Himachal की Shrikhand Yatra पर प्रशासन High Alert पर, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी SDRF की टीम

हिमाचल प्रदेश की धुंध से ढकी चोटियों में एक बार फिर से आस्था की पुकार गूंजने वाली है। उत्तर भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण तीर्थयात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव यात्रा 10 जुलाई से शुरू होने जा रही है।
भगवान शिव के भक्तों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई थी। हिमाचल प्रदेश की धुंध से ढकी चोटियों में एक बार फिर से आस्था की पुकार गूंजने वाली है। उत्तर भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण तीर्थयात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव यात्रा 10 जुलाई से शुरू होने जा रही है। जोकि 23 जुलाई 2026 तक चलेगी। श्रीखंड महादेव का पवित्र तीर्थस्थल समुद्र तल से 18,750 फीट की असाधारण ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर भगवान शिव का 72 फीट ऊंचा शिवलिंग विराजमान है।
यह तीर्थयात्रा न सिर्फ शारीरिक बल्कि अटूट भक्ति की परीक्षा भी है। हर साल हजारों की संख्या में शिवभक्त दिव्य हिमालयी स्थान के दर्शन के लिए यह कठिन चढ़ाई चढ़ते हैं। इस दौरान श्रद्धालु कठिन चढ़ाई, अप्रत्याशित परिस्थितियों और दुर्गम भूभाग का सामना करते हैं। बता दें कि हर साल इस यात्रा से पहले श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट ने निर्मंड कमेटी हॉल में एक अहम बैठक का आयोजन किया है। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रस्ट के अध्यक्ष और कुल्लू के उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की।
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इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस यात्रा से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भाग लिया। वहीं इस दौरान ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य और हिमाचल प्रदेश दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर के अलावा अन्य लोग भी उपस्थित थे। वहीं प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे मार्ग पर व्यवस्थाएं की हैं। निर्मंड के एसडीएम जगदीप सिंह राठौर ने बताया कि राजस्व अधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सा दल, वन विभाग के कर्मचारी और विशेष बचाव दल जरूरी स्थानों पर तैनात किए गए हैं। वहीं जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी शिविर स्थलों पर पर्याप्त पेयजल सुविधा सुनिश्चित कराएं।
इस दुर्गम यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूरी यात्रा को 6 क्षेत्रों में बांटा गया है। थाचडू, कुंशा, सिंहगढ़, भीम दावरी और पार्वती बाग में पाँच आधार शिविर बनाए जाएंगे। हर क्षेत्र में समर्पित क्षेत्र मजिस्ट्रेट, पर्वतारोहण कर्मी, पुलिस दल और विभिन्न विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। वहीं 18 SDRF कर्मियों और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान के 24 बचाव कर्मियों द्वारा एक्स्ट्रा सुरक्षा दी जाएगी।
विशेषकर राज्य के बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए जल्द ही ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू किया जाएगा। सीमित ऑफलाइन पंजीकरण सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। वहीं बेहतर मार्गदर्शन के लिए प्रशासन ने मार्ग में जगह-जगह साइनबोर्ड और सूचना पैनल लगाना शुरूकर दिया है।
बता दें कि सदियों पुरानी परंपराओं को कायम रखते हुए श्रद्धालु सबसे पहले इस क्षेत्र की अधिष्ठाता देवी माता चालशनी की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद श्रीखंड महादेव के लिए 35 किमी की दुर्गम और कठिन यात्रा शुरू करेंगे। इस यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं और भक्त भी इस असाधारण आध्यात्मिक यात्रा पर जाने के लिए तैयार हैं।
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