'आदेश नहीं, आपसी सहमति', छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच RSS प्रमुख Mohan Bhagwat का बड़ा संदेश

Mohan Bhagwat
ANI
रेनू तिवारी । Jul 25 2026 10:47AM

'विश्व मांगल्य सभा' ​​कार्यक्रम में बोलते हुए, भागवत ने पीढ़ियों के बीच बढ़ती खाई पर बात की और कहा कि आज के युवाओं को सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, 'जब हम युवा थे, तो वह आज्ञा मानने का दौर था। अब ऐसा नहीं है।'

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी न तो गुमराह है और न ही दिशाहीन; उन्होंने युवाओं को समझने के लिए "आदेश" देने के बजाय सार्थक "चर्चा" करने की बात कही। RSS प्रमुख की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब दिल्ली की सड़कों पर परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर छात्रों का बड़ा विरोध-प्रदर्शन हो रहा है, जो राजधानी में पिछले कुछ सालों में हुए सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक है।

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'विश्व मांगल्य सभा' ​​कार्यक्रम में बोलते हुए, भागवत ने पीढ़ियों के बीच बढ़ती खाई पर बात की और कहा कि आज के युवाओं को सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "जब हम युवा थे, तो वह आज्ञा मानने का दौर था। अब ऐसा नहीं है।"

आज के युवाओं के बारे में मोहन भागवत ने क्या कहा?

RSS प्रमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सवाल पूछने में ज़्यादा दिलचस्पी रखती है, इसलिए माता-पिता और बड़ों के लिए उनसे जुड़ना ज़रूरी है। साथ ही, उन्होंने परिवारों के भीतर बातचीत के लिए कम होती जगह पर चिंता भी जताई। भागवत ने कहा, "नई पीढ़ी सवाल पूछती है। हमें उन्हें तर्क समझाना होगा। हमें उन्हें बहुत प्यार देना होगा। हमें उनके साथ समय बिताना होगा। हमें उनसे बातचीत करनी होगी।"

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उन्होंने आगे कहा कि युवाओं का भरोसा जीतने के लिए बातचीत की ज़रूरत होती है, न कि आदेशों की। भागवत ने कहा, "हमें नई पीढ़ी को अपनापन महसूस कराना होगा। हमें बातचीत करनी होगी। आदेश नहीं, चर्चा। हुक्म नहीं, आपसी सहमति।" हालांकि भागवत ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन का सीधे तौर पर ज़िक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयानों के समय ने कोई शक नहीं छोड़ा।

RSS प्रमुख ने अब तक CJP विरोध-प्रदर्शनों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जो दूसरे राज्यों में भी फैल गए हैं। 20 जुलाई को हुई हिंसा, जिसमें संसद से कुछ ही मीटर की दूरी पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ज़बरदस्त झड़प हुई थी, ने जनता के गुस्से को और बढ़ा दिया है।

शुक्रवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने RSS प्रमुख की चुप्पी पर सवाल उठाए। सिबल ने ट्वीट किया, "मोहन भागवत जी... जंतर-मंतर पर हुई घटनाएं... पिछले एक महीने में आपकी चुप्पी आपके उपदेशों से कहीं ज़्यादा कुछ कह रही है।" CJP विरोध-प्रदर्शन पर ताज़ा जानकारी क्या है? प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा है।

हालांकि, सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है, भले ही उसने भविष्य में पेपर लीक को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसमें दखल दिया है और पेपर लीक व शिक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने वाला बिल लाने की घोषणा की है।

प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे व्यंग्यात्मक आंदोलन CJP ने सरकार के साथ बातचीत के दो दौर के बावजूद अपनी मांगों को कम करने से इनकार कर दिया है। इस माहौल में, भागवत की टिप्पणियां बहुत महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को वरिष्ठ RSS नेता इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि CJP के विरोध-प्रदर्शन के पीछे देश और विदेश की ताकतें शामिल हैं। कुमार ने कहा, "इन विरोध-प्रदर्शनों के पीछे देश और दुनिया की वे ताकतें हैं जो नहीं चाहतीं कि भारत एक विकसित, मज़बूत और शिक्षित राष्ट्र बने।"

अब सबकी नज़रें CJP और सरकार के बीच बातचीत के तीसरे दौर पर टिकी हैं। सरकार ने प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा था।

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