क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच रविवार को कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ती हुई। यह मीटिंग चीनी सीमा रेखा में स्थित मोल्डो में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत ने एक बार फिर चीन से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाली जगहों से अपनी सेनाओं को पीछे हटाने का कहा, ताकि तनाव कम हो।वहीं सिक्कम से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आज सामने आई है। इस झड़प में चीन के 20 सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। लेकिन संवाद और विवाद की दो अलग-अलग खबरों के बीच पिछले 8 महीने से लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौर में एक खबर ऐसी भी है जिससे प्रतीत होता दिख रहा है कि लद्दाख मसला अब नरमी से हल हो जाएगा।  9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया। 

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इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टेंशन कम हो जाएगा यह तो नही पता लेकिन इतना जरूर है कि भारत चीन के बीच जारी संवादों या फिर सैन्य कमांडरों के बीच चलने वाले हॉटलाइन पर इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय सेना के इस पहल से चीनी सैन्य अधिकारियों पर सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है। 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टीनेंट जेनरल पी जी के मेनन और दिल्ली के नेतृत्व ने यह फैसला लिया कि चीनी सैनिक को वापस भेज दिया जाए।

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11जनवरी को मोलडो क्रासिंग पर चीनी जवान को वापस सौप दिया गया। भारतीय सेना के इस कदम को सद्भावना वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना ने ऐसी ही सद्भावना पिछले साल अक्टूबर में भी दिखयी थी जब देमचोक सेक्टर से एक चीनी सिपाही पकड़ा गया था। चीन के अंदर सोशल मीडिया पर भी चीनी सैनिक की वापसी को काफी सराहा जा रहा है और इसपर गर्मजोशी से सकारात्मक चर्चा भी हो रही हैं। चीनी सेना ने ऑन रिकॉर्ड  इस पहल के लिए भारीतय सेना की काफी प्रसंसा और सराहना की है। अब इस तरह की प्रसंसा का ग्राउंड पर कितना असर दिखेगा, यह अभी नही कहा जा सकता लेकिन भारतीय सेना ने अक्टूबर से जनवरी 2021 के दौरान अपने सद्भावना भरे कदमों से पीएलए को आश्चर्य चकित जरूर कर दिया।





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