क्या खत्म हो जाएगा राजद्रोह कानून? SC ने केंद्र को दिया नया आदेश

क्या खत्म हो जाएगा राजद्रोह कानून? SC ने केंद्र को दिया नया आदेश
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केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट को ये बताना होगा कि जब तक देशद्रोह कानून की समीक्षा की जा रही है तब तक इस कानून के लागू करने पर उसका क्या फैसला है? यानी अदालत ने सरकार से पूछा है कि जब तक केंद्र सरकार इस कानून की समीक्षा कर रही है।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में राजद्रोह मामले पर सुनवाई हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने देशद्रोह कानून मामले पर केंद्र सरकार को कल तक यानी 11 मई तक का समय दिया है। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट को ये बताना होगा कि जब तक देशद्रोह कानून की समीक्षा की जा रही है तब तक इस कानून के लागू करने पर उसका क्या फैसला है? यानी अदालत ने सरकार से पूछा है कि जब तक केंद्र सरकार इस कानून की समीक्षा कर रही है तब तक उन लोगों के केस का क्या होगा जो देशद्रोह कानून यानी आईपीसी 124ए के तहत आरोपी हैं। इसके अलावा फैसला आने तक इस तरह के नए मामले दर्ज होंगे या नहीं।

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भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों ने इस पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए सरकार को बुधवार तक का समय दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह जानना चाहा कि क्या सरकार राज्यों को निर्देश जारी कर सकती है कि वे इस प्रावधान के तहत मामलों को तब तक रोके रखें जब तक कि अभ्यास नहीं हो जाता। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ के जस्टिस सूर्य कांत ने केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा जब तक आप 2 महीने, तीन महीने का समय लेंगे।

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इसके साथ ही पीठ ने इस सुझाव पर भी केंद्र से प्रतिक्रिया देने को कहा कि क्या पुनर्विचार होने तक भविष्य में राजद्रोह के मामलों के दाखिल करने पर अस्थायी रोक लगाई जाए। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह इस संबंध में सरकार से निर्देश लेंगे और बुधवार को इससे पीठ को अवगत कराएंगे। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसे काफी स्पष्ट कर रहे हैं। हम निर्देश चाहते हैं। हम आपको कल तक का समय देंगे। हमारे विशिष्ट सवाल हैं: पहला लंबित मामलों के बारे में और दूसरा, यह कि सरकार भविष्य के मामलों पर कैसे गौर करेगी। 





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