इंडिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा लेकिन राह आसन नहीं- इंतानोन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 28, 2019   15:44
इंडिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा लेकिन राह आसन नहीं- इंतानोन

मुझे इंडिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। पहला मैच आसान रहा लेकिन आगे की राह आसान नहीं होगी। मेरे लिए ड्रा अच्छा है लेकिन मैं चैंपियन बनने के बारे में सोचकर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहती। मैं सिर्फ अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहती हूं।

नयी दिल्ली।थाईलैंड की दुनिया की आठवें नंबर की खिलाड़ी रतचानोक इंतानोन की नजरें यहां चल रहे इंडिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन पर लगी हैं लेकिन इस स्टार खिलाड़ी ने कहा कि उनके लिए इस बार तीसरा खिताब जीतना आसान नहीं होगा।महिला एकल के पहले दौर के मैच में इंतानोन ने भारत की साई उत्तेजिता राव चुक्का के खिलाफ सिर्फ 21 मिनट में 21-9 21-6 से आसान जीत दर्ज की। उन्होंने हालांकि स्वीकार किया कि टूर्नामेंट में उनकी राह आसान नहीं होने वाली।वर्ष 2013 और 2016 में इंडिया ओपन का खिताब जीतने वाली इंतानोन ने कहा, ‘‘मुझे इंडिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। पहला मैच आसान रहा लेकिन आगे की राह आसान नहीं होगी। मेरे लिए ड्रा अच्छा है लेकिन मैं चैंपियन बनने के बारे में सोचकर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहती। मैं सिर्फ अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहती हूं।

इसे भी पढ़ें: मलेशिया मास्टर्स में नए सत्र की शुरुआत करेंगे श्रीकांत और साइना

तोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफिकेशन समय शुरू होने वाला है और इंतानोन ने कहा कि वह इस दौरान चार से पांच टूर्नामेंट जीतना चाहती हैं लेकिन अपनी फिटनेस के आधार पर ही फैसला करेंगी कि किसी टूर्नामेंट में खेलना है और किसमें नहीं। उन्होंने कहा, मैं अपनी फिटनेस के आधार पर चयन करूंगी कि कौन सा टूर्नामेंट मेरे लिए सही रहेगा। ओलंपिक क्वालीफिकेशन के कारण यह साल सभी खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। इस साल काफी टूर्नामेंट होने हैं और चोटों से बचना महत्वपूर्ण होगा। इंतानोन ने कहा, इस साल मेरी नजर आल इंग्लैंड के बाद अब विश्व चैंपियनशिप और सुपर 1000 टूर्नामेंटों पर टिकी हैं। मुझे इस साल चार से पांच टूर्नामेंट जीतने होंगे लेकिन मैं अपने ऊपर उम्मीदों का दबाव नहीं बनाना चाहती। ओलंपिक क्वालीफिकेशन के कारण खिलाड़ी अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं।

ऑल इंग्लैंड में विफलता के बावजूद मौजूदा सत्र में इंतानोन प्रभावी प्रदर्शन करने में सफल रही हैं। जर्मन ओपन के फाइनल में इंतानोन को जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था जबकि मलेशिया मास्टर्स के फाइनल में वह स्पेन की दिग्गज कैरोलिन मारिन को हराकर खिताब जीतने में सफल रही।इंतानोन ने कहा, हर खिलाड़ी प्रत्येक मैच जीतना चाहता है लेकिन हमेशा वह नहीं होता जिसकी आपने उम्मीद की है। मैं अपनी सीमाओं के अनुसार खेलकर विरोधी पर दबाव बनाना चाहती हूं।उन्होंने कहा, मैं अब तक अपने प्रदर्शन से खुश भी हूं और नहीं भी। मैंने आल इंग्लैंड में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की थी लेकिन पहले दौर में हार गई। मैं इससे निराश हो गई थी लेकिन अब यह समय गुजर गया है और इस बारे में कुछ नहीं कर सकती इसलिए अब आगामी प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन पर ध्यान लगा रही हूं।

इसे भी पढ़ें: साइना नेहवाल हारी, अवध वारियर्स ने नार्थ ईस्टर्न को हराया

महिला एकल में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर इंतानोन ने कहा, अब अधिकांश प्रतिद्वंद्वी अनुभवी हो गई हैं जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। जब मैं युवा थी तो ली शुएरुई जैसी खिलाड़ियों के खिलाफ काफी खेली। तब पीवी सिंधू, कैरोलिन मारिन और नाजोमी ओकुहारा भी युवा थी। उस समय वह मेरे जितनी अनुभवी नहीं थी लेकिन अब मेरे से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। महिला एकल में काफी बदलाव आया है, पहले अनुभव काफी मायने रखता था लेकिन अब पुरुष एकल की तरह गति और मजबूती भी महत्वपूर्ण हो गई है। चीनी ताइपे की दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताइ जू यिंग के खिलाफ इंतानोन का रिकार्ड अच्छा है जिस पर उन्होंने कहा, ताइ जू यिंग और मेरी शैली एक जैसी है लेकिन वह मैच के दौरान अधिक सोचती है और मेरी तुलना में अधिक मुश्किल शाट खेलती है। वह मेरे और मैं उसके खेल से वाकिफ हूं।

इसे भी पढ़ें: वोडाफोन PBL-4 में किदाम्बी श्रीकांत ने बेंगलुरू को दिलाई शानदार जीत

इंतानोन ने कहा कि उन्हें साइना नेहवाल का सामना करने में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। थाईलैंड की इस खिलाड़ी ने कहा, साइना का सामना करना काफी मुश्किल होता है। मुझे पता है कि साइना मजबूत खिलाड़ी है। वह कभी हार नहीं मानती। एशियाई खेलों में मैंने उस पर बड़ी बढ़त बना रखी थी लेकिन वह वापसी करते हुए जीत दर्ज करने में सफल रही। वह अच्छी फाइटर है और मुझे उससे सीखना होगा। उन्होंन कहा, सिंधू के खिलाफ भी साइना का रिकार्ड अच्छा है और वापसी करने की क्षमता उसे बेहतर खिलाड़ी बनाती है। सिंधू ने काफी टूर्नामेंटों के फाइनल में जगह बनाई है। मैं सिंधू के अधिक करीब हूं क्योंकि हमारी उम्र समान है। वह मेरा समर्थन करती है और मैं भी उसका समर्थन करती हूं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।