यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य, अधिकारियों को दिया निर्देश, शपथ के बाद एक्शन की बारी

यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य, अधिकारियों को दिया निर्देश, शपथ के बाद एक्शन की बारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के सभी संकल्प बिंदुओं को 5 वर्षों में लक्ष्यवार ढंग से पूरा किया जाए, प्रत्येक विभाग 100 दिन, 6 माह तथा वार्षिक लक्ष्य को निर्धारित कर उसकी पूर्ति करें।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ लेने के साथ ही एक्शन मूड में नजर आ रहे हैं। यूपी में 15 करोड़ गरीबों को तीन महीने तक मुफ्त राशन  देने की स्कीम की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी गई। जिसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक में भी सीएम योगी सामाजिक सरोकार की नीतियों को लेकर दिशा निर्देश देते नजर आए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के सभी संकल्प बिंदुओं को 5 वर्षों में लक्ष्यवार ढंग से पूरा किया जाए, प्रत्येक विभाग 100 दिन, 6 माह तथा वार्षिक लक्ष्य को निर्धारित कर उसकी पूर्ति करें।

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सीएम योगी ने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि नोडल अफसर प्रभारी मंत्रियों के साथ प्रत्येक माह जिले का दौरा करें, विभिन्न विभागों के खाली पदों पर भर्ती से जुड़े मामलों को तेजी से आगे बढ़ाएं, यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए 10 प्राथमिक सेंटर को चिन्हित करें। ई-ऑफिस व्यवस्था को लागू करने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करें, सभी विभागों में सिटीजन चार्टर लागू किया जाए, पंचायत सहायकों की तैनाती को पूर्ण किया जाए, भारत सरकार से प्राप्त होने वाले पत्रों के उत्तर की एक प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। इसके साथ ही यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए 10 प्राथमिक सेंटर को चिन्हित करें।

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गौरतलब है कि इससे पहले सीएम योगी ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि देश के 80 करोड़ और प्रदेश के 15 करोड़ गरीबों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। हमारी पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को तीन महीने आगे और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत गरीबों को खाद्यान्न के साथ दाल, नमक, चीनी और तेल भी दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि इस योजना से राज्य के खजाने पर 3270 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। इस निर्णय के बाद राज्य के 15 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत लाभ मिलता रहेगा। 





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