बंगाल में ममता 'दीदी' की होगी वापसी तो बाकी राज्यों में किसकी बनेगी सरकार, देखें ओपिनियन पोल

modi_mamata_rahul_vijayan
अनुराग गुप्ता । Mar 25, 2021 11:26AM
ओपिनियन पोल में 294 विधानसभा सीटों वाले बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 152 से 168 सीटें मिल सकती हैं। वहीं भाजपा को 104 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है।

कोलकाता। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सी वोटर का ओपिनियम पोल सामने आया है। जिसमें बताया गया है कि कौन सी पार्टी मजबूत स्थिति में है तो किस पार्टी को पिछले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नुकसान उठाना पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का चुनावी शोर आज (गुरुवार) शाम 5 बजे थम जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: केंद्र ने भाजपा नेता मुकुल राय की VIP सुरक्षा बढ़ाई, अब 'जेड' श्रेणी का मिला कवर 

पश्चिम बंगाल

पांचों राज्यों में पश्चिम बंगाल को सबसे अहम माना जा रहा है क्योंकि यहां पर तृणमूल कांग्रेस के साथ भाजपा की सीधी टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं भाजपा जिसका पिछले विधानसभा चुनावों में चौथा नंबर था लेकिन अब पार्टी सीधे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को टक्कर देते हुए दिखाई दे रही है। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन का वोटबैंक गिरता हुआ नजर आ रहा है।

हिन्दी न्यूज चैनल एबीपी न्यूज और सी-वोटर के ओपिनियन पोल में 294 विधानसभा सीटों वाले बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 152 से 168 सीटें मिल सकती हैं। वहीं भाजपा को 104 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस और लेफ्ट को 18 से 26 सीटें मिलने की संभावना है।

वोट के मामलों में तृणमूल को 42 फीसदी, भाजपा को 37 फीसदी और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को 13 फीसदी मिलने का अनुमान है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच 5 फीसदी वोटों का ही अंतर शेष बचा हुआ है। लोकसभा चुनावों के बाद से भाजपा ने विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी थी। जिसका असर ओपिनियन पोल में दिखाई दे रहा है। 

इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की संपत्ति में आई 45.08 फीसदी की कमी, 2016 में थी 30.45 लाख रुपए 

सी-वोटर के इस ओपिनियन पोल में ममता बनर्जी की सत्ता में एक बार फिर से वापसी दिखाई दे रही है। हालांकि पिछले चुनावों के मुकाबले पार्टी को सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

असम

126 विधानसभा सीटों वाले असम में तीन चरणों में चुनाव होने हैं। जबकि पहले चरण का चुनावी शोर आज शाम 5 बजे थम जाएगा। यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच में कड़ा मुकाबला हो सकता है। ओपिनियन पोल के मुताबिक भाजपा गठबंधन को 65 से 73 सीटें, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 52 से 60 सीटें मिल सकती हैं। जबकि अन्य को 4 सीटें मिलने की संभावना है।

तमिलनाडु

तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी हो सकती है। ओपिनियन पोल के मुताबिक 234 सदस्यों वाली विधानसभा में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को 173 से 181 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन को काफी ज्यादा सीटों का नुकसान होता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बार अन्नाद्रमुक-भाजपा 45 से 53 सीटों पर सिमट सकता है। जबकि अन्य के खाते में 2 से 14 सीटें जाती हुई दिख सकती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक प्रदेश में मुख्यमंत्री चेहरे के लिए जनता ने एम के स्टालिन को अपनी पहली पसंद जबकि अन्नाद्रमुक के ई के पलानीस्वामी को दूसरी पसंद के तौर पर चुना है। 

इसे भी पढ़ें: बंगाल में 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी भाजपा, असम में बढ़ेगी सीटों की संख्या: अमित शाह 

केरल

केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच में सत्ता का स्थानांतरण होता रहता है। ऐसे में ओपिनियन पोल इस स्थानांतरण को छुटला रहा है। सत्ता में काबिज पिनराई विजयन की सरकार की फिर से वापसी हो सकती है। 140 सदस्यों वाली विधानसभा में पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले गठबंधन (एलडीएफ) को 71 से 83 सीटें मिल सकती हैं। जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ को 56 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके अलावा राज्य में खुद को एलडीएफ और यूडीएफ का विकल्प बताने वाली पार्टी भाजपा को महज 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना है।

पुडुचेरी

पुडुचेरी में चुनाव से पहले सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। यहां से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के लिए खुशखबरी है। 30 सदस्यों वाले विधानसभा में एनडीए को 19 से 23 सीटें मिल सकती हैं। जबकि यूपीए को 7 से 11 सीटें मिलने की संभावना है। अगर ओपिनियन पोल के आंकड़े परिणाम में तब्दील होते हैं तो यहां पर भाजपा का मुख्यमंत्री होगा।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़