ममता बनर्जी की वोटबैंक की राजनीति के कारण बंगाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य की स्थिति विकट हुई: भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 29, 2020   21:32
ममता बनर्जी की वोटबैंक की राजनीति के कारण बंगाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य की स्थिति विकट हुई: भाजपा

राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर कोरोना संक्रमण एवं मौत के सही आंकड़े नहीं जारी करने का आरोप लगाया है।

नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने बुधवार को दावा किया कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में राज्य में लॉकडाउन का पालन करवाने में पूरी तरह से असफल रहने के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य का विकट संकट खड़ा हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष को तीखे शब्दों में लिखे पत्र में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के मुकाबले की जगह राजनीति में जुटी हुई हैं और उनकी शर्मनाक तुष्टिकरण की नीति के कारण मुस्लिम समुदाय के सदस्य लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। भाजपा के प्रदेश मामलों के प्रभारी विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बनर्जी ने भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रतिकार की नीति अपनायी है और महामारी से मुकाबले के बजाय, गंदी राजनीति के कारण मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री और प्रदेश के राज्यपाल के प्रति टकराव भरा का रवैया रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस से जुड़े मामलों में प्रदेश में जांच शर्मनाक ढंग से अपर्याप्त है। उन्होंने इस संदर्भ में कुछ दूसरे राज्यों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वास्तविक स्थिति और विकट हो सकती है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण और मौत के मामले छिपाये जा रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर कोरोना संक्रमण एवं मौत के सही आंकड़े नहीं जारी करने का आरोप लगाया है। वहीं, ममता बनर्जी ने केंद्रीय प्राधिकार पर भाजपा की शह पर काम करने का आरोप लगाया और अपने ऊपर लगाये गए आरोपों को खारिज किया है। राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। बहरहाल, ममता बनर्जी को लिखे छह पन्नों के पत्र में विजयवर्गीय ने कहा, ‘‘ ममता जी, भाजपा से लड़ाई के मौके और आयेंगे। यह समय आसन्न स्थानीय निकाय चुनाव में और अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के समय आयेगा। लेकिन अभी समय कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई का है।’’ 

इसे भी पढ़ें: विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 के कारण लागू पाबंदियां मई अंत तक जारी रहें: ममता

ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने हावड़ा में मुस्लिमों के एक समूह द्वारा पुलिसकर्मियों पर कथित हमले की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल को पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार से टिकियापाड़ा में पुलिस पर हमले किये गये हैं। इन लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यह शर्मनाक और निंदनीय हैं। विजयवर्गीय ने कहा, ‘‘ इस समय आपको वोट बैंक की राजनीति छोड़कर तत्काल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने पुलिस पर हमला किया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सांसदों और विधायकों को राहत सामग्री वितरण करने में बाधा पैदा की जा रही है, एफआईआर दर्ज की जा रही हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेता, विधायक और कार्यकर्ता खुलेआम राशन सामग्री वितरित कर रहे हैं, इसमें मुख्यमंत्री भेदभाव कर रही हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।