हरियाणा पुलिस ने किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन किया इस्तेमाल, दागे आंसू गैस के गोले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2020   12:41
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हरियाणा पुलिस ने किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन किया इस्तेमाल, दागे आंसू गैस के गोले

पंजाब के साथ लगी शंभू अंतरराज्यीय सीमा पर हरियाणा पुलिस के अधिकारियों ने ‘लाउड स्पीकर’ का इस्तेमाल किया और किसानों को पंजाब की ओर ही इकट्ठा होने को कहा। उनमें से कुछ अवरोधक लांघने की कोशिश कर रहे थे।

अंबाला। हरियाणा पुलिस ने बृहस्पतिवार को पंजाब के किसानों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ये किसान केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत कथित तौर पर पुलिस अवरोधक लांघ कर हरियाणा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। 

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पंजाब के साथ लगी शंभू अंतरराज्यीय सीमा पर हरियाणा पुलिस के अधिकारियों ने ‘लाउड स्पीकर’ का इस्तेमाल किया और किसानों को पंजाब की ओर ही इकट्ठा होने को कहा। उनमें से कुछ अवरोधक लांघने की कोशिश कर रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर शंभू अंतरराज्यीय सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां किसानों ने घग्गर नदी में पुलिस बैरिकेड को फेंक दिया। कई किसान हाथ में काले झंडे लिए भी नजर आए। राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई अवरोधक लगाएं हैं। 

मौके पर मौजूद एक किसान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह निंदनीय है कि हरियाणा पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ऐसे उपाय कर रही है। हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन वे विरोध करने के हमारे लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने से हमें रोकना चाहते हैं।’’ इससे पहले अंबाला के मोहरा गांव में भी किसानों के एक समूह ने अवरोधक लांघने की कोशिश की थी और वहां भी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की थी। 

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हरियाणा ने बृहस्पतिवार को पंजाब से लगी अपनी सभी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है। हरियाणा में भाजपा सरकार ने पहले ही कहा था कि वह किसानों के दिल्ली की ओर जुलूस निकालने के मद्देनजर 26 और 27 नवम्बर को पंजाब से लगी अपनी सीमाओं को बंद कर देगी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा था कि उसने केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए विभिन्न किसान संगठनों से मिले सभी अनुरोधों को खारिज कर दिया है। पुलिस ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के बीच किसी प्रकार का जमावड़ा करने के लिए शहर आने पर प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





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अंडमान में कोविड-19 के तीन नए मामले, कुल मामले बढ़कर 4,991 हुए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:50
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अंडमान में कोविड-19 के तीन नए मामले, कुल मामले बढ़कर 4,991 हुए

अंडमान में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आए है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण से तीन और लोग स्वस्थ हुए हैं। उन्होंने बताया कि द्वीपसमूह में वर्तमान में 29 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि 4,900 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।

पोर्ट ब्लेयर।अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 4,991 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण से तीन और लोग स्वस्थ हुए हैं। उन्होंने बताया कि द्वीपसमूह में वर्तमान में 29 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि 4,900 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।

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संक्रमण से अब तक 62 लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने कोविड-19 के लिए अब तक 2.08 लाख नमूनों की जांच की है।





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दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   10:45
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दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

सिंधिया को जिस जगह बंगला मिला है वहीं पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और उमा भारती का भी बंगला है। सिंधिया अब इन दिग्गज नेताओं के पड़ोसी बन गए है।

भोपाल। राजधानी में लंबे समय से ठिकाने की तलाश कर रहे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की तलाश आखिरकार खत्म हो गई है। प्रदेश की शिवराज सरकार ने उन्हें सरकारी बंगला आवंटित किया है। सिंधिया को जिस जगह बंगला मिला है वहीं पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और उमा भारती का भी बंगला है। सिंधिया अब इन दिग्गज नेताओं के पड़ोसी बन गए है।

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दरअसल कमलनाथ सरकार के समय से ही सिंधिया भोपाल में सरकारी आवास की मांग कर रहे थे, जो पूरी नहीं की गई थी। जबकि शिवराज सरकार से अनुरोध करने पर उन्हें श्यामला हिल्स पर बी-5  बंगला आवंटित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक सिंधिया को जो बंगला आवंटित किया गया है, वहां पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल रहते थे। इसी लाइन में आगे उमा भारती और दिग्विजय सिंह का भी आवास है।

 

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बता दे कि बंगला आवंटन के अलावा सिंधिया ने हाल ही में ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स में छूट की मांग को लेकर भी मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखा था। जिस पर मुख्यमंत्री की तरफ से सहमति दे दी गई है। अब माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया 30 जनवरी को ग्वालियर में लगने वाले मेले का उद्घाटन कर सकते हैं।





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मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:27
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मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है।

मुंबई। मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे दिन बुधवार को 3,300 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन इनमें से केवल 52 प्रतिशत को ही टीका लगाया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि कोविन ऐप में दिक्कतों के चलते ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि अब पंजीकृत कर्मियों के लिए सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति दे दी गई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है। तकनीकी कारणों के मद्देनजर बीएमसी ने पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। 

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आंकड़ों के अनुसार बुधवार को केईएम अस्पताल में 362, डॉ बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल में 306 और रजवाड़ी अस्पताल में 236 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड-19 का टीका लगवाया। इन सभी को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीका दिया गया और जे जे अस्पताल में 15 स्वास्थ्य कर्मियों को कोवेक्सीन टीका लगाया गया। लगातार तीसरे दिन जे जे अस्पताल में सबसे कम लोगों ने टीका लगवाया। बीएमसी में कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मंगला गोमारे ने पीटीआई-से कहा कि कोविन ऐप में अब भी समस्याएं आ रही हैं, हालांकि कुछ तकनीकी खामियों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि बीएमसी ने निर्णय लिया है कि अब पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका की खुराक लेने की अनुमति दी जाएगी भले ही वह उस दिन टीका लगवाने वालों की सूची में शामिल न हों।





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