Bihar में Rajya Sabha का बिगड़ा गणित, Tejashwi Yadav बोले- 'हम जीतेंगे', 6 वोटों का पेंच कैसे सुलझेगा?

बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने जीत का दावा कर सियासी 'खेला' की अटकलें तेज कर दी हैं। संख्याबल में पीछे होने के बावजूद महागठबंधन की नजर 6 अतिरिक्त वोटों पर है, जिससे चुनाव में मतदान और क्रॉस-वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। एनडीए और महागठबंधन, दोनों ही खेमों में बैठकों का दौर जारी है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रहे हैं।
तेजस्वी यादव का बड़ा दावा
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में अपने विधायकों और गठबंधन के साथियों के साथ बैठक की। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है और वे राज्यसभा चुनाव न सिर्फ लड़ेंगे, बल्कि जीतेंगे भी। उन्होंने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए जाएंगे। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर किसी 'खेला' की चर्चा तेज हो गई है।
इसे भी पढ़ें: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर Swami Avimukteshwaranand ने तोड़ी चुप्पी, आरोप लगाने वाले के खिलाफ ही दर्ज कराया मुकदमा
क्या कहता है सीटों का गणित?
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए जरूरी आंकड़ों को देखें, तो महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल और आईआईपी) के पास कुल 35 विधायक हैं। जीत पक्की करने के लिए तेजस्वी को अभी भी 6 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में सबकी नजरें ओवैसी की पार्टी और बसपा के रुख पर टिकी हैं। दूसरी ओर, मौजूदा समीकरण के हिसाब से एनडीए को भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 3 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है।
इसे भी पढ़ें: Ajit Pawar Plane Crash | Maharashtra CID की 'प्रोफेशनल जांच' का भरोसा, रोहित पवार ने FIR के लिए खोला मोर्चा
निर्विरोध चुनाव या वोटिंग?
अगर 5 सीटों के लिए केवल 5 ही उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। लेकिन यदि कोई छठा या सातवां उम्मीदवार मैदान में आता है, तो मतदान होना तय है। ऐसी स्थिति में क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बढ़ सकता है। आने वाले कुछ दिन बिहार की सत्ता और विपक्ष, दोनों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होने वाले हैं।
अन्य न्यूज़















