कमलनाथ बोले शिवराज सरकार चाहती है कि मैं चुप रहूं लेकिन कोई एफआईआर मुझे दबा नहीं सकती

कमलनाथ बोले शिवराज सरकार चाहती है कि मैं चुप रहूं लेकिन कोई एफआईआर मुझे दबा नहीं सकती
प्रतिरूप फोटो

प्रदेश की जनता के हित की आवाज उठाने के लिए मुझ पर कितनी भी एफआईआर दर्ज कर लो, मुझे कोई डर नहीं लगता है। मैं चुप नहीं बैठूँगा, जनता के हक की आवाज उठाता रहूँगा, सरकार की पोल खोलता रहूँगा, वास्तविकता व सच्चाई जनता को बताते रहूँगा, अव्यवस्थाओं-खामियों व विफलताओं को उजागर करते रहूँगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के आग लगाने वाले बयान पर राजनीति कम होने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कमलनाथ से जवाब मांगने और भाजपा नेताओं द्वारा एफआईआर करवाये जाने पर कमलनाथ ने पलटवार किया है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि शिवराज सरकार चाहती है कि मैं चुप रहूँ, जनता की आवाज़ ना उठाऊँ और उनके हक़ की लड़ाई ना लडू, लेकिन मैं चुप नहीं बैठूँगा। जीवन की आखरी साँस तक जनता के हित की लड़ाई लड़ता रहूँगा, कोई एफआईआर मुझे दबा नहीं सकती है ।

 

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कमलनाथ ने सोमवार को प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छुपाती रहे, मैं सच्चाई उजागर ना करूँ और चुप रहूँ? प्रदेश में लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिले, इलाज नहीं मिले और उनकी तड़प-तड़प कर मौत होती रहे और मैं चुप रहूँ? प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत हो जाये, सरकार 16 वर्ष में प्रदेश में एक भी ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवा पाये और मैं चुप रहूँ? प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन व जीवन रक्षक दवाइयों की कमी से लोगों की जान जाती रहे, उसकी कालाबाजारी होती रहे और मैं चुप रहूँ? प्रदेश के हजारों नागरिकों की सरकार की लापरवाही, नाकारापन से मौत हो जाये, इसके दोषियों के खिलाफ मैं कुछ ना बोलूँ  और चुप रहूँ ?

 

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उन्होंने कहा कि तमाम चेतावनियों के बावजूद प्रदेश में इलाज-बेड-ऑक्सीजन-इंजेक्शन की एक वर्ष की शिवराज सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण प्रदेश में हजारों बेगुनाह लोगों की मौत हो जाये और मै चुप रहूँ? प्रदेश में टेस्टिंग कम हो, उसकी रिपोर्ट भी कई-कई दिन तक नहीं मिले, जनता परेशान होती रहे, भटकती रहे और मैं चुप रहूँ? प्रदेश के लोगों को वैक्सिंग नहीं लगे, वो परेशान होती रहे, वैक्सीन के अभाव में संक्रमित होती रहे और मैं चुप रहूँ? प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति भयावह हो जाये, लोगों को ना इलाज मिले, ना डॉक्टर और ना दवाई और उसके बावजूद मैं चुप रहूँ? प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर मैं कोई बात नहीं करूँ, मै बस चुप रहूँ?

 

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिवराज सरकार यही चाहती है इसीलिये वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिये झूठे मुद्दे लाकर मेरी आवाज को दबाने का, मुझे डराने-झुकाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन मेरे साथ प्रदेश की साढे सात करोड़ जनता का स्नेह-प्रेम है। जिसके कारण मेरी आवाज को कोई दबा नहीं सकता है, मुझे कोई डरा-झुका नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हित की आवाज उठाने के लिए मुझ पर कितनी भी एफआईआर दर्ज कर लो, मुझे कोई डर नहीं लगता है। मैं चुप नहीं बैठूँगा, जनता के हक की आवाज उठाता रहूँगा, सरकार की पोल खोलता रहूँगा, वास्तविकता व सच्चाई जनता को बताते रहूँगा, अव्यवस्थाओं-खामियों व विफलताओं को उजागर करते रहूँगा।






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