Virat Kohli ने 15,000 ODI रन के बाद कहा: टीम की जीत प्राथमिकता, रिकॉर्ड नहीं

अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने पर कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य हमेशा टीम को जीत दिलाना रहा है। सचिन तेंदुलकर के बाद यह मुकाम हासिल करने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बने हैं। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी कोहली के साथ इस ऐतिहासिक पल को साझा करने पर खुशी जताई।
(तस्वीरों के साथ) तिरूवनंतपुरम, 29 सितंबर एकदिवसीय क्रिकेट में हाल ही में 15,000 रन पूरे करने वाले दिग्गज विराट कोहली ने कहा कि इस प्रारूप में उनकी लंबे समय तक कायम सफलता का आधार व्यक्तिगत रिकॉर्ड हासिल करने की बजाय भारत को जीत दिलाने की कोशिश रही है। कोहली महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला के पहले मुकाबले में रिकॉर्ड 55वां वनडे शतक जड़कर भारत को जीत दिलाई।
कोहली ने ‘बीसीसीआई टीवी’ से कहा, ‘‘निश्चित तौर पर आंकड़ों के नजरिये से देखें तो यह बड़ा आंकड़ा है। लेकिन लक्ष्य हमेशा सरल रहा है। यह अलग-अलग और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने की कोशिश करना।
मैंने वर्षों से यही करने की कोशिश की है।’’ सैतीस वर्षीय कोहली ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मुख्य रूप से आंकड़ों के पीछे भागता है तो लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर खेलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “आप इतने लंबे समय तक तभी खेल सकते हैं जब आपका लक्ष्य टीम को जीत दिलाना हो। केवल आंकड़ों के लिए इतने लंबे समय तक नहीं खेला जा सकता।
अगर आपको सिर्फ आंकड़े हासिल करने हैं तो आप मुख्य लक्ष्य से समझौता करेंगे और इस तरह लंबे समय तक नहीं खेल सकते। इसलिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि इतने लंबे समय तक इस स्थिति में रहा और एक और जीत के साथ इतना बड़ा आंकड़ा हासिल करना मेरे लिए बेहद खास है।” बचपन से ही कोहली को अपना आदर्श मानने वाले भारतीय कप्तान शुभमन गिल पूर्व कप्तान के साथ 15,000 वनडे रन पूरे करने का ऐतिहासिक पल साझा करके बेहद खुश हैं। गिल ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं।
बचपन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि विराट भाई के साथ उस समय मैदान पर रहूंगा, जब वह वनडे में 15,000 रन पूरे करेंगे। उन्हें देखते हुए, उन्हें अपना आदर्श मानते हुए यह समझने की कोशिश की कि उन्हें इतना खास क्या बनाता है और फिर उनके साथ मैदान पर रहकर ऐसे पल साझा करना शानदार है। अब तक का सफर बहुत अच्छा रहा है और उम्मीद है कि आगे इससे भी बेहतर यादें बनेंगी।” गिल ने कहा कि मौजूदा फॉर्म में कोहली का आत्मविश्वास और सहजता मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा, “हम सभी देख सकते हैं कि विराट भाई इस समय अपनी बल्लेबाजी का कितना आनंद ले रहे हैं। मैदान पर हों या बाहर, उनकी बल्लेबाजी में जो सहजता और आत्मविश्वास दिख रहा है, वह मैदान के बाहर भी नजर आता है।” कोहली ने कहा कि गिल के साथ बल्लेबाजी करते समय ज्यादा बातचीत की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि भारतीय कप्तान अपने खेल को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, “जब आप ऐसे खिलाड़ी के साथ बल्लेबाजी करते हैं तो बल्लेबाजी को लेकर ज्यादा बात नहीं होती।
हम दूसरी चीजों पर बात करते हैं, क्योंकि उसे पता है कि उसे क्या करना है और मुझे पता है कि मुझे क्या करना है।” उन्होंने कहा कि अनुभव के आधार पर कभी-कभी वह गिल को कुछ सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन दोनों के बीच मैदान पर ज्यादा संवाद क्षेत्ररक्षण के दौरान होता है। कोहली ने कहा, “कभी अनुभव के आधार पर और कभी कुछ खास परिस्थितियों में, अगर वह कोई शॉट खेलने की कोशिश कर रहा हो तो मैं कह सकता हूं कि शायद यह नहीं, बल्कि यह बेहतर रहेगा। लेकिन मैदान पर क्षेत्ररक्षण के दौरान हमारे बीच ज्यादा बातचीत होती है और हम एक-दूसरे के विचारों पर चर्चा करते हैं, क्योंकि कप्तान के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा होता है।
उनके साथ बल्लेबाजी करते समय हालांकि ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उन्हें पता है कि क्या करना है और उनमें शानदार कौशल है।” कोहली ने इस दौरान गिल के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपे जाने के पीछे ठोस वजह है। उन्होंने कहा, “एक कारण है कि वह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके पास खेल को उस नजरिये से देखने की क्षमता है, जिससे वह टीम को जीत दिला सकते हैं।” कोहली ने दबाव वाली परिस्थितियों में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “जब से वह टीम में आए हैं, मैं उन्हें जानता हूं। उनके साथ मेरा रिश्ता हमेशा खुला और हंसी-मजाक से भरा रहा है। अब वह नेतृत्व की भूमिका में हैं।
मैं लंबे समय तक उस भूमिका में रहा हूं और अब मैं एक वरिष्ठ खिलाड़ी हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘जब टीम के अनुभवी खिलाड़ी या कप्तान के चेरहे पर मुस्कानी रहती है और वे हंसी-मजाक करने के साथ माहौल को हल्का रखते हैं तो बाकी खिलाड़ियों को भी लगता है कि सब ठीक है। बड़े दबाव वाले मुकाबले में भी अगर सभी हंस रहे हों तो इससे बाकी खिलाड़ी सहज हो जाते हैं। हम उन्हें दिखाते हैं कि दबाव लेने की जरूरत नहीं है।
हम मुस्कुरा सकते हैं, हंसी-मजाक कर सकते हैं, लेकिन मैदान पर पेशेवर रवैया बनाए रखना है।
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