बुरेवी तूफान: PM ने की तमिलनाडु और केरल के CMs से बात, दिलाया पूरी मदद का भरोसा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 2, 2020   20:53
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बुरेवी तूफान: PM ने की तमिलनाडु और केरल के CMs से बात, दिलाया पूरी मदद का भरोसा

केरल के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत पर उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान बुरेवी के कारण बन रहे हालात पर विजयन के साथ उनकी चर्चा हुई है और केंद्र सरकार केरल को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों से बात की तथा चक्रवाती तूफान ‘बुरेवी’ के कारण इन राज्यों के कई हिस्सों में बन रहे हालात पर चर्चा की। मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ हमने राज्य के कई हिस्सों में चक्रवाती तूफान बुरेवी के कारण बन रही परिस्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार तमिलनाडु को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की कामना करता हूं।’’

केरल के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत पर उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान बुरेवी के कारण बन रहे हालात पर विजयन के साथ उनकी चर्चा हुई है और केंद्र सरकार केरल को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मैं केरल के प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की कामना करता हूं।’’ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने एक बुलेटिन में कहा है कि कि श्रीलंका के त्रिंकोमाली पहुंचने के बाद बुरेवी के मन्नार की खाड़ी और तमिलनाडु में कन्याकुमारी के आसपास कोमोरिन इलाके की ओर आने की आशंकाहै। विभाग ने बताया कि उसके बाद वह पश्चिम-दक्षिण पश्चिम की ओर बढ़ेगा और चार दिसंबर की सुबह कन्याकुमारी और पम्बन के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट को पार करेगा।





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मध्य प्रदेश में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज, 26 जनवरी के बाद शीतलहर की संभावना

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 20, 2021   11:21
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मध्य प्रदेश में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज, 26 जनवरी के बाद शीतलहर की संभावना

राजधानी भोपाल में दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है और तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, शिवपुरी में ठंड अपने तेवर दिखा रही है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार अपना मिजाज बदल रहा है। कभी आसमान में बादल, कभी बारिश तो कभी तेज ठिठुरन भरी सर्दी। अब अधिकांश स्थानों पर सुबह और रात को ठंड महसूस की जा रही है लेकिन दोपहर में तेज़ धूप निकल रही है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिनों बाद एक बार फिर राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार हैं। इसकी वजह यह है कि 22 जनवरी को उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में एक और पश्चिमी विक्षोभ दखल दे सकता है। इससे बादल छाने लगेंगे और न्यूनतम तापमान में फिर बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इससे रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है, लेकिन दिन का तापमा

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राजधानी भोपाल में दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है और तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, शिवपुरी में ठंड अपने तेवर दिखा रही है। वहीं, इंदौर में रात के तापमान में वृद्धि हुई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश से उत्तरी मध्य प्रदेश होकर कोंकण, गोवा तक एक ट्रफ (द्रोणिका लाइन) बना हुआ है। समुद्री क्षेत्र से आ रही दक्षिणी-पश्चिमी हवा 12 किलोमीटर की गति से चल रही है। इस सिस्टम के प्रभाव से वातावरण में नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस वजह से राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर बादल छाने लगे हैं। बादल छाने के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट होने लगी है, जबकि न्यूनतम तापमान बढ़ने लगे हैं।

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साहा ने बताया कि हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। हवा की रफ्तार लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई है। इस वजह से शाम ढलने के बाद वातावरण में सिहरन बरकरार है। 22 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के दाखिल होने के बाद फिर मौसम का मिजाज बदलने लगेगा। इस सिस्टम के असर से हवाओं का रुख बदलने से मध्य प्रदेश में भी वातावरण में नमी बढ़ेगी और बादल छाने लगेंगे। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके बाद 26 से 31 जनवरी के बीच एक बार फिर शीतलहर का दौर लौट सकता है।





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चोरी की बिजली से रोशन हो रहा था पंचायत भवन, कनेक्शन कटा तो ठप पड़े काम

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 20, 2021   11:01
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चोरी की बिजली से रोशन हो रहा था पंचायत भवन, कनेक्शन कटा तो ठप पड़े काम

इस पर पंचायत सचिव व सरपंच के बीच आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।अब दोनों ही विद्युत कनेक्शन को लेकर एक दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे है। कोतमा सहायक यंत्री सुशील यादव ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उड़नदस्ता टीम ने ग्राम पंचायत दैखल का अवैध कनेक्शन काटते हुए 42 हजार रिकवरी राशि निकालते हुए इसे जमा करने के लिए कहा गया था।

अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बिजली विभाग द्वारा ग्राम पंचायत दैखल का विद्युत कनेक्शन मंगलवार को एक बार फिर काट दिया गया। जिसके बाद पंचायत के सभी कार्य ठप हो गए। बताया जाता है कि एक वर्ष पहले विभाग द्वारा 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए विद्युत बिल भेजा गया था, जिसका पंचायत द्वारा भुगतान नहीं कराया गया।

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बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच द्वारा अब तक विद्युत कनेक्शन प्राप्त नहीं किया गया और अवैध रूप से कटिया फंसाकर विद्युत की चोरी कर उसका उपयोग किया जा रहा था। जिस पर विद्युत विभाग उड़नदस्ता टीम ने एक वर्ष पूर्व छापामार कार्रवाई करते हुए चोरी की बिजली उपयोग करते पाए जाने पर 42 हजार रिकवरी राशि निकालते हुए इसे जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद भी कटिया फंसाकर सीधे विद्युत ले रहे थे।

 

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पंचायत भवन का विद्युत कनेक्शन काट दिए जाने की वजह से ग्राम पंचायत में मजदूरों की मजदूरी तथा कंप्यूटर से संबंधित सभी अन्य कार्य की फीडिंग नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही कनेक्शन काट दिए जाने की वजह से अंधेरे में पंचायत भवन का संचालन हो रहा है। ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा बताया गया कि सरपंच के द्वारा दस्तावेज जमा नहीं किए जाने की वजह से कनेक्शन अब तक नहीं हो पाया है।

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इस पर पंचायत सचिव व सरपंच के बीच आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।अब दोनों ही विद्युत कनेक्शन को लेकर एक दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे है। कोतमा सहायक यंत्री सुशील यादव ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उड़नदस्ता टीम ने ग्राम पंचायत दैखल का अवैध कनेक्शन काटते हुए 42 हजार रिकवरी राशि निकालते हुए इसे जमा करने के लिए कहा गया था। किन्तु वह जमा नहीं हो सकी। मंगलवार फिर लाईनमैंन ने अवैध कनेक्शन काटा और वैद्य कनेक्शन लेने की बात कहीं हैं।





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संसद कैंटीन में सांसदों को भोजन पर मिलने वाली सब्सिडी समाप्त, सालाना 8 करोड़ रुपए की होगी बचत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   10:57
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संसद कैंटीन में सांसदों को भोजन पर मिलने वाली सब्सिडी समाप्त, सालाना 8 करोड़ रुपए की होगी बचत

सूत्रों ने बताया कि सब्सिडी समाप्त किये जाने से लोकसभा सचिवालय को सालाना 8 करोड़ रूपये की बचत हो सकेगी। संसद भवन की कैंटीनों के भोजन के मद का सालाना बिल करीब 20 करोड़ रूपये आता है।

नयी दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बताया कि संसद की कैंटीन में सांसदों, अन्य को भोजन पर दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई है जिससे अब इन कैंटीनों का भोजन महंगा हो जायेगा। बिरला ने इससे जुड़े वित्तीय पहलुओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि सूत्रों ने बताया कि सब्सिडी समाप्त किये जाने से लोकसभा सचिवालय को सालाना 8 करोड़ रूपये की बचत हो सकेगी। संसद भवन की कैंटीनों के भोजन के मद का सालाना बिल करीब 20 करोड़ रूपये आता है। ये कैंटीन मुख्य रूप से तीन रसोई के जरिये संचालित होते हैं जिसमें से एक मुख्य संसद भवन, दूसरी पुस्तकालय और तीसरी संसदीय सौंध स्थित है। 

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लोकसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र की तैयारियों के बारे में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि संसद की कैंटीनों के जरिये उपलब्ध कराये जाने वाले भोजन पर सब्सिडी समाप्त कर दी गई है और इससे कई करोड़ रूपये की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित तौर पर कीमतें बढ़ जायेंगी लेकिन फिर भी यह बाजार भाव से कम होगी। यह फैसला राजनीतिक दलों से विचार विमर्श करके लिया गया है। बिरला ने कहा कि उत्तर रेलवे के बजाय अब भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) संसद की कैंटीनों का संचालन करेगा।

सूत्रो के अनुसार,संशोधित दर के अनुसार, चाय पहले की तरह 5 रूपये में, काफी और नींबू की चाय क्रमश: 10 रूपये और 14 रूपये में मिलेंगे। निरामिष थाली 100 रूपये में मिल सकती है जो पहले 60 रूपये में मिलती थी। हालांकि पके हुए भोजन की कीमत के बारे में अभीअंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। बिरला ने कहा कि सांसदों के आवास के निकट भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं। 

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लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र, राज्यों द्वारा निर्धारित की गई टीकाकरण अभियान नीति सांसदों पर भी लागू होगी। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी, सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये परीक्षण संसद भवन परिसर (पीएचसी) में किए जाएंगे।पीएचसी के अलावा अन्य स्थानों पर भी परीक्षण किए जाएंगे जिनमे नॉर्थ एवेन्यू, साउथ एवेन्यू, बीडी मार्ग आदि शामिल हैं। तत्काल कोविड चिकित्सा के लिए सदस्यों को आपातकालीन वार्डआरएमएल अस्पताल में उपलब्ध किए जाएंगे।

बिरला ने कहा कि 29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी और लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी। गौरतलब है कि यह बैठक आगामी बजट सत्र से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। सत्र पहले चरण में 29 जनवरी 2021 से 15 फरवरी 2021 तक और दूसरे चरण में 8 मार्च 2021 से 8 अप्रैल 2021 तक चलेगा।





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