RJD से JDU तक में रहे सम्राट, BJP में आकर बने बिहार की सियासत के चौधरी, कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह

Samrat
ANI
अभिनय आकाश । Apr 14 2026 5:24PM

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के विकास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी उनके पदचिह्नों पर चलते हुए बिहार को आगे ले जाने का कार्य करेंगे।

बिहार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सम्राट चौधरी बुधवार (15 अप्रैल) को सुबह 11 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। यह घटना नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद भाजपा के विधायक दल के नेता के रूप में उनके चयन के बाद हुई है। चौधरी का मुख्यमंत्री बनना ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे। भाजपा, जो वर्षों से राज्य की गठबंधन राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभा रही थी, अब स्वतंत्र रूप से सरकार का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। पटना स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि निवर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन निवर्तमान मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय ने किया। विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त चौहान ने बताया कि इसके बाद उपस्थित सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से चौधरी को अपना नेता चुन लिया। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विधायक दल की बैठक होगी जिसमें चौधरी के नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी। तारापुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक चौधरी ने नेता चुने जाने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। 

इसे भी पढ़ें: SIR प्रक्रिया में हटाए गए बंगाल के मतदाताओं को Supreme Court से बड़ा झटका, अंतरिम वोटिंग अधिकार देने से किया इनकार

बिहार की जनता की सेवा का पवित्र अवसर: सम्राट चौधरी

सम्राट चौधरी ने एक बयान में कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए यह दायित्व सौंपने के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। उन्होंने कहा कि वह पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हैं। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तथा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मैं बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहूंगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के विकास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी उनके पदचिह्नों पर चलते हुए बिहार को आगे ले जाने का कार्य करेंगे। 

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शुरुआती सफर

एक रसूखदार राजनीतिक परिवार में जन्मे सम्राट चौधरी, बिहार के दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं। शकुनी चौधरी पहले सेना में थे और बाद में बिहार की राजनीति के एक कद्दावर नाम बने। अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर भी कई दलों से होकर गुजरा। भाजपा में आने से पहले वे आरजेडी (RJD) और जेडीयू (JD-U) के साथ भी काम कर चुके हैं। साल 2017 में उनका भाजपा में शामिल होना उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

इसे भी पढ़ें: बंगाल में आक्रामक हुआ चुनाव प्रचार, जारी हुआ भाजपा संकल्प पत्र

भाजपा में कद और 2025 की जीत

भाजपा में आने के बाद सम्राट चौधरी ने बहुत तेजी से अपनी जगह बनाई। साल 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि पार्टी उन्हें एक बड़े रणनीतिकार और जननेता के रूप में देख रही है। 2025 के विधानसभा चुनाव में मुंगेर जिले की तारापुर सीट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद, वे एनडीए (NDA) सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर बरकरार रहे।

पिछड़ों का बड़ा चेहरा 

सम्राट चौधरी भाजपा के लिए बिहार में एक बेहद महत्वपूर्ण ओबीसी चेहरा हैं। वे कोइरी-कुशवाहा (मौरिया) समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसका बिहार के चुनावों में काफी बड़ा प्रभाव है। अपनी जातिगत पकड़ और आक्रामक राजनीतिक शैली की वजह से वे बिहार में भाजपा के विस्तार की रणनीति का केंद्र बन चुके हैं।

नीतीश कुमार और 'मुरेठा' का संकल्प

साल 2024 में भाजपा और जेडीयू के फिर से साथ आने से पहले सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे प्रखर विरोधियों में से एक थे। साल 2022 में उन्होंने एक चर्चित सार्वजनिक घोषणा की थी कि जब तक वे नीतीश कुमार को सत्ता से हटा नहीं देंगे, तब तक अपना भगवा साफा (मुरेठा) नहीं खोलेंगे। हालांकि, बाद में राजनीतिक समीकरण बदले और वे फिर से नीतीश कुमार के साथ सरकार का हिस्सा बने।

All the updates here:

अन्य न्यूज़