Prabhasakshi NewsRoom: Yogi Model में ऐसी क्या खूबी है जो इसे कर्नाटक सरकार अपने यहाँ लागू करने जा रही है?

Basavaraj Bommai
ANI
कर्नाटक के मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने हत्याएं करने वालों को मुठभेड़ में मार गिराने की पैरवी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार इसके लिए तैयार है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आईटी-बीटी मंत्री नारायण ने कहा, ‘‘बिना कोई मौका दिये कार्रवाई की जाएगी।''

देशभर में आजकल योगी मॉडल की चर्चा है। दरअसल योगी मॉडल का मतलब सिर्फ बुलडोजर से नहीं है बल्कि यह मॉडल इस बात को सुनिश्चित करता है कि कानून का शासन बना रहे। कानून का पालन करने वाले नागरिकों को कोई परेशान नहीं कर सके और कानून तोड़ने वाले बख्शे नहीं जायें और उन्हें तत्काल कड़ी सजा मिले, यही योगी मॉडल की विशेषता है। भाजपा शासित राज्य कर्नाटक, जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, वहां हाल ही में भाजपा और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं पर जिस तरह हमले बढ़े हैं उसको देखते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की सरकार अपने ही लोगों के निशाने पर है। भाजपा कार्यकर्ताओं में इतनी ज्यादा नाराजगी है कि बोम्मई सरकार ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरे होने पर जो जश्न की तैयारी की थी उसे रद्द करना पड़ गया है। मुख्यमंत्री बोम्मई ने अब यहां तक कह दिया है कि वह राज्य में जरूरत पड़ने पर योगी से भी सख्त मॉडल लागू करने को तैयार हैं।

इस बीच, कर्नाटक के मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने हत्याएं करने वालों को मुठभेड़ में मार गिराने की पैरवी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार इसके लिए तैयार है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आईटी-बीटी मंत्री नारायण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बिना कोई मौका दिये कार्रवाई की जाएगी। हम मुठभेड़ के लिए तैयार हैं।'' उन्होंने कहा कि हमने अपने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और राज्य सरकार से पहले ही बात कर ली है। नारायण ने कहा, ''कुछ उकसाने वाले लोग हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। ऐसी ‘मुठभेड़’ करने का वक्त आ गया है।'' उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और हम विशेष दस्ता बनाकर ऐसी गतिविधियां करने वालों को कोई मौका नहीं देंगे। मंत्री ने कहा कि हम निर्दोष लोगों को बचाने के लिए कदम उठायेंगे। उन्होंने कहा कि भाजयुमो कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू का परिवार जिस दुख से गुजर रहा है, हम सुनिश्चित करेंगे कि उस तरह कोई अन्य न गुजरे।

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हम आपको बता दें कि प्रवीण नेत्तारू की हत्या के बाद दक्षिण कन्नड़ जिले में तनाव व्याप्त हो गया और लोगों में नाराजगी पैदा हो गयी है। कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जिनमें से दो की पहचान मोहम्मद जाकिर और शफीक के रूप में की गयी है। जनाक्रोश के बाद मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के काम को एनआईए को सौंपने का फैसला किया है। गौरतलब है कि प्रवीण नेत्तारू की बेल्लारी में उनकी दुकान के सामने मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार रात को हत्या कर दी थी। यह मोटरसाइकिल केरल के नंबर की बतायी जा रही है। 

इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के मद्देनजर राज्य के पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बोम्मई ने कहा कि केरल सीमा के साथ ही सभी सीमा चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तटीय क्षेत्र के गांवों में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा चौकी और अस्थायी पुलिस शिविर स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिले में रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की जाएंगी।

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उधर, इस मामले को लेकर राजनीति भी गर्मा गयी है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है और हत्या की घटनाएं 'खुफिया विफलता' को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘खुफिया विभाग मुख्यमंत्री के अधीन, जबकि कानून व्यवस्था गृह मंत्री के तहत है। इसलिए, वे इसके लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते बोम्मई ने कहा, ‘‘जब सिद्धरमैया मुख्यमंत्री थे, तब 32 हत्याएं हुई थीं।'' उन्होंने पूछा कि तब उन्होंने क्या किया? वह हर चीज में सिर्फ राजनीति की कोशिश करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बयान का कोई महत्व नहीं है। हम जानते हैं कि चीजों का प्रबंधन कैसे किया जाता है।

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