इस नवरात्रि नहीं हैं घर पर, तो कुछ इस तरह करें सेलिब्रेट

इस नवरात्रि नहीं हैं घर पर, तो कुछ इस तरह करें सेलिब्रेट

नवरात्रि में व्रत रखने के लिए जरूरी नहीं है कि आप कलश स्थापना ही करें। आप यह व्रत कहीं पर भी रख सकते हैं। बस आप सुबह उठकर नहा धोकर मंदिर होकर आएं और मंदिर में विधिवत पूजा करें। इस तरह आप अपने घर से दूर रहकर भी मां का आशीर्वाद पा सकते हैं।

यूं तो मां अम्बे के भक्तों के लिए नवरात्रि का पर्व बेहद खास होता है और वह पूरे हर्षोल्लास के साथ मां की स्थापना करना चाहते हैं। लेकिन कुछ भक्त ऐसे भी होते हैं, जो चाहकर भी ऐसा नहीं कर पाते। दरअसल, जिन लोगों का इन नौ दिनों के बीच बाहर कहीं जाने का प्लान होता है, वह मां की स्थापना नहीं कर पाते। अगर आप भी इस बार नवरात्रि पर घर पर नहीं हैं तो आपको दिल छोटा करने की जरूरत नहीं है। आप चाहें तो घर से बाहर रहकर भी इस पर्व का आनंद उठा सकते हैं−


करें व्रतोपवास

वैसे भी कहा जाता है कि मां तो कण−कण में बसी है। आप अगर मां को कुछ भेंट करना चाहते हैं तो वह भी आप मंदिर में आसानी से कर सकते हैं।

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संध्या आरती

सुबह की तरह ही आप शाम के समय भी मंदिर जाकर संध्या आरती कर सकते हैं। वैसे भी इन नौ दिनों में मंदिरों की रौनक देखते ही बनती है। इस तरह कुछ वक्त मंदिर में गुजारकर यकीनन आपके मन को सुकून मिलेगा।


गरबा डांस

यूं तो डांडिया व गरबा की धूम गुजरात में सबसे ज्यादा दिखाई देती है, लेकिन अब भारत के विभिन्न राज्यों में भी नवरात्रि के पावन अवसर पर डांडिया व गरबा आयोजन किया जाता है। घर से बाहर रहकर अगर आप मां की भक्ति से सराबोर होना चाहते हैं तो यह सबसे अच्छा तरीका है। डांडिया का अनुभव बड़ा ही असाधारण है। देवी के सम्मान में भक्ति प्रदर्शन के रूप में सबसे पहले गरबा आरती से पहले किया जाता है और उसके बाद डांडिया समारोह होता है। 

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सात्विक भोजन

अगर आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है या फिर आपके लिए बाहर रहकर व्रत रख पाना संभव नहीं है तो भी आप नवरात्रि के दिनों में सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। चूंकि अष्टमी या नवमी के दिन कन्याभोज घर पर कराना आपके लिए संभव नहीं है तो आप मंदिर में ही एक छोटा सा भंडारा भी कर सकते हैं। वहीं आप मां के नौ रूपों के अनुसार अलग−अलग दिन विशिष्ट रंग के कपड़े भी पहन सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे मां प्रसन्न होती है।

मिताली जैन