जेल में कैदी हुए भगवान शिव की भक्ति में लीन! बना डाले लगभग 2 करोड़ शिवलिंग

जेल में कैदी हुए भगवान शिव की भक्ति में लीन! बना डाले लगभग 2 करोड़ शिवलिंग

मध्यप्रदेश में काफी पौराणिक मंदिर है जिसमें लोगों की अलग-अलग आस्था है। यहां के हर एक क्षेत्र में ऐसे मंदिर है जहां देश दुनिया से लोग घूमने आते हैं। मध्यप्रदेश को आप धार्मिक नगरी भी कह सकते हैं।

मध्यप्रदेश में काफी पौराणिक मंदिर है  जिसमें लोगों की अलग-अलग आस्था है। यहां के हर एक क्षेत्र में ऐसे मंदिर है जहां देश दुनिया से लोग घूमने आते हैं। मध्यप्रदेश को आप धार्मिक नगरी भी कह सकते हैं। एमपी के  ग्वालियर जिले में भक्ति का एक अनोखा रंग देखा गया। ग्वालियर में स्थित केंद्रीय जेल में एक ऐसा वातारण बनाया गया जहां अपराध की दुनिया से जुड़े लोग भगवान की भक्ति में डूब गये। 15 फरवरी को कैदियों के लिए ग्वालियर केंद्रीय जेल के अंदर 'भागवत गीता कथा' का आयोजन किया गया। इस दौरान रोजाना सुबह और शाम के समय आचार्य द्वारा गीता का पाठ किया जाता था और कैदियों को सही मार्ग दिखाने की गीता के द्वारा कोशिश की जाती थी।

इसे भी पढ़ें: त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री मोदी से की भेंट, चमोली रेस्क्यू ऑपरेशन की दी जानकारी  

ये पाठ पिछले 10 दिनों से चल रहा है। 24 फरवरी को इस भक्ति कार्यक्रम का समापन होना है जिसके लिए जेल के अंदर कैदियो द्वारा विषेश इंतजाम किए जा रहे हैं। अंतिम दिन को खास बनाने के लिए जेल के कैदी अंतिम दिन 'पूजा' के लिए 1 करोड़ 25 लाख शिवलिंग बनाने का काम कर रहे हैं। वे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 9 घंटे तक काम करते हैं। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कितनी मेहनत में कैदी भगवान शिव की आराधना के लिए तैयारी कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: भाजपा राजस्थान कोर कमेटी की बैठक संपन्न, जेपी नड्डा दो मार्च को जाएंगे जयपुर  

आपको बता दें कि  मध्यप्रदेश में भगवान शिव को पूछने वाले भक्त बड़ी संख्या में हैं। एमपी के उज्जैन में  महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव को समर्पित एक हिंदू मंदिर है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो कि भगवान शिव के सबसे पवित्र निवास के रूप में कहा जाता है। यह भारत के मध्य प्रदेश राज्य के प्राचीन शहर उज्जैन में स्थित है।

मंदिर पवित्र नदी केशीपुरा के किनारे स्थित है। पीठासीन देवता, लिंगम रूप में भगवान शिव को माना जाता है कि वे स्वयं के भीतर से शक्ति (शक्ति) की धाराओं को प्राप्त कर रहे हैं और अन्य छवियों और लिंगों के खिलाफ हैं, जो मंत्र-शक्ति के साथ औपचारिक रूप से स्थापित और निवेशित हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।