अब्दुल्ला और मुफ्ती को भारत का बंटवारा नहीं करने देंगे: नरेंद्र मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 15 2019 9:05AM
अब्दुल्ला और मुफ्ती को भारत का बंटवारा नहीं करने देंगे: नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमले का मुद्दे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भारतीय सेना की क्षमता पर संदेह करने के लिए सवाल उठाया।

कठुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और नेशनल कान्फ्रेंस एवं पीडीपी सहित क्षेत्रीय दलों पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को भारत से अलग करने की उनकी मांग का उसी तरह से पर्दाफाश हो गया है जैसे पाकिस्तान की परमाणु धमकी की ‘‘हवा’’ निकल गई है। मोदी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएममो) में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह के पक्ष में यहां एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।  मोदी ने कहा कि भाजपा पार्टी विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रति ‘‘कर्तव्यबाध्य’’ है जिन्होंने यहां तिरंगा लहराया था और यह कहते हुए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था कि ‘‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हाल के दिनों में आपने देखा होगा कि कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी की ‘महामिलावट’ बेनकाब हुई। जो दशकों से उनके दिल में था और जिसके लिए वे गुप्त रूप से काम कर रहे थे वह सामने आ गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे प्रतिदिन जम्मू कश्मीर को भारत से अलग करने की धमकी दे रहे हैं, रक्तपात और अलग प्रधानमंत्री की बात कर रहे हैं। पहले पाकिस्तान भी हमें अपने परमाणु हथियारों की धमकी देता था लेकिन उसकी हवा निकल गई।’’ 

प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमले का मुद्दे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भारतीय सेना की क्षमता पर संदेह करने के लिए सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अफ्सपा को खत्म करने और सुरक्षा बलों को राज्य से हटाने की बात करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। मोदी ने नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी नेतृत्व पर जम्मू कश्मीर में बर्बादी करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें सत्ता से बाहर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी से कहना चाहता हूं जो पिछली तीन पीढ़ियों से सत्ता में हैं जिनमें अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार शामिल हैं कि यह मोदी है जो ना बिकता है, ना डरता है और ना झुकता है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘अपने परिवार के सभी सदस्यों को मैदान में लायें और मोदी को जितना बुरा भला कह सकते हैं कहें लेकिन आप देश को बांट नहीं पाएंगे। श्यामा प्रसाद की विचारधारा हमारे लिए ‘वचनपत्र’ है और यह पत्थर पर उकेरा हुआ है जिसे कोई भी हटा नहीं सकता।’’
उन्होंने कहा कि यह भाजपा की प्रतिबद्धता है और देश का चौकीदार भी इस विचारधारा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पूरा प्रयास कर सकते हैं लेकिन वे मोदी को अपने सामने दीवार की तरह खड़ा पाएंगे।’’ नेशनल कान्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मोदी पर निशाना साधा और पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद तथा मोदी द्वारा 2015 में गठबंधन करने के बाद एक-दूसरे को गले लगाने की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा की।  उन्होंने तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘मोदी जो कहते हैं उसमें इतना विश्वास करते हैं। देखिये वह उस परिवार के साथ गठबंधन करके कितने खुश हैं जिससे वह जम्मू कश्मीर की राजनीति को मुक्त देखना चाहते हैं।’’  जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया,‘‘मोदी जी ने 2014 में कहा था कि हमें जम्मू कश्मीर को इन दो राजनीतिक परिवारों से मुक्त कराना होगा और उसके तुरंत बाद गए और मुफ्ती परिवार के एक नहीं बल्कि दो सदस्यों को जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया। 2019 में मोदी जी ने कहा कि ‘हमें जम्मू कश्मीर को इन दो राजनीतिक परिवारों से मुक्त कराना होगा। एक और जुमला मोदीजी?’’ ‘मोदी..मोदी’ की नारों के बीच प्रधानमंत्री ने करीब 38 मिनट के अपने भाषण में कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि परिवार का शासन करने वाले दलों को जम्मू कश्मीर विरासत में नहीं मिला है। मोदी ने कहा, ‘‘हमारे संविधान निर्माता (बी आर आंबेडकर) ने काफी पहले पंजाब में अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया था कि वंशवादी शासन देश का सबसे बड़ा शत्रु है। आज उनकी जयंती है और उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि वंशवादी राजनीति करने वाली पार्टियों के खिलाफ वोट करना होगा। 
 
कश्मीरी पंडितों को घाटी में दोबारा बसाने के लिये प्रतिबद्ध: मोदी
 


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि वह घाटी में कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाने और दशकों पहले सीमापार से आकर जम्मू कश्मीर में बस चुके पीओके तथा पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिये प्रतिबद्ध हैं।  उन्होंने घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह कभी भी कश्मीरी पंडितों और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय नहीं दिला पाई। उन्होंने कहा,  कांग्रेस की नीतियों के चलते मेरे कश्मीरी पंडित भाइयों और बहनों को अपना घर छोड़ना पड़ा। कांग्रेस और उसके सहयोगी पंडितों पर किये गए अत्याचारों के गवाह हैं, लेकिन उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं। 
 

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