पंजाब के दिग्गज राजनेता है सुखदेव सिंह ढींडसा, अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रह चुके हैं मंत्री

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अंकित सिंह । Apr 09, 2022 3:39PM
सुखदेव सिंह ढींडसा का जन्म 9 अप्रैल 1936 को पंजाब के संगरूर में हुआ था। ढींडसा ने अपने पढ़ाई के दिनों में ही सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी जब वह छात्र नेता के रूप में रणबीर कॉलेज छात्र परिषद के पहले निर्वाचित सचिव थे। बाद में वे अध्यक्ष पद के लिए भी चुने गए।

हाल में संपन्न हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के अलावा एक और पार्टी शामिल थी। उस पार्टी का नाम शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) में है। पार्टी ने पंजाब के विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन जीत किसी पर नहीं मिली। जब इस गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो बार-बार एक नाम मुख्य रूप से हो सुर्खियों में था। वह नाम था सुखदेव सिंह ढींडसा का। जी हां, सुखदेव सिंह ढींडसा ही शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के संस्थापक और वर्तमान में अध्यक्ष कौन हैं। सुखदेव सिंह ढींडसा पंजाब की राजनीति के दिग्गज नेता माने जाते हैं जो कि प्रकाश सिंह बादल के बेहद करीबी रहे। हालांकि सुखबीर सिंह बादल से इन्हे परेशानी हुई और उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया। 

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सुखदेव सिंह ढींडसा का जन्म 9 अप्रैल 1936 को पंजाब के संगरूर में हुआ था। ढींडसा ने अपने पढ़ाई के दिनों में ही सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी जब वह छात्र नेता के रूप में रणबीर कॉलेज छात्र परिषद के पहले निर्वाचित सचिव थे। बाद में वे अध्यक्ष पद के लिए भी चुने गए। ग्रेजुएशन के बाद वह युवावस्था में ही अपने गांव के सरपंच चुने गए। इसके बाद से वह धीरे धीरे राजनीति की सीढ़ियां चढ़ते गए। बाद में वे संगरूर के प्रखंड समिति के अध्यक्ष बने। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक, संगरूर के प्रबंध निदेशक के रूप में भी उन्हें चुना गया। 1972 में सुखदेव सिंह ढींडसा ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर धनौला विधानसभा चुनाव से जीत हासिल की थी। बाद में वह शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। 

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सुखदेव सिंह ढींडसा पंजाब में कई सरकारों में मंत्री रहे हैं। 1980, 1985 में भी उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। सुरजीत सिंह बरनाला की सरकार में मतभेद पैदा हो जाने की वजह से ढींडसा ने प्रकाश सिंह बादल का समर्थन किया और उनके साथ जुड़ गए। सुखदेव सिंह ढींडसा 1998 से लेकर 2004 तक भी राज्यसभा के सदस्य हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह स्पोर्ट्स और उर्वरक तथा रसायन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ढींडसा 2004 से 2009 तक संगरूर से लोकसभा के सदस्य रहे। 2010 से 2022 तक वह राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं। 2019 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। 

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