Parliament में महिलाओं के हक़ पर चोट! Rekha Gupta बोलीं- Women's Rights के लिए संघर्ष जारी रहेगा

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर 'महिला विरोधी' होने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष ने आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया। इस राजनीतिक गतिरोध के बाद भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को विपक्ष पर महिलाओं को विधानसभाओं में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया और घोषणा की कि महिलाएं संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगी। महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने पहले ही तय कर लिया था कि वे महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने देंगे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्षी दल भारत की लगभग आधी आबादी वाली महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहते।
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रेखा गुप्ता ने कहा कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी वाली करोड़ों महिलाएं कभी सदन तक पहुंचें। महिलाओं के अपने अधिकारों को पाने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन हम महिलाएं अपने अधिकार जरूर हासिल करेंगी। ये टिप्पणियां भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने में विफल रहने के बाद आईं। इस विधेयक का उद्देश्य परिसीमन के माध्यम से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना था। लंबी बहस के बाद हुए मतदान में 298 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया जबकि 230 ने इसका विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप विधेयक हार गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की कि विधेयक संवैधानिक बहुमत प्राप्त न कर पाने के कारण पारित नहीं हो सका। सरकार ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक सहित तीन परस्पर संबंधित विधेयक पेश किए थे, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाद में कहा कि शेष विधेयकों पर आगे विचार नहीं किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इससे पहले विपक्षी दलों पर संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से किए जा रहे एक महत्वपूर्ण सुधार को रोकने का आरोप लगाया था।
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राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन परिसीमन से इसे जोड़ने का विरोध किया और इस कदम को भारत की चुनावी संरचना को बदलने का प्रयास बताया। इस बीच, भाजपा और उसके राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन सहयोगियों ने शुक्रवार को विपक्ष को निशाना बनाते हुए देशव्यापी विरोध अभियान की घोषणा की। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अपनी राज्य इकाइयों को पूरे भारत में सभी जिला मुख्यालयों पर समन्वित प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश दिया है।
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