगा। भीड़ को संभालने के लिए कैंची धाम के आस-पास अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। सर्कल ऑफ़िसर और सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट को वीकेंड से पहले मीटिंग करनी होगी और आने-जाने वालों की सुविधा के लिए शटल सर्विस का इंतज़ाम करना होगा। अधिकारियों ने कैंची धाम में शिप्रा नदी में नहाने पर भी रोक लगा दी है। वन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे नियमों को तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव: BJP ने दिनेश आर्य को बनाया अपना उम्मीदवार
ज़्यादा पैसे वसूलने वाले होटलों और दुकानों पर कार्रवाई


प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो दुकानदार और होटल चलाने वाले पर्यटकों से ज़्यादा पैसे वसूलते पाए जाएंगे, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग और छापेमारी की जाएगी, साथ ही सामान और होटल की सेवाओं के रेट लिस्ट दिखाना ज़रूरी कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया है कि गंभीर उल्लंघन के मामलों में लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। प्रशासन नैनीताल और कैंची धाम में सिर्फ़ उन पर्यटकों को आने देने पर विचार कर रहा है जिनकी पहले से बुकिंग है। इसका मतलब है कि बिना कन्फ़र्म रहने की जगह या दूसरी ज़रूरी बुकिंग के आने वाले पर्यटकों को पीक सीज़न के दौरान इस इलाके में आने में मुश्किल हो सकती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़