Kochi Mini Cooper हादसे में जांच निष्पक्ष रहेगी, Ramesh Chennithala ने दी सख्त कार्रवाई की गारंटी

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को कहा कि नेदुंबस्सेरी कार दुर्घटना मामले की जांच में किसी भी तरह का राजनीतिक या अन्य हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस ने तीन युवकों की मौत के मामले में 19 वर्षीय आरोपी सुहैल पर गैर-इरादतन हत्या सहित बीएनएस की कई अतिरिक्त धाराएं लगाई हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अदालत के आदेश पर बोर्स्टल स्कूल भेजा गया है और उसे कानूनन अधिकतम सजा दिलाई जाएगी।
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि कोच्चि के पास मिनी कूपर कार से हुए उस हादसे की जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई थी। इस बीच, पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं। चेन्निथला ने कहा कि सरकार, पुलिस और अभियोजन पक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित अधिकतम सजा मिले।
उन्होंने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेदुंबस्सेरी में जो हुआ, वह बेहद दुखद है। इस घटना ने पूरे केरलम को झकझोर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाला कोई भी व्यक्ति सफल नहीं होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित सजा मिले।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। आरोप है कि कार चला रहा युवक शराब के नशे में था। इस हादसे में करीब 21 वर्ष की उम्र के तीन युवाओं की मौत हो गई।
आरोपी 19 वर्षीय सुहैल कोच्चि का रहने वाला है। हादसे के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अदालत में दाखिल रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन और धाराएं जोड़ी हैं।
शुरुआत में मामला बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दर्ज किया गया था। आगे की जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद इसमें धारा 281, 49 और 3(5) भी जोड़ दी गई हैं। चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि आरोपी को बोर्स्टल स्कूल (युवा सुधार गृह) भेजने का फैसला पुलिस ने नहीं, बल्कि अदालत ने लिया था।
उन्होंने कहा कि संबंधित नियमों के तहत 21 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ऐसे संस्थानों में भेजा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि आरोपी सजा से बच गया है। मंत्री ने इस आशंका को भी खारिज किया कि आरोपी के अलप्पुझा जिले का निवासी होने के कारण मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है कि वह किस जिले का रहने वाला है? कोई मंत्री हस्तक्षेप नहीं करेगा।’’ उन्होंने बताया कि आरोपी उनके जिले का रहने वाला है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र का नहीं है। प्राथमिकी में आरोपी के शराब के नशे में होने का उल्लेख कथित तौर पर नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चेन्निथला ने कहा कि नशे की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच और प्रमाणपत्र जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई दुर्घटना होती है, तो यह पता लगाने के लिए व्यक्ति के खून की तुरंत जांच जरूरी है कि वह शराब के नशे में था या नहीं। चिकित्सकीय प्रमाणपत्र लेना होता है और उसके बाद ही इस तथ्य को दर्ज किया जा सकता है।’’ इस बीच, हादसे में जान गंवाने वाली गोपिका के परिवार ने जांच को लेकर चिंता जताई है और न्याय की मांग की है। गोपिका के पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं।
गोपिका के पिता ने कहा कि उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत से अपने बच्चों का पालन-पोषण किया था। गोपिका अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेश जाने की तैयारी कर रही थी। गोपिका के पिता ने कहा, ‘‘हम न्याय चाहते हैं।
हमें और कुछ नहीं चाहिए।’’ परिवार ने पीड़ितों के बारे में सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों, खासकर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की टिप्पणियों पर भी दुख जताया है। पुलिस ने बताया कि सुहैल की मां ने उसे जन्मदिन पर महंगी कार उपहार में दी थी। पुलिस को कथित तौर पर ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें वह 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से कार चलाता दिखाई देता है।
हादसे के समय कार में मौजूद उसके दोस्त निनव, अमीर और जोएल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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