इंदौर के एक अस्पताल में लिफ्ट गिरी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित लिफ्ट में मौजूद थे पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 21, 2021   20:36
  • Like
इंदौर के एक अस्पताल में लिफ्ट गिरी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित लिफ्ट में मौजूद थे पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता

वरिष्ठ नेता रामेश्वर पटेल की तबियत जानने इंदौर के डीएनएस अस्पताल पहुँचे थे, जहाँ लिफ्ट वह लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हुए, तभी लिफ़्ट अचानक धड़ाम से 10 फीट नीचे गिर पड़ी और लिफ्ट में धूल और धुएँ का गुबार भरा गया

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी व देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सहित पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी सहित इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर पटेल की तबियत जानने इंदौर के डीएनएस अस्पताल पहुँचे थे, जहाँ लिफ्ट वह लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हुए, तभी लिफ़्ट अचानक धड़ाम से 10 फीट नीचे गिर पड़ी और लिफ्ट में धूल और धुएँ का गुबार भरा गया, लिफ्ट के दरवाजे लॉक हो गए और करीब 10 से 15 मिनट बाद बमुश्किल औज़ार ढूंढ कर लिफ्ट का लॉक खोला गया।

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में एक बार फिर बढ़ा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा, 257 नये मामले, 04 लोगों की मौत

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के आज इंदौर के डीएनएस अस्पताल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल जी की तबीयत देखने जाते समय लिफ्ट के गिर जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह सुरक्षा में बड़ी लापरवाही व चूक है, इसकी जांच हो और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई हो। इस अस्पताल का निर्माण अभी-अभी हुआ है। 

 

इसे भी पढ़ें: चम्बल के संत हरिगिरी महाराज शराबबंदी के खिलाफ मुरैना से शुरू करेंगे अभियान

सलूजा ने बताया कि कमलनाथ जी सहित सभी नेता सुरक्षित है, लेकिन यह सुरक्षा में बड़ी चूक व लापरवाही है, इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए, अस्पताल प्रबंधन पर भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। कमलनाथ के साथ इस हादसे के दौरान लिफ्ट में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक विशाल पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल व उनके सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept