मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा, Lok Sabha और Rajya Sabha अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

मॉनसून सत्र 2026 में लोकसभा और राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे सत्र का समापन हो गया। इस दौरान कामकाज बहुत कम हुआ, प्रश्नकाल नहीं हुआ और कई विधेयक बिना पर्याप्त बहस के ही पारित कर दिए गए, जो संसदीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। विपक्ष ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर चंदे की कथित चोरी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर लगातार हंगामा किया।
गुरुवार 13 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही मॉनसून सत्र समाप्त हो गया, जिसमें कामकाज बहुत कम हुआ। सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं हुआ और कई बिल बिना बहस के ही पास कर दिए गए। विपक्ष ने NEET पेपर 'लीक', राम मंदिर चंदे की 'चोरी' और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान जैसे मुद्दों पर बार-बार हंगामा किया।
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आखिरी दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजने के कुछ ही देर बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों मौजूद थे। वहीं, राज्यसभा ने चर्चा के बाद 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' पास कर दिया। उच्च सदन की कार्यवाही कुल 37 घंटे 49 मिनट तक चली और 12 बिलों पर पास करने या लौटाने के लिए विचार किया गया। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने समापन भाषण में इस सत्र के दौरान लगातार हंगामे पर अफसोस जताया। बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले राज्यसभा में भी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का मुद्दा उठाया। यह घटना 8 अगस्त, 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष की रैली के बाद हुई थी। खड़गे ने कहा कि छुआछूत की इस हरकत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। यही मेरी मांग है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में बीजेपी का हाथ था। इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इस मामले को गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने को कहा।
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सभापति राधाकृष्णन ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पार्टी या विचारधारा से परे हम सभी इसकी निंदा करते हैं। हम सभी पवित्र हैं और हमें शुद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह इस मामले की जांच कराए और दोषियों को सजा दे। इसमें कोई दो राय नहीं है। मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में मकर द्वार पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच विरोध-प्रदर्शन को लेकर आमना-सामना हुआ।
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