UP चुनाव में दीदी की एंट्री, सपा के लिए करेंगी प्रचार, अखिलेश के साथ आए इतने विपक्षी दल

अखिलेश भले ही बंगाल चुनाव में दीदी के लिए प्रचार करने नहीं पहुंचे थे, लेकिन ममता बनर्जी को उन्होंने खुला समर्थन दिया था। अब उसी कर्ज की वापसी ममता लखनऊ दौरे से करने जा रही हैं। जिसका ऐलान रैली और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हो सकता है।
अब तक ममता के नारों का इस्तेमाल यूपी की राजनीति में हो रहा था। अब खुद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी राजनीति में खेल करने पहुंच रही हैं। वो आज लखनऊ आ रही हैं जहां अखिलेश के साथ बैठक करेंगी और 8 फरवरी को ममता अखिलेश के पक्ष में वर्चुअल रैली भी करेंगी। अखिलेश भले ही बंगाल चुनाव में दीदी के लिए प्रचार करने नहीं पहुंचे थे, लेकिन ममता बनर्जी को उन्होंने खुला समर्थन दिया था। अब उसी कर्ज की वापसी ममता लखनऊ दौरे से करने जा रही हैं। जिसका ऐलान रैली और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हो सकता है। खुद अखिलेश यादव भी चाहते थे कि दीदी यूपी में उनकी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करे।
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अब तक सपा को क्षेत्रिय दलों के साथ-साथ एनसीपी, आरजेडी समर्थन दे चुके हैं। जिसके बाद अब टीएमसी का साथ भी उन्हें मिल रहा है। हालांकि सीएम ममता बनर्जी पहले ही साफ कर चुकी हैं कि उनकी पार्टी यूपी में चुनाव नहीं लड़ेंगी। टीएमसी का यूपी में जनाधार भी नहीं है। लेकिन ममता का समर्थन अखिलेश की ताकत को और बढ़ाएगा। सबसे ज्यादा ये 2022 से आगे बढ़कर ममता का 2024 का प्लान है, जिसमें वो अपनी पीएम की दावेदारी के लिए क्षेत्रिय दलों से हाथ मिला रही हैं।
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ममता बनर्जी यूपी के बंगाली बाहुल्य इलाके में अखिलेश के लिए समर्थन मांगती दिख सकती हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बंगाल भाषीय लोग अपनी सुरक्षा को लेकर दलों का समर्थन करते हैं। हालांकि कहा ये भी जाता है कि प्रदेश के बंगाली समुदाय के लोगों पर बंगाल की राजनीति का प्रभाव कम ही है। बता दें कि प्रदेश में पहले चरण की वोटिंग में अभी तीन दिन का वक्त शेष है। 10 फरवरी को राज्य में वोटिंग होनी है।
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