'खालिस्तानियों से निपटने के लिए पूर्व पुलिस अधिकारियों का लें सहयोग', डीजीपी की बैठक में पीएम मोदी का सुक्षाव

PM Modi
ANI
अंकित सिंह । Jan 24, 2023 10:40AM
खबर यह भी है कि उन कैडर के आईपीएस अधिकारियों को चर्चा के लिए बुलाया जाएगा जो राज्य में पहले खालिस्तानी आतंकवादियों से प्रभावित थे। पीएम ने वर्तमान स्थिति पर पूर्व पुलिस अधिकारियों के विचार लेने और खालिस्तानी उग्रवाद के खिलाफ आगे की राह तय करने का सुझाव दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही नई दिल्ली में महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में खालिस्तानी आतंकवाद से निपटने के लिए अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव दिया है। इस बात की जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों ने मुताबिक वरिष्ठ अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न आतंकवाद विरोधी एजेंसियों और पुलिस द्वारा पीएम के सुझाव को लागू किया जाए। खबर यह भी है कि उन कैडर के आईपीएस अधिकारियों को चर्चा के लिए बुलाया जाएगा जो राज्य में पहले खालिस्तानी आतंकवादियों से प्रभावित थे। पीएम ने वर्तमान स्थिति पर पूर्व पुलिस अधिकारियों के विचार लेने और खालिस्तानी उग्रवाद के खिलाफ आगे की राह तय करने का सुझाव दिया है।

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वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षमताओं का पूरा लाभ उठाते हुए राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया और प्रौद्योगिकी समाधान अपनाने के साथ-साथ पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 57वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अप्रचलित आपराधिक कानूनों को निरस्त करने, राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानकों के निर्माण का सुझाव दिया। एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने क्षमताओं का लाभ उठाने और सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। बयान के मुताबिक, उन्होंनेउन्होंने अधिकारियों द्वारा लगातार दौरे कर सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने पुलिस बल को अधिक संवेदनशील बनाने और उन्हें उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया और एजेंसियों में डाटा विनिमय को सुचारू बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क’ के महत्व को रेखांकित किया। 

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प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि जहां पुलिस बल को बायोमेट्रिक्स आदि जैसे तकनीकी समाधानों का और अधिक लाभ उठाना चाहिए, वहीं पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को और मजबूत करने की भी आवश्यकता है। मोदी ने जेल प्रबंधन में सुधार के लिए जेल सुधारों का भी समर्थन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने और अपनी टीम के बीच सर्वोत्तम तरीकों को विकसित करने के लिए राज्य और जिला स्तरों पर डीजीपी/आईजीपी सम्मेलनों के मॉडल को दोहराने का आह्वान किया। सम्मेलन में पुलिस तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें आतंकवाद रोधी, जवाबी कार्रवाई और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। तीन दिवसीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित अन्य ने हिस्सा लिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हाइब्रिड मोड में विभिन्न स्तरों के लगभग 600 और अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया। 

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