प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मूलभूत बदलाव लेकर आई राजग सरकार : सीतारमण

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सीतारमण ने कहा, “कई नेताओं ने जनधन योजना जैसी योजनाओं का विरोध किया और सवाल उठाया कि उनके (गरीबों और वंचितों) खाते में पैसे कैसे जमा किए जा सकते हैं। इस योजना के तहत खोले गए खातों में आज 1.60 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।” वित्त मंत्री ने ‘मोदी एट 20 ड्रीम्ज टू डिलीवरी’ शीर्षक वाली पुस्तक का लोकापर्ण किया।

चेन्नई, 30 जुलाई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की योजनाओं के माध्यम से केंद्र में मूलभूत बदलाव लाए हैं। चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा कि जहां कई विकसित देश मंदी की कगार पर खड़े हैं, वहीं भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में 7.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है।

सीतारमण ने कहा, “कई नेताओं ने जनधन योजना जैसी योजनाओं का विरोध किया और सवाल उठाया कि उनके (गरीबों और वंचितों) खाते में पैसे कैसे जमा किए जा सकते हैं। इस योजना के तहत खोले गए खातों में आज 1.60 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।” वित्त मंत्री ने ‘मोदी एट 20 ड्रीम्ज टू डिलीवरी’ शीर्षक वाली पुस्तक का लोकापर्ण किया। उन्होंने तमिलनाडु के एक वरिष्ठ नेता द्वारा केंद्र की जनधन योजना की आलोचना करने पर उन्हें आड़े हाथों लिया। किसी का नाम लिया बिना सीतारमण ने कहा, “वह अंग्रेजी में बोलते हैं और कहते हैं कि इन खातों में पैसे जमा नहीं किए जा सकते। श्रीमान, उन खातों में 1.60 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। अब आप क्या कहेंगे?”

केंद्रीय मंत्री ने मोदी को ऐसा नेता बताया, जो सीधे नागरिकों से जुड़ता है, ऐसा व्यक्ति, जो उनकी समस्याओं को समझता है और कहा कि उनके लिए कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘वह लोगों के विचारों को सुनने के लिए उत्सुक रहते हैं। इसलिए वह कहते हैं कि वह शासन प्रणाली को बदलने आए हैं। प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं यहां सत्ता का आनंद उठाने नहीं, बल्कि बुनियादी चीजों को बदलने आया हूं।’’ राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान जनता के बीच के विभिन्न लोगों को पद्म पुरस्कार दिए जाने पर उन्होंने कहा कि राजग सरकार साधारण पृष्ठभूमियों से आए, लेकिन समाज के कल्याण के लिए उल्लेखनीय काम कर रहे नागरिकों की पहचान कर रही है और उन्हें सम्मानित कर रही है।

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