Somnath Temple Tour: कैसे पहुंचें, कहां रुकें? जानें Perfect Trip का पूरा Budget और हर जानकारी

सोमनाथ अमृत महोत्सव के बाद अगर आप प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह ट्रैवल गाइड आपके लिए है, जिसमें पहुंचने के तरीके, घूमने का सही समय और आसपास के दर्शनीय स्थलों की पूरी जानकारी दी गई है।
हाल ही में 11 मई 2026 को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा पुनर्निर्मित इस पावन मंदिर के 75 साल पूरे हुए हैं। इसी अवसर पर सोमनाथ अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहुंचकर महापूजा की। हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ है। गौरतलब है कि सोमनाथ मंदिर की भव्यता और आस्था किसी परिचय की मोहताज नहीं है। ऐतिहासिक और आस्था का प्रंचड माहौल देखने के लिए आपका भी मन सोमनाथ जाने का जरुर कर रहा होगा। अगर आप सोमनाथ मंदिर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो इस लेख में हम आपको एकदम परफेक्ट ट्रैवल गाइड बताएंगे।
कब जाना सबसे सही है?
असल में सोमनाथ की यात्रा के लिए सबसे बढ़िया समय अक्तूबर से लेकर मार्च है। इस दौरान मौसम काफी सुंदर और दिलकश होता है। इसी अवधि में मंदिर के दर्शन करना और आसापास की जगहों को एक्सप्लोर करना काफी आनंदमय होता है। गर्मियों में अप्रैल से लेकर जून के महीने में यहां पर भीषण गर्मी देखने को मिलती है। इस समय यहां पर घूमना काफी मुश्किल होता है।
सोमनाथ मंदिर कैसे पहुंचें?
- हवाई मार्ग- यहां पर जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट दीव है, जो कि लगभग 90 किलोमीटर है। इसके साथ ही राजकोट एयरपोर्ट भी जा सकते हैं।
- रेल मार्ग- आपको बता दें कि, सोमनाथ का अपना रेलवे स्टेशन है, लेकिन वेरावल रेलवे स्टेशन मुख्य जंक्शन है, जो देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है।
- सड़क मार्ग- अहमदाबाद, राजकोट और जामनगर से सोमनाथ के लिए नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध है।
आस-पास घूमने के लिए जगहें
- त्रिवेणी संगम- यह स्थान 3 नदियों का संगम है। यहां पर हिरण, कपिला और सरस्वती का मिलन हुआ है।
- लाइट एंड साउंड शो- शाम के समय मंदिर परिसर में लाइट शो होता है, जो सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और इसके बार-बार पुनर्निर्माण की गाथा सुनाता है।
- भालका तीर्थ- यह स्थान वह है जहां पर भगवान श्री कृष्ण ने अपनी देह त्यागी थी। यहां की शांति और ऐतिहासिक महत्व यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
-सोमनाथ और वेरावल बीच- मंदिर के पास बीच सनसेट देखने के लिए सबसे सुंदर स्थान है। इधर आप ऊंट की सवारी कर सकते हैं।
बजट और खान-पान
सोमनाथ मंदिर में निःशुल्क प्रवेश है। यहां पर ठहरने के लिए स्ट के गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और अच्छे होटल उपलब्ध हैं, जिनकी ज्यादा कीमत नहीं है। खाने की बात करें तो यहां पर शुद्ध शाकाहारी गुजराती खाना और उत्तर भारतीय खाना स्वादिष्ट और सस्ते दाम में मिल जाता है।
ट्रिप के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
- आरती का अनुभव- यहां की शाम की आरती में जरुर शामिल हों। मंत्रोच्चारण की गूंज और समुद्र की लहरों का शोर पूरे वातावरण को जादुई कर देता है।
- ड्रेस कोड और नियम- मंदिर में मर्यादा में रहने के लिए सभ्य कपड़े पहनें। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक्स ले जाना सख्त माना है। इनको जमा करने के लिए बाहर क्लॉक-रुम की सुविधा है।
- प्री-बुकिंग- यदि आप त्योहारों या छुट्टियों के दौरान घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो रुकने से पहले व्यवस्था कर लें, जिससे आपको मंदिर के पास में ही रुम मिल जाए।
- टाइम मैनेजमेंट- सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने के लिए 1 से 2 दिन का समय काफी है। यदि आपके पास ज्यादा समय तो यहां पर आसपास में स्थित गिर नेशनल पार्क या द्वारका का प्लान भी बना सकते हैं।
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