NEET Paper Leak पर BJP-Congress में घमासान, Rahul Gandhi के आरोपों पर भाजपा का जोरदार पलटवार

नीट पेपर लीक विवाद पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए इस्तीफे की मांग की है, जिसके जवाब में भाजपा ने कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए अपनी सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और सीबीआई जांच का बचाव किया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। इसके साथ ही उन्होंने बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से न हटाए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी की इस मांग को विपक्ष के कई बड़े नेताओं का साथ मिला है, जबकि भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए उन्हें इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की सलाह दी है।
साल 2024 और 2026 के मामलों की तुलना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने साल 2024 और 2026 के नीट पेपर लीक मामलों से निपटने के सरकार के तरीके की तुलना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से देश के सामने खड़े सवालों के जवाब देने की मांग की।
राहुल गांधी ने पोस्ट में उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सरकार के कामकाज पर निशाना साधते हुए लिखा, "नीट 2024 का पेपर लीक हुआ, लेकिन परीक्षा रद नहीं हुई और न ही मंत्री ने इस्तीफा दिया। तब सीबीआई जांच शुरू हुई और एक समिति बनाई गई। अब नीट 2026 का पेपर लीक हुआ, तो परीक्षा रद कर दी गई, लेकिन मंत्री ने अभी भी इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर से जांच कर रही है और एक और समिति बनाई जाएगी। पीएम मोदी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है - उनके जवाब दीजिए! पेपर बार-बार लीक क्यों हो रहे हैं? इस 'परीक्षा पेपर चर्चा' पर आप हमेशा चुप क्यों रहते हैं? आप उस शिक्षा मंत्री को पद से क्यों नहीं हटा रहे, जो बार-बार नाकाम साबित हो रहे हैं?"
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का मिला समर्थन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भी राहुल गांधी की इस मांग का खुलकर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की बात कही थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा और आरएसएस के गठजोड़ ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सिद्धरमैया ने कर्नाटक के एक लाख से अधिक छात्रों समेत देश के 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने में पूरी तरह फेल रही है, जिससे छात्र अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद कर दिया गया था।
भाजपा का पलटवार
दूसरी तरफ, भाजपा ने नीट यूजी 2026 मामले पर सरकार का बचाव करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर पलटवार किया है। भाजपा नेता भंडारी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही तुरंत और कड़ी कार्रवाई की है और सरकार हमेशा छात्रों के हितों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि अनियमितताओं का पता चलते ही परीक्षा को तुरंत रद किया गया और छात्रों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा भी कर दी गई है।
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कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड की याद दिलाई
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले पर राजनीति करना बंद करना चाहिए। दूसरों को सीख देने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए एआईपीएमटी लीक, एसएससी घोटाले, सीबीएसई पेपर लीक और कांग्रेस शासित राज्यों में हुए भर्ती घोटालों के भयावह रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि आरोपों के सामने आते ही केंद्र सरकार ने तुरंत मामला सीबीआई को सौंप दिया था और खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर इस पूरे मुद्दे की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
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