सचिन तेंदुलकर ने बताया की कैसे सफल रहेगा भारत का पहला डे-नाइट टेस्ट मैच

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 31, 2019   17:02
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सचिन तेंदुलकर ने बताया की कैसे सफल रहेगा भारत का पहला डे-नाइट टेस्ट मैच

तेंदुलकर ने कहा कि जब तक ओस मैच को प्रभावित नहीं करती तब तक यह अच्छा कदम है लेकिन अगर ओस का प्रभाव पड़ता है तो तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा।

नयी दिल्ली। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारत का पहला दिन-रात्रि टेस्ट तभी सफल होगा जब ईडन गार्डन्स में ओस से प्रभावी तरीके से निपटा जाएगा। उन्हें अंदेशा है कि ओस से तेज गेंदबाजों और स्पिनरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तेंदुलकर ने भारत में टेस्ट मैच दूधिया रोशनी में कराने का स्वागत करते हुए कहा कि यह ‘अच्छा कदम’ है और दर्शकों को इस पारंपरिक प्रारूप की ओर खींचकर लाएगा। भारत अपना पहला दिन-रात्रि टेस्ट कोलकाता में 22 नवंबर से बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से खेलेगा।

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तेंदुलकर ने कहा कि जब तक ओस मैच को प्रभावित नहीं करती तब तक यह अच्छा कदम है लेकिन अगर ओस का प्रभाव पड़ता है तो तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि लेकिन एक बार गेंद गीली हो गई तो ना तो तेज गेंदबाज अधिक कुछ कर पाएंगे और ना ही स्पिनर। इस तरह से गेंदबाजों की परीक्षा होगी। लेकिन अगर ओस नहीं होती है तो यह अच्छा कदम होगा। ईडन गार्डन्स पर हालांकि दिन-रात्रि एकदिवसीय मैचों के दौरान ओस की समस्या रही है और तेंदुलकर की परेशानी का कारण यही है।

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टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज तेंदुलकर ने कहा कि मुझे लगता है कि यहां ओस बड़ी भूमिका निभाएगी। हमें देखने की जरूरत है कि वहां कितनी ओस पड़ेगी। ओस फैसला करेगी कि दोनों टीमें किस हद तक प्रतिस्पर्धा पेश करेंगी। हालात का किसी चीज (प्रतिस्पर्धा पेश करने की क्षमता) पर असर नहीं पड़ना चाहिए। तेंदुलकर हालांकि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से सहमत हैं कि यह प्रयोग स्टेडियम में दर्शकों को वापस खींचने के लिए अच्छा विचार है। उन्होंने कहा कि इसे दो तरह से देखा जा सकता है। पहला इसे जनता के नजरिये से देखा जा सकता है। यह अच्छा नजरिया है क्योंकि लोग काम के बाद दिन-रात्रि टेस्ट देख पाएंगे। लोग शाम को आकर मैच का लुत्फ उठा सकते हैं।

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इस महान बल्लेबाज ने कहा कि खिलाड़ियों के नजरिए से देखा जाए तो गुलाबी गेंद से खेलना और यह देखना कि यह पारंपरिक लाल गेंद से यह किस तरह अलग व्यवहार करती है, बुरा विचार नहीं है। शोएब अख्तर हों या शेन वार्न, किसी भी गेंदबाज का सामना करने के लिए तेंदुलकर पूरी तैयारी के साथ उतरते थे और उन्होंने नेट सत्र के लिए भारतीय बल्लेबाजों को टिप्स भी दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बल्लेबाजों को नेट पर अलग अलग तरह की गेंदों के साथ अभ्यास करने की जरूरत है। नई गुलाबी गेंद, 20 ओवर पुरानी गुलाबी गेंद, 50 ओवर पुरानी गुलाबी गेंद और 80 ओवर पुरानी गेंद। देखना होगा कि नई गेंद, थोड़ी पुरानी और पुरानी गेंद किस तरह बर्ताव करती है। इसके अनुसार अपनी रणनीति बनाओ।

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इस साल दलीप ट्रॉफी नहीं होने के कारण तेंदुलकर ने भारतीय टीम से अपील की कि वे उन सभी खिलाड़ियों से सुझाव लें जो पिछले तीन साल इस प्रतियोगिता में खेले। दलीप ट्रॉफी मैच दूधिया रोशनी में खेले गए थे। उन्होंने कहा कि भारतीय लड़कों को उन सभी खिलाड़ियों से भी सलाह लेनी चाहिए जो दलीप ट्रॉफी में खेले और उनके पास साझा करने के लिए कुछ चीजें होनी चाहिए। तेंदुलकर ने 1991-92 के अपने पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे को भी याद किया जहां पांच टेस्ट मैचों के बीच में त्रिकोणीय श्रृंखला (भारत, आस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच) का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि हमने लाल गेंद से शुरुआत की, इसके बाद सफेद गेंद से खेले और फिर दोबारा लाल गेंद से क्रिकेट खेला। यह मेरे लिए नई चीज थी क्योंकि मैं सफेद गेंद से काफी नहीं खेला था।

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तेंदुलकर ने कहा कि मैं बहुत कम (नयी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय) खेला था। इसलिए लाल गेंद से सफेद गेंद में सामंजस्य बैठाने की जरूरत पड़ी। इसलिए मैं कह सकता हूं कि गुलाबी गेंद के खिलाफ खेलने से निश्चित तौर पर कुछ अलग महसूस होगा। एक अन्य पहलू यह है कि गुलाबी गेंद के रंग को बरकरार रखने के लिए पिच पर कम से कम आठ मिलीमीटर घास छोड़नी होगी। तेंदुलकर का मानना है कि इससे तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी लेकिन अच्छा स्पिनर भी प्रभावी हो सकता है। उन्होंने कहा कि बेशक इससे तेज गेंदबाजों को अधिक मदद मिलेगी लेकिन अगर आपके पास स्तरीय स्पिनर है तो वह भी इस तरह की पिच पर गेंदबाजी का तरीका ढूंढ सकता है। स्पिनर के लिए यह आकलन करना महत्वपूर्ण होगा कि सतह से कितना उछाल मिल रहा है और गेंद कितनी स्किड कर रही है।

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ऐसी स्थिति में विकेटकीपर रिद्धिमान साहा अपने गेंदबाजों का मार्गदर्शन करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर बड़ी भूमिका निभाएगा। उसे बताना पड़ेगा कि गेंद रुक कर आ रही है या नहीं। तेंदुलकर को भरोसा है कि पहले प्रयास के बावजूद एसजी कंपनी अच्छे स्तर की गुलाबी गेंद मुहैया कराने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि एसजी प्रतिष्ठित कंपनी है। निश्चित तौर पर इसे लागू करने से पहले उन्होंने सभी चीजों को परखा होगा। मेरा मानना है कि जरूरी कदम उठाए गए होंगे।





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दर्शकों की गैरमौजूदगी में होगा तोक्यो ओलंपिक? IOC के पूर्व उपाध्यक्ष ने दिया जवाब

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   14:42
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दर्शकों की गैरमौजूदगी में होगा तोक्यो ओलंपिक? IOC के पूर्व उपाध्यक्ष ने दिया जवाब

आईओसी के पूर्व उपाध्यक्ष पाउंड ने कहा, तोक्यो ओलंपिक के दौरान दर्शकों की मौजूदगी अनिवार्य नहीं होगी।उन्होंने कहा कि अगर इस बार खेलों का आयोजन नहीं हुआ तो इन्हें रद्द कर दिया जाएगा। ये खेल दोबारा स्थगित नहीं होंगे। पाउंड ने कहा, ‘‘यह 2021 में होंगे या फिर नहीं होंगे।

तोक्यो। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के पूर्व उपाध्यक्ष डिक पाउंड ने कहा है कि तोक्यो ओलंपिक का आयोजन स्टेडियम में दर्शकों की गैरमौजूदगी में हो सकता है। उन्होंने साथ ही भविष्यवाणी की कि जापान और दुनिया भर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बावजूद खेलों का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को होगा। पाउंड ने जापान की क्योदो समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘सवाल यह है- ऐसा (दर्शकों की मौजूदगी) अनिवार्य है या ऐसा होना अच्छा होता।

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दर्शकों का होना अच्छा होगा। लेकिन ऐसा होना अनिवार्य नहीं है। ’’ पाउंड अब फैसला करने वाले आईओसी के कार्यकारी बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं लेकिन वह स्थगित हो चुके तोक्यो ओलंपिक को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ा रहे थे। उन्होंने यह प्रतिक्रिया तब दी है जब हाल में जापान में एक सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली 80 प्रतिशत जनता का मानना है कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ओलंपिक का आयोजन नहीं होना चाहिए। कनाडा के वरिष्ठ ओलंपिक अधिकारी और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के पहले अध्यक्ष पाउंड ने उस बात को दोहराया जिसे आईओसी और स्थानीय आयोजक महीनों से दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस बार खेलों का आयोजन नहीं हुआ तो इन्हें रद्द कर दिया जाएगा। ये खेल दोबारा स्थगित नहीं होंगे। पाउंड ने कहा, ‘‘यह 2021 में होंगे या फिर नहीं होंगे।





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11 महीने बाद टेनिस में वापसी करेगी विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एश बार्टी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:54
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11 महीने बाद टेनिस में वापसी करेगी विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एश बार्टी

विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एश बार्टी एडीलेड टूर्नामेंट से 11 महीने बाद टेनिस में वापसी करेगी।बार्टी ने कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल यूएस ओपन और फ्रेंच ओपन में भाग नहीं लिया था। एडीलेड के बाद बार्टी की योजना मेलबर्न में डबल्यूटीए 500 टूर्नामेंट में खेलने की है।

एडीलेड। विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एश बार्टी एडीलेड में होने वाली एकदिवसीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता से 11 महीने बाद कोर्ट पर वापसी करेगी। बार्टी ने गुरुवार को कहा कि वह इस प्रदर्शनी मुकाबले में खेलेगी जिसमें सेरेना विलियम्स, नाओमी ओसाका और सिमोना हालेप भी हिस्सा लेंगी। इस एकदिवसीय टूर्नामेंट में पुरुष वर्ग के भी चार शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे।

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इनमें नोवाक जोकोविच, राफेल नडाल और डोमिनिक थीम भी शामिल हैं। फ्रेंच ओपन 2019 की विजेता और पिछले साल आस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली बार्टी ने फरवरी में कतर ओपन के बाद कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है। बार्टी ने कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल यूएस ओपन और फ्रेंच ओपन में भाग नहीं लिया था। एडीलेड के बाद बार्टी की योजना मेलबर्न में डबल्यूटीए 500 टूर्नामेंट में खेलने की है। इसके बाद आठ फरवरी से आस्ट्रेलियाई ओपन शुरू हो जाएगा।





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सिंधू और श्रीकांत ने थाईलैंड ओपन के पहले दौर में दर्ज की जीत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   11:06
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सिंधू और श्रीकांत ने थाईलैंड ओपन के पहले दौर में दर्ज की जीत

सिंधू और श्रीकांत की थाईलैंड ओपन में प्रभावशाली शुरुआत की है।सिंधू दूसरे गेम में अधिक प्रतिबद्ध दिखी। उन्होंने 7-2 से बढ़त बनायी और फिर ब्रेक तक 11-5 से आगे थी। सिंधू ने लगातार पांच अंक बनाकर 19-8 से बढ़त हासिल की। आखिर में उनके पास सात मैच प्वाइंट थे और उन्होंने करारा स्मैश जमाकर जीत दर्ज की।

बैंकॉक। भारत के चोटी के खिलाड़ियों पी वी सिंधू और किदाम्बी श्रीकांत ने टोयोटा थाईलैंड ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट में मंगलवार को यहां पहले दौर में सीधे गेम में जीत दर्ज की। एक सप्ताह पहले एशियाई चरण की पहली प्रतियोगिता में डेनमार्क की मिया ब्लिचफील्ड से पहले दौर में हारने के बाद विश्व चैंपियन सिंधू ने दूसरे टूर्नामेंट के शुरू में विश्व में 12वें नंबर की थाई खिलाड़ी बुसानन ओंगबमरंगफान को महिला एकल मैच में 21-17, 21-13 से हराया। सिंधू ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह अच्छा मैच था और मैं बहुत खुश हूं। यह जीत मेरे लिये बहुत महत्वपूर्ण थी क्योंकि पिछले सप्ताह के टूर्नामेंट में मैं पहले दौर में हार गयी थी।’’ इस जीत से सिंधू का बुसानन के खिलाफ रिकार्ड 11-1 हो गया है। भारतीय खिलाड़ी केवल एक बार 2019 में हांगकांग ओपन में थाई खिलाड़ी से हारी थी।

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सिंधू अगले दौर में कोरिया की सुंग जी ह्यून और सोनिया चिया के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ेगी। पुरुष एकल में विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत ने थाईलैंड के सिटीकोम थम्मासिन को 37 मिनट में 21-11, 21-11 से पराजित किया। श्रीकांत पिछले टूर्नामेंट में पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दूसरे दौर से हट गये थे लेकिन अब लगता है कि वह फिट हो गये हैं। सिंधू ने बुसानन के खिलाफ 8-6 की बढ़त बनायी लेकिन थाई खिलाड़ी ने अच्छी वापसी की और एक समय वह 13-9 से आगे थी। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि धैर्य बनाये रखा और जल्द ही 18-16 से आगे हो गयी और फिर पहला गेम अपने नाम किया। सिंधू दूसरे गेम में अधिक प्रतिबद्ध दिखी। उन्होंने 7-2 से बढ़त बनायी और फिर ब्रेक तक 11-5 से आगे थी। सिंधू ने लगातार पांच अंक बनाकर 19-8 से बढ़त हासिल की। आखिर में उनके पास सात मैच प्वाइंट थे और उन्होंने करारा स्मैश जमाकर जीत दर्ज की।





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