हेलोवीन का है अंदाज निराला, डरने-डराने का भी है मजा

Halloween
हेलोवीन के दिन बच्चों को उपहार स्वरूप चॉकलेट्स दिए जाते हैं वहीं बड़ों लोग पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। हेलोवीन को आल हेलोस इवनिंग, आल होलोस ईव, आल हेलोवीन और आल सैंट्स ईव के नाम से भी जाना जाता है। हेलोवीन डे सेल्टिक कैलेंडर का आखिरी दिन माना जाता है।

भूतों की कहानियां सुनना किसे नहीं सुहाता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा त्यौहार जिस दिन लोग भूत बनकर एक दूसरे को डराते हैं और मस्ती करते हैं। भूत बनने के इस त्यौहार को हेलोवीन कहते हैं तो आइए हम आपको हेलोवीन के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

जानें हेलोवीन के बारे में 

हेलोवीन हर साल 31 अक्टूबर को पश्चिमी देशों में मनाया जाता है। पश्चिमी देशों में मनाया जाने वाले यह एक खास त्योहार है। पिछले कुछ सालों में हेलोवीन की पापुलरिटी बढ़ी है। वैसे तो यह त्यौहार पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, मेक्सिको में खासतौर से मनाया जाता है। इन देशों में लोग कई तरह के मेकअप लगाकर और ड्रेस पहन कर ‘भूत’ बनते हैं।

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हेलोवीन के दिन बच्चों को उपहार स्वरूप चॉकलेट्स दिए जाते हैं वहीं बड़ों लोग पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। हेलोवीन को आल हेलोस इवनिंग, आल होलोस ईव, आल हेलोवीन और आल सैंट्स ईव के नाम से भी जाना जाता है। हेलोवीन डे सेल्टिक कैलेंडर का आखिरी दिन माना जाता है। इसलिए सेल्टिक लोग हेलोवीन को नए साल की शुरूआत के रूप में मनाते हैं।  

हेलोवीन का इतिहास है खास

दरअसल हेलोवीन मनाने की शुरुआत बहुत पहले ही हो गयी थी। ऐसा माना जाता है कि फसल के मौसम में किसान का मानते थे कि बुरी आत्माएं धरती पर आकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए उन आत्माओं को भगाने के लिए किसानों ने उन्हें डराना शुरू कर दिया। हेलोवीन ही वह दिन है जिस दिन किसान डरावना रूप धारण कर बुरी आत्माओं को डराते हैं। लेकिन समय बीतने के साथ ही हेलोवीन ने अपना रूप बदल लिया। आधुनिक युग में यह त्यौहार युवाओं को मस्ती करने का एक साधन बन गया और धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता में बढ़ोत्तरी हो रही है।

ऐसे मनाया जाता है हेलोवीन

हेलोवीन मनाने का एक खास अंदाज है। इस दिन लोग विशेष रूप से डरावने किस्म के कपड़े पहनते हैं औऱ लोगों के घर जाकर उन्हें कैंडी उपहार स्वरूप देते हैं। इस तरह उपहार के रूप में कैंडी देनो को ट्रिक या ट्रीट कहते हैं।

इरिश लोक कथाओं के अनुसार हेलोवीन पर जैक ओ-लैंटर्न बनाने का चलन है। जैक ओ-लैंटर्न को लोग खोखले कद्दू में आंख, नाक और मुंह बनाकर अंदर मोमबत्ती रख कर बनाते हैं। इसके बाद सभी खोखले कद्दुओं को जमा कर दफना दिया जाता है। इसके अलाव कई अन्य स्थानों पर लोग हेलोवीन के अवसर पर जश्न मनाते हैं और कई तरह के खेल खेलते हैं। हेलोवीन के दिन लोग कुछ खास किस्म के खेलों को खेलना पसंद करते हैं। उन खेलों में डंकिंग या एप्पल बोबिंग विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं जिसे स्कॉटलैंड में डूंकिंग के नाम से भी जाना जाता है। इस खेल में एक टब या पानी के बड़े बेसिन में सेब तैरते हैं और फिर सभी प्रतिभागियों को अपने दातों से इसे निकालना होता है।

   

हेलोवीन की रोचक बातें 

हेलोवीन अपने आप में एक मजेदार त्यौहार है। विदेशों में क्रिसमस के बाद सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्यौहार हेलोवीन प्रमुख है। अमेरिका में बच्चे इस दिन ट्रिक और ट्रीट मनाते हैं। अमेरिका में हेलोवीन की शाम को काली बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ माना जाता है। साथ ही हेलोवीन के दिन अमेरिका में माता पिता अपेन बच्चों के कपड़ों पर लाखों रुपये खर्च करते हैं। इस दिन बिल्लियों की बलि देने काडर होता है इसलिए बिल्लियों की बिक्री बंद हो जाती है। कुछ लोग हेलोवीन को रोम के एक त्यौहार पोमोना से प्रभावित मानते हैं जिसमें रोम की देवता की पूजा होती है।

प्रज्ञा पाण्डेय

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