कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के बाद अब देश से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने की तैयारी: योगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 29, 2020   15:56
  • Like
कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के बाद अब देश से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने की तैयारी: योगी
Image Source: Google

विपक्ष, खास तौर पर राजद पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि चुनाव में मतदान के जरिये जातिवादी एवं वंशवादी ताकतों को परास्त करना है। तेजस्वी यादव का नाम लिये बिना योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 15 साल पहले बिहार के युवा अपनी पहचान छुपाने के लिए मजबूर थे और ऐसा संकट पैदा करने वाले लोग आज बिहार में फिर से रोजगार का झुनझुना दिखाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।

दरौंदा (सिवान)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजद-कांग्रेस-भाकपा माले महागठबंधन पर बिहार में दोबारा ‘जंगलराज’ लाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के बाद देश से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने की तैयारी चल रही है। योगी आदित्यनाथ ने सिवान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खास तौर पर अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण, एक बार में तीन बार तलाक के खिलाफ कानून बनाने एवं जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बिहार के विकास के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में पुन: सरकार बनाए जाने पर बल दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ याद कीजिये, कुछ वर्षों पहले बिहार के सामने पहचान का संकट था। जंगलराज की स्थिति किन लोगों ने पैदा की थी? आज वे फिर से ताक में हैं।इन जातिवादी और वंशवादी ताकतों को परास्त करना है।’’

विपक्ष, खास तौर पर राजद पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि चुनाव में मतदान के जरिये जातिवादी एवं वंशवादी ताकतों को परास्त करना है। तेजस्वी यादव का नाम लिये बिना योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 15 साल पहले बिहार के युवा अपनी पहचान छुपाने के लिए मजबूर थे और ऐसा संकट पैदा करने वाले लोग आज बिहार में फिर से रोजगार का झुनझुना दिखाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ जातिवाद के नाम पर परिवारवाद को बढ़ावा देकर और परिवारवाद के जरिये भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर इन्होंने बिहार को बर्बाद कर दिया। ’’ उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं की प्रतिभा का पूरी दुनिया लोहा मानती है, लेकिन जातिवादी एवं परिवारवादी ताकतों ने राज्य के युवाओं की प्रतिभा को कुंद किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 15 वर्षो में बिहार को विकास के पथ पर ला कर आगे बढ़ाया गया है। 

इसे भी पढ़ें: प्रियंका ने सीएम योगी को लिखा पत्र, बुनकरों को एक समान दर पर बिजली उपलब्ध कराने का किया आग्रह

विपक्षी महागठबंधन पर तीखा प्रहार हुए उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और राजद ने समाज विरोधी और हिंसा फैलाने वाली ताकतों से गठजोड़ किया है और ये राज्य में विकास को बाधित करना चाहते हैं। राजद-कांग्रेस-भाकपा माले महागठबंधन बिहार में दोबारा ‘जंगलराज’ लाना चाहते हैं।’’ योगी ने कहा, ‘‘लेकिन वे सुन लें कि कश्मीर में आतंकवाद के खात्मे के बाद अब नक्सलवाद को देश से उखाड़ फेंकने की तैयारी चल रही है। अब भारत की धरती पर नक्सलवाद का निशान नहीं रहेगा।’’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘अयोध्या में जब राम मंदिर बनाने की बात चलती थी तब लोग पूछते थे कि मंदिर कब बनेगा। 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भव्य राम मंदिर का शिलान्यास किया और हमने 500 वर्षों की टीस को दूर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि माता सीता के बिना राम अधूरे हैं, ऐसे में मेरी इच्छा थी कि उनके मायके बिहार के हर गांव से लोग समारोह में आए लेकिन कोरोना के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। लेकिन हम कहना चाहते हैं कि तीन-चार वर्षो में जब मंदिर बन जायेगा तब बिहार के लोगों को अयोध्या बुलाने की व्यवस्था होगी। कश्मीर का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऐसी व्यवस्था की थी कि कोई वहां जमीन नहीं खरीद सकता था लेकिन अब बिहार का भी कोई व्यक्ति कश्मीर में जमीन खरीद सकता है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:30
  • Like
भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग
Image Source: Google

भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने  प्रदेश की राजधानी  भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भोपाल की यह टेकरी ऐतिहासिक रूप से गुरु नानक देव जी की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। वही रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद शहर का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की वकालत की है। 

इसे भी पढ़ें: नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह

भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे। यहां गुरु नानक देव जी उसी टेकरी पर आए थे, जिसे ईदगाह हिल्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले इस टेकरी को गुरुनानक टेकरी कहा जाता था, लेकिन बाद में यहां ईदगाह बन गई और उसका नाम ईदगाह हिल्स पड़ गया। अब इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए। वही रामेश्वर शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम किया जाना चाहिए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:00
  • Like
नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह
Image Source: Google

भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर, मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है।

होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नर्मदा और गौ संरक्षण की मांग को लेकर बीते 46 दिनों से सत्याग्रह कर रहे संत भैयाजी सरकार ने सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा से जिले के बांद्राभान संगम तट पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उनके साथ नर्मदा मिशन से जुड़े कई संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा सत्याग्रह किया जा रहा है। मां नर्मदा की पूजन अर्चन के साथ सत्याग्रह सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गया है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सैंकड़ों लोग जुड़ते जा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला

भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर,  मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है। ब्रांदाभान में सत्याग्रह से पूर्व संत भैयाजी सरकार ने कहा कि माँ नर्मदा के रिपेरियन जोन जो कि 300 मीटर में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया है, इस तटीय क्षेत्र को संरक्षित करने, माँ नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देने की मांग, गौ संरक्षण, गौचर विकास की मांग को लेकर सत्याग्रह जारी है। उन्होंने बताया कि नर्मदा गौ सत्याग्रह जनजागरण जन आंदोलन समिति मध्य प्रदेश के द्वारा यह सत्याग्रह किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के अनेक संगठन शामिल हो रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: जबलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 50 लाख के साथ दो नाबालिग लड़कियों को पकड़ा

ये हैं प्रमुख मांगे

- हाईकोर्ट के आदेशानुसार नर्मदा के दोनों ओर 300 मीटर तक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर तत्काल संरक्षित किया जाए।

- मां नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देकर ठोस नीति व कानून बनाए जाए।

- हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, भंडारण, खनन प्रतिबंधित किया जाए। 

- अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र में हो रहे निर्माण अतिक्रमण खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।

- नर्मदा के जल में मिल रहे गंदे नालों विषेले रासायनों को बंद करने व अपशिष्ट द्रव्य पदार्थों के प्रबंधन हेतु प्रभावी ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।

- बेसहारा गौ वंश के लिए आरक्षित नगरीय निकायों की गौचर भूमि को संरक्षित किया जाए एवं अवैध अतिक्रमण निर्माण कब्जा से मुक्त कराया जाए।

- नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव नगरों को जैवविविधता क्षेत्र घोषित कर समग्र गौ-नीति, गौ अभ्यारण बनाया जाए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   22:41
  • Like
अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला
Image Source: Google

मंडला के बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में रविवार रात उसने दो ग्रामीणों पर हमला किया। सीसीएफ जबलपुर एचडी मेहिले का कहना है कि खतरनाक हो चुके राम का रेस्क्यू करने के लिए कान्हा व पेंच के डायरेक्टर मंडला वन विभाग की टीम के साथ उसे ट्रेंक्युलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं।

मंडला। अपने साथी बलराम की मौत के बाद हाथी राम हिंसक हो गया है। बीती रात मंडला जिले में उसने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हालांकि दोनों ही बच गए। इधर, हाथी बलराम के हिंसक होने पर वन अधिकारियों ने उसे ट्रेंक्युलाइज करके रेस्क्यू करने के प्रयास तेज कर दिये हैं। जबलपुर वन मंडल के बरगी के मोहास में हाथी बलराम (20) की शिकारियों द्वारा बिछाए गए करंट से मौत के बाद उसका साथी राम बेकाबू हो गया है। वह काफी गुस्से में है।

 

इसे भी पढ़ें: जबलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 50 लाख के साथ दो नाबालिग लड़कियों को पकड़ा

मंडला के बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में रविवार रात उसने दो ग्रामीणों पर हमला किया। सीसीएफ जबलपुर एचडी मेहिले का कहना है कि खतरनाक हो चुके राम का रेस्क्यू करने के लिए कान्हा व पेंच के डायरेक्टर मंडला वन विभाग की टीम के साथ उसे ट्रेंक्युलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं। मंडला डीएफओ कमल अरोड़ा का कहना है कि राम हाथी की सोमवार को लोकेशन टिकरिया रेंज में मिली है। कान्हा नेशनल पार्क के डायरेक्टर एसके सिंह और पेंच के विक्रम सिंह परिहार की अगुवाई में वन विभाग की टीम टिकरिया रेंज में पहुंच चुकी है। हाथी राम को ट्रेंक्युलाइज कर कान्हा नेशनल पार्क ले जाया जाएगा। कर्नाटका के विशेषज्ञों से भी बातचीत चल रही है। 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के शहडोल में छह बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री ने दिए जाँच के निर्देश

जबलपुर वन विभाग का अमला बीते तीन दिनों से राम हाथी की लोकेशन पता करने में लगा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार को उसके पग मार्क जरूर नेवास रोड पर मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में पाए गए थे। रविवार शाम सात बजे के लगभग मनेरी से वह बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में पहुंच गया था, जो बरगी के मोहास से 45 किमी दूर है। राम हाथी सबसे पहले बीजाडांडी क्षेत्र के भैसवाही गांव निवासी भगत सिंह बैगा (45)  के खलिहान में घुस आया। उसने भगत सिंह के पीठ पर दांत से हमला कर घायल कर दिया। यहां ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह खेतों की ओर भाग गया।

 

इसे भी पढ़ें: माँ के साथ गाली गलौज कर रहे पिता पर पुत्र ने किया प्राणघातक हमला, इलाज के दौरान हुई मौत

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती बीजाडांडी निवासी भगत सिंह ने बताया कि खलिहान में धान खा रहे हाथी को भैंस समझकर भगाने गए थे, तभी उसने हमला कर दिया। वहीं, नगरार गांव निवासी राजकुमार यादव (55) खेत में रखवाली करने गए थे। राम हाथी ने गुस्से में उन्हें सूंड से धक्का देकर गिरा दिया। राजकुमार यादव के मुताबिक हाथी उन्हें रौंदने के लिए आगे बढ़ा था। उसने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। हाथी ने दूर तक उसका पीछा भी किया था। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।