लोग निर्वाचित प्रतिनिधियों से अनुशासन की उम्मीद करते हैं: राष्ट्रपति कोविंद

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 25, 2020   14:52
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लोग निर्वाचित प्रतिनिधियों से अनुशासन की उम्मीद करते हैं: राष्ट्रपति कोविंद

नर्मदा जिले के केवडिया गांव में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निकट टेंट सिटी में 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा सदन में असंसदीय के इस्तेमाल और अनुशासनहीनता से उनका चुनाव करने वाले लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।

केवडिया (गुजरात)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद और विधानसभाओं में स्वस्थ संवाद करना चाहिए और सदन में चर्चा के दौरान असंसदीय के इस्तेमाल से बचना चाहिए। नर्मदा जिले के केवडिया गांव में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निकट टेंट सिटी में 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा सदन में असंसदीय के इस्तेमाल और अनुशासनहीनता से उनका चुनाव करने वाले लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा, “निर्वाचित प्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध रहेंगे। निर्वाचित प्रतिनिधियों और लोकतांत्रिक संस्थानों के लिये लोगों की उम्मीदों को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।”

कोविंद ने कहा, “मेरा मानना है कि देश के लोग उम्मीद करते हैं कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधि संसदीय मान्यताओं का पालन करें। जब उनके निर्वाचित प्रतिनिधि असंसदीय का इस्तेमाल करते हैं या संसद अथवा विधानसभा में अनुशासनहीनता करते नजर आते हैं तो लोग आहत होते हैं।” उन्होंने चर्चा के दौरान अनावश्यक कड़वाहट को दूर करने के लिये अध्यक्षों से सदन में स्वस्थ संवाद के अवसर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सत्ताधारी दल के साथ ही विपक्ष की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिये दोनों के बीच समझ,सहयोग और विचारों के अर्थपूर्ण आदान-प्रदान की जरूरत है।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश में कोरोना के 185 नये मामले, 06 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 28, 2021   08:35
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मध्य प्रदेश में कोरोना के 185 नये मामले, 06 लोगों की मौत

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार देर शाम जारी कोरोना से संबंधित हेल्थ बुलेटिन में दी गई। नये मामलों में इंदौर-21, भोपाल-60, जबलपुर-16 के अलावा अन्य जिलों में 10 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 22 जिले ऐसे हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना के नये मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 185 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 06 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या दो लाख 54 हजार 270 और मृतकों की संख्या 3799 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार देर शाम जारी कोरोना से संबंधित हेल्थ बुलेटिन में दी गई। नये मामलों में इंदौर-21, भोपाल-60, जबलपुर-16 के अलावा अन्य जिलों में 10 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 22 जिले ऐसे हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

 

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बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 16,413 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 185 पॉजिटिव और 16,228 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 38 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.1 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,54,085 से बढ़कर 2,54,270 हो गई है। इनमें सबसे अधिक इंदौर में 57,359, भोपाल-42,312, ग्वालियर 16,370, जबलपुर 16,195, खरगौन 5398, सागर 5358, उज्जैन 4929, रतलाम-4673, रीवा-4091, धार-4084, होशंगाबाद 3826, शिवपुरी-3630, विदिशा-3591, बैतूल-3566. नरसिंहपुर 3503, सतना-3458, मुरैना 3231, बालाघाट-3153, नीमच 3026, शहडोल 2981, देवास-2935, बड़वानी 2898, छिंदवाड़ा 2830, मंदसौर 2819, सीहोर-2789, दमोह-2756, झाबुआ 2500, रायसेन-2459, राजगढ़-2406, खंडवा 2333, कटनी 2248, हरदा-2125, छतरपुर-2099, अनूपपुर 2090, सीधी 2006, सिंगरौली 1906, दतिया 1898, शाजापुर 1788, सिवनी 1573, गुना-1548, भिण्ड-1500, श्योपुर 1474, उमरिया-1302, टीकमगढ़ 1302, अलीराजपुर 1294, मंडला-1219, अशोकनगर-1133, पन्ना 1116, डिंडौरी 985, बुरहानपुर 869, निवाड़ी 679 और आगरमालवा 657 मरीज शामिल हैं।

 

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राज्य में आज कोरोना से 06 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, बैतूल, बड़वानी और दमोह के एक-एक मरीज शामिल हैं। इसके बाद राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3793 से बढ़कर 3799 हो गई है। मृतकों में सबसे अधिक इंदौर के 924, भोपाल 607, ग्वालियर-224, जबलपुर-251, खरगौन-105, सागर-149, उज्जैन 104, रतलाम-80, धार-58, रीवा-35, होशंगाबाद-61, शिवपुरी-30, विदिशा-71, नरसिंहपुर-30, सतना-42, मुरैना-29, बैतूल-74, बालाघाट-14, शहडोल-30, नीमच-37, देवास-27, बड़वानी-30, छिंदवाड़ा-45, सीहोर-48, दमोह-87, मंदसौर-35, झाबुआ-27, रायसेन-46, राजगढ़-66, खंडवा-63, कटनी-17, हरदा-35, छतरपुर-32, अनूपपुर-14, सीधी-13, सिंगरौली-26, दतिया-20, शाजापुर-22, सिवनी-10, भिण्ड-10, गुना-26, श्योपुर-15, टीकमगढ़-27, अलीराजपुर-15, उमरिया-17, मंडला-10, अशोकनगर-17, पन्ना-04, डिंडौरी-01, बुरहानपुर-27, निवाड़ी-02 और आगरमालवा-10 व्यक्ति शामिल है।

 

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बुलेटिन में राहत की खबर यह है कि राज्य में अब तक 2,47,418 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें 345 मरीज बुधवार को स्वस्थ हुए। अब प्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरण 3,053 हैं। वही मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन का काम जारी है। बुधवार को वैक्सीनेशन का छठवां दिन था और आज राज्यभर में 1058 केन्द्रों पर 64,596 हितग्राहियों को टीके लगाए गए। इस प्रकार अब तक कुल एक लाख 32 हजार 064 हितग्राहियों का टीकाकरण हो चुका है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


लाल किला हिंसा मामले में अभिनेता दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ मामला दर्ज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   08:29
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लाल किला हिंसा मामले में अभिनेता दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ मामला दर्ज

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की प्रासंगिक धाराओं के तहत उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है।

नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में अभिनेता दीप सिद्धू और ‘गैंगस्टर’ से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना के नाम लिए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की प्रासंगिक धाराओं के तहत उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है। 

इसे भी पढ़ें: भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने अपना धरना वापस लिया, 57 दिनों बाद चिल्ला बॉर्डर फिर से खोला गया 

प्राथमिकी में प्राचीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों और अवशेष अधिनियम तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों को भी जोड़ा गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक लाल किला 27 जनवरी से 31 जनवरी तक आगंतुकों के लिए बंद रहेगा।





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भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने अपना धरना वापस लिया, 57 दिनों बाद चिल्ला बॉर्डर फिर से खोला गया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   08:21
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भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने अपना धरना वापस लिया, 57 दिनों बाद चिल्ला बॉर्डर फिर से खोला गया

नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया।

नोएडा। नये कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना तथा राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने धरना वापस लिया है। वहीं लोक शक्ति दल ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया। मालूम हो कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नये कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 57 दिनों से बंद था। 

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भारतीय किसान यूनियन (भानू)के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कल ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लालकिले पर एक धर्म विशेष का झंडा फहराया गया, उससे भी वह दुखी हैं। ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि भारत का झंडा तिरंगा है तथा वह तिरंगे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कल के घटनाक्रम से वह काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि 58 दिनों से जारी चिल्ला बॉर्डर का धरना वह खत्म कर रहे हैं। इस बाबत पूछने पर अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में ही किसान धरना स्थल को छोड़ देंगे तथा यहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि वह ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा करने एवं अराजकता फैलाने वाले किसान बिल्कुल नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘संसद और लालकिला पूरे देश की शान है। लाल किले की प्राचीर पर तिरंगे का अपमान किया गया है वह नाकाबिले बर्दाश्त है।’’ 

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उन्होंने कहा कि लालकिले की प्राचीर पर एक समुदाय विशेष का झंडा फहराये जाने के मामले की जांच होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके। मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरे किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची है। बीकेयू (लोकशक्ति) के प्रवक्ता ने कहा कि ‘जो भी दिल्ली में हुआ वह नहीं होना चाहिए था। हम उसकी निंदा करते हैं और हम किसी भी हिंसा के खिलाफ हैं। हमने घटनाओं के संबंध में भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह की अध्यक्षता में आज एक बैठक की और निर्णय किया कि हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।





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