विश्व टूर फाइनल्स के लिये बेहतर फार्म में रहूंगी: पी वी सिंधू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2018   17:19
विश्व टूर फाइनल्स के लिये बेहतर फार्म में रहूंगी: पी वी सिंधू

ह तीसरा अवसर है जबकि सिंधू ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिये क्वालीफाई किया है और जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार वह बेहतर फार्म में रहेंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, क्योंकि मुझे इस बार तैयारियों के लिये पर्याप्त समय मिला है।’’

नयी दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू का मानना है कि वह विश्व टूर फाइनल के लिये बेहतर फार्म में रहेंगी क्योंकि हाल के विश्राम के कारण उन्हें 12 दिसंबर से शुरू होने वाले सत्र के अंतिम टूर्नामेंट की तैयारियों के लिये पर्याप्त समय मिला है। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू पिछली बार दुबई में उप विजेता रही थी। वह ग्वांग्झू में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारियों के सिलसिले में पिछले सप्ताह सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में नहीं खेली थी। यह तीसरा अवसर है जबकि सिंधू ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिये क्वालीफाई किया है और जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार वह बेहतर फार्म में रहेंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, क्योंकि मुझे इस बार तैयारियों के लिये पर्याप्त समय मिला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि मैं इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के प्रति आश्वस्त हूं। यह सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक है जिसमें शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। यह चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन मैं वास्तव में इसे जीतना चाहती हूं।’’ सिंधू ने इस साल अपनी प्रभावशाली फार्म जारी रखी है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किये। इसके अलावा वह इंडिया ओपन और थाईलैंड ओपन में भी उप विजेता रही थी। फाइनल में हारने के बारे में सिंधू ने कहा, ‘‘मैं पांच फाइनल में खेली और उनमें हार गयी। यह हार पचा पाना मुश्किल होता है लेकिन मैं एशियाई खेलों के परिणाम से खुश हूं। कुल मिलाकर मैंने कुछ अच्छे परिणाम हासिल किये और कुछ अवसरों पर फाइनल में उलटफेर का शिकार बनी।’’


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उन्होंने कहा, ‘‘कई बार आप जब फाइनल और यहां तक कि क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हारते हैं तो बुरा लगता है विशेषकर तब जबकि आपको लगता है कि आप बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे या आपने शत प्रतिशत दिया लेकिन फिर भी हार गये।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘कई बार आप अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करते और फिर भी जीत जाते हो। आपको लगता है कि आपको बेहतर खेलना चाहिए था। कभी दिन आपके अनुकूल नहीं होता है। उदाहरण के लिये 2017 विश्व चैंपियनशिप का फाइनल क्योंकि उस दिन मैंने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ’’ 

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फिर उन्हें इस साल किन खिलाड़ियों को हराने में मुश्किल हुई, सिंधू ने कहा, ‘‘मैं सभी को एक स्तर का मानती हूं। यह ऐसा नहीं है कि किसी को हराना मुश्किल है। यह उस दिन की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। आप देख रहे हैं कि कई जूनियर खिलाड़ी आ रहे हैं इसलिए हमें प्रत्येक जूनियर खिलाड़ी के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।’’ ताइपै की ताइ जु यिंग के खिलाफ लगातार छह हार के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर ताइ जु चालाक खिलाड़ी है। वह विश्व में नंबर एक है लेकिन फिर मेरा मानना है कि यह उस दिन के प्रदर्शन से जुड़ा है। मेरा मानना है कि यह इतना कड़ा नहीं है। आपको उसके स्ट्रोक का सामना करने के लिये तैयार होना होता है।’’





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