Rahul Gandhi ने INDIA गठबंधन के नेताओं को चाय पर बुलाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

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ANI

राहुल गांधी ने लोकतंत्र की रक्षा और कथित वोट चोरी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया है। मतदाता सूची के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी दल पहले ही उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर चुके हैं। चाय बैठक के बाद सभी नेता संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करेंगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के जनांदोलन’’ में एकजुट हैं और यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मंगलवार शाम ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के कई प्रतिनिधियों को अपने आवास ‘5 सुनहरी बाग रोड’ पर चाय पर आमंत्रित किया है। चाय के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मीडिया से बातचीत करेंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथियों को अपने घर चाय पर बुलाया है।

 लोकतंत्र की रक्षा के इस जनांदोलन में हम सब एक साथ हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। चाय के बाद हम सभी मिलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे।’’ गांधी द्वारा सोमवार को भेजे गए निमंत्रण में कहा गया है, ‘‘आज लोकतंत्र के लिए मार्च और उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल किए जाने के बाद... ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं का मंगलवार दोपहर संयुक्त संवाददाता सम्मेलन होगा, चाय का कार्यक्रम भी होगा। 

मैं आपको मंगलवार, 13 अक्टूबर को शाम चार बजे 5, सुनहरी बाग रोड, नयी दिल्ली स्थित अपने आवास पर आमंत्रित करता हूं।’’ सूत्रों ने बताया कि गांधी के आवास पर होने वाली बैठक के दौरान कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च निकाला था। 

विपक्षी नेताओं ने इस मामले में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कुछ समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर सरकार तथा निर्वाचन आयोग को घेर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

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