गोवा में NCP-शिवसेना के साथ गठजोड़ नहीं होने के बावजूद दोस्त बने रहेंगे: चिदंबरम

Chidambaram
गोवा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रभारी चिदंबरम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमससी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने गठजोड़ के प्रस्ताव के बावजूद कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में करने का प्रयास जारी रखा।
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि गोवा विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी और राकांपा-शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने कहा कि वे ‘‘दोस्त बने रहेंगे’’ और चुनाव के बाद भी कांग्रेस उनके साथ ‘‘एक साथ काम करने’’ के अवसरों को तलाशना जारी रखेगी। गोवा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रभारी चिदंबरम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमससी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने गठजोड़ के प्रस्ताव के बावजूद कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में करने का प्रयास जारी रखा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के साथ बातचीत करने के लिए पार्टी नेतृत्व से कोई निर्देश नहीं मिला और कहा कि, ‘‘मुझे यकीन है कि हमारे नेतृत्व ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखा था।’’ चिदंबरम ने पीटीआई-के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि पार्टी चुनाव से पहले या बाद में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करेगी या नहीं यह सभी उम्मीदवारों से परामर्श करने के बाद तय किया जाएगा और पार्टी उनके बीच आम सहमति से चलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गोवा चुनाव में मुकाबला ‘‘कांग्रेस (साथ में गोवा फॉरवर्ड पार्टी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है और हम बहुमत हासिल करने में सक्षम होंगे।’’ यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों विशेषकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना के साथ गठजोड़ क्यों नहीं कर पाई, चिदंबरम ने कहा कि राकांपा और शिवसेना महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी हैं और वह उन्हें गोवा में भी सहयोगी बनाना पसंद करती। 

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चिदंबरम ने कहा, ‘‘हमने कोशिश की। उन्होंने कुछ प्रस्ताव दिए। हमने कुछ प्रस्ताव दिए। दुर्भाग्य से इस बारे में कोई बैठक नहीं हो पाई। मैं स्वीकार करता हूं कि दोनों पक्षों की मजबूरियां थीं और हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद हम बैठक के बिंदु पर नहीं पहुंच पाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, हम दोस्त हैं और दोस्त रहेंगे। चुनाव के बाद हम राकांपा और शिवसेना के साथ मिलकर काम करने के अवसर तलाशते रहेंगे।’’ महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया, जिसे महा विकास आघाड़ी (एमवीए) नाम दिया गया। शिवसेना और राकांपा ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वे गोवा चुनाव एक साथ लड़ेंगे। गठजोड़ नहीं करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस की स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे कुछ महीने पहले गोवा में दाखिल हुए और मेरी विशिष्ट मित्र ममता जी ने गोवा में घोषणा की कि टीएमसी ने गठबंधन किया है और उनके गठबंधन में शामिल होने के लिए किसी भी अन्य पार्टी का स्वागत है। टीएमसी के महासचिव ने घोषणा की कि टीएमसी सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। फिर उन्होंने कांग्रेस विधायक लुइजिन्हो फलेरियो को टीएमसी में आने का प्रलोभन दिया।’’ उन्होंने घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 16 दिसंबर को मौजूदा विधायक रेजिनाल्ड लॉरेन्को के नाम समेत अपने उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की और चार दिन बाद, 20 दिसंबर को लॉरेन्को को टीएमसी में शामिल कराया गया था। 

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चिदंबरम ने कहा, ‘‘24 दिसंबर को टीएमसी के उपाध्यक्ष ने मुझसे मुलाकात की और सुझाव दिया कि दोनों पार्टियों को गोवा में मिलकर काम करना चाहिए। मैं अपने नेतृत्व को इस सुझाव के बारे में अवगत कराने के लिए सहमत हुआ और मैंने तुरंत ऐसा किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, टीएमसी ने हमारे नेताओं, सरपंचों, पंचों, अन्य को तोड़ना जारी रखा, उदाहरण के लिए वास्को और मरमुगाओ के नाम हैं।’’ चिदंबरम ने कहा, ‘‘मुझे हमारे नेतृत्व से टीएमसी के साथ बातचीत करने का कोई निर्देश नहीं मिला। मुझे विश्वास है कि हमारे नेतृत्व ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखा है। जहां तक मैं समझता हूं, मामला वहीं थम चुका है।’’ वर्तमान विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों के भाजपा में जाने और आगे ऐसा ना हो इसे रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, इस पर कांग्रेस के गोवा चुनाव प्रभारी ने कहा कि ‘‘वफादारी’’ पार्टी के लिए ‘‘सर्वोच्च प्राथमिकता’’ है। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण उपाय, जिसे 30 निर्वाचन क्षेत्रों में लागू किया गया है वह यह है कि ब्लॉक द्वारा अनुशंसित उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद, यदि अन्य दल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करने को तैयार हैं, तो कांग्रेस परिस्थितियों के आधार पर फैसला करेगी। गोवा की सभी 40 विधानसभा सीट के लिए 14 फरवरी को चुनाव होगा।

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