राज्यसभा में संजय सिंह ने उठाई मांग, 'कश्मीर फाइल्स' फिल्म को यूट्यूब और दूरदर्शन पर दिखाया जाए

राज्यसभा में संजय सिंह ने उठाई मांग, 'कश्मीर फाइल्स' फिल्म को यूट्यूब और दूरदर्शन पर दिखाया जाए
प्रतिरूप फोटो

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। इस दौरान आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में जीरो ऑवर नोटिस दिया और मांग की कि कश्मीर फाइल्स फिल्म को यूट्यूब और दूरदर्शन पर मुफ्त में दिखाया जाए। इससे पहले भी उन्होंने फिल्म को मुफ्त किए जाने की मांग की थी।

नयी दिल्ली। कश्मीर पंडितों के नरसंहार पर बनी फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' को लेकर राजनीति जारी है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने फिल्म को फ्री में दिखाने की मांग उठाई। आपको बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। इस दौरान संजय सिंह ने राज्यसभा में जीरो ऑवर नोटिस दिया और मांग की कि कश्मीर फाइल्स फिल्म को यूट्यूब और दूरदर्शन पर मुफ्त में दिखाया जाए। 

इसे भी पढ़ें: Parliament Diary: लोकसभा ने वित्त विधेयक को दी मंजूरी, रेलवे परीक्षाओं पर मंत्री का बड़ा बयान 

इससे पहले संजय सिंह ने राज्यसभा में कश्मीर फिल्म का जिक्र करते हुए कहा था कि फिल्मों के माध्यम से अगर देश में सच्चाई सामने आती है तो आनी चाहिए। उन्होंने उस वक्त सरकार से मांग की थी कि कश्मीर फिल्म को यूट्यूब और दूरदर्शन पर मुफ्त पर दिखाया जाना चाहिए।

इसी बीच उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि किसी के दर्द और पीड़ा पर मजाक उड़ाकर और सवाल खड़ा करके राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास करने के लिए सरकार ने क्या कुछ किया है यह भी बताया जाना चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: संसद की कार्यवाही स्थगित कर इमरान ने चला बड़ा दांव, EC ने थमाया 50 हजार का नोटिस 

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संजोयक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कश्मीर फाइल्स फिल्म का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि फिल्म को यूट्यूब में डाल देना चाहिए, वहां पर फिल्म पूरी तरह से फ्री हो जाएगी। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी सांसद ने सरकार पर कश्मीर पंडितों के लिए कुछ नहीं करने का भी आरोप लगाया था।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।