सिंधिया की हुंकार, आने वाला उपचुनाव तय करेगा मध्य प्रदेश का भविष्य

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 25, 2020   07:14
सिंधिया की हुंकार, आने वाला उपचुनाव तय करेगा मध्य प्रदेश का भविष्य

सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2108 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद 15 वर्ष बाद जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो उसमें ग्वालियर-चंबल का बहुत योगदान था। पहली बार 34 में से 26 सीटें कांग्रेस को मिली।

ग्वालियर (मध्यप्रदेश)। मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार को कहा कि आने वाला उपचुनाव मध्य प्रदेश का भविष्य़ तय करेगा और जनता तय करेगी कि उसे कौन चाहिए बड़ा-छोटा भाई या त्रिमूर्ति। राज्यसभा सदस्य सिंधिया ने अपना गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के अंतिम दिन ग्वालियर में कहा, ‘‘आने वाला उपचुनाव न्याय और सम्मान का है और जो व्यक्ति जनता के बीच नहीं रहता, उसे वोट मांगने का कोई हक नहीं है। आने वाला चुनाव मध्य प्रदेश का भविष्य तय करेगा।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘जनता तय करेगी कि बड़ा-छोटा भाई (कमलनाथ-दिग्विजय सिंह) या फिर त्रिमूर्ति (मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व ज्योतिरादित्य सिंधिया) चाहिए।’’ पूर्व केन्द्रीय मंत्रीसिंधिया ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री चौहान ने गोहद (भिण्ड जिले का विधानसभा क्षेत्र) के लिए तुरंत 110 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत कर दी। वहीं कमलनाथ (अपनी तत्कालीन सरकार के दौरान) धन की कमी का रोना रोते थे।’’ पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया, ‘‘अब यह धन कहां से आ गया?’’ 

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सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2108 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद 15 वर्ष बाद जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो उसमें ग्वालियर-चंबल का बहुत योगदान था। पहली बार 34 में से 26 सीटें कांग्रेस को मिली। लेकिन 15 महीनों में क्या हुआ, सबने देखा। उन्होंने कहा कि हमारा कुर्सी या पद से मोह नहीं है, लेकिन न्याय, सम्मान और विकास की बात होना चाहिए। वादाखिलाफी और नाइंसाफी होने पर हम (सिंधिया एवं बागी कांग्रेस विधायक) झंडा लेकर सड़क पर आए। मुख्यमंत्री चौहान की जमकर तारीफ करते हुए सिंधिया ने कहा, ‘‘वह (चौहान) 13 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे। यह आसान काम नहीं है। यह तभी हो सकता है जब जनता दिलों में स्थान दे।





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