Unlock 5 के 58वें दिन SC ने कहा, राजनीति से ऊपर उठकर कोरोना पर काबू पाने के लिये करने होंगे कठोर उपाय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   21:40
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Unlock 5 के 58वें दिन SC ने कहा, राजनीति से ऊपर उठकर कोरोना पर काबू पाने के लिये करने होंगे कठोर उपाय

हरियाणा में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण से 29 और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद इस खतरनाक संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,345 हो गई। वहीं संक्रमण के 2,135 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,28,746 हो गई।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि पर अंकुश पाने के लिये राज्यों को राजनीति से ऊपर उठना होगा और कठोर उपाय करने होंगे क्योंकि हालात बद से बदतर हो गये हैं। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि देश में कोविड-19 के प्रबंधन के बारे में नीतियों, दिशा निर्देश और मानक हैं लेकिन प्राधिकारियों द्वारा इन पर अमल के प्रति ढिलाई है और इस मसले से निबटने के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा, ‘‘यही समय कठोर कदम उठाने का है अन्यथा केन्द्र सरकार के सारे प्रयास व्यर्थ हो जायेंगे।’’ पीठ ने महामारी की नई लहर के पहले से कहीं ज्यादा ‘भयावह’ होने के बारे में केन्द्र द्वारा न्यायालय को अवगत कराये जाने पर यह टिप्पणी की। पीठ अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के समुचित इलाज और शवों को गरिमामय तरीके से उठाने के बारे में स्वत: संज्ञान लिये गये मामले की सुनवाई कर रही थी। सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दिशा निर्देशों और दूसरे मानकों पर सख्ती से अमल किया जाये क्योंकि ‘‘यह लहर पहली वाली लहरों से कहीं ज्यादा भयावह लग रही है।’’ मेहता के इनकथन को नोट करते हुये पीठ ने कहा, ‘‘फिर तो सख्त कदम उठाने की जरूरत है। चीजें बद से बदतर रही हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। राज्यों को राजनीति से ऊपर उठना होगा। सभी राज्यों को इससे निबटने के लिये आगे आना होगा।’’ पीठ ने कहा, ‘‘अब कठोर कदम उठाये जाने की जरूरत है। यह सख्त उपाय करने का उचित समय है। इसके लिये नीतियों, दिशा निर्देश और मानक हैं लेकिन सख्ती से अमल नही हो रहा है। इन पर अमल करने की कोई इच्छा शक्ति ही नहीं है।’’ मेहता ने जब यह कहा कि राज्यों को स्थिति से निबटने के उपायों को सख्ती से लागू करना होगा तो पीठ ने कहा, ‘‘जी हां, अन्यथा केन्द्र सरकार के पर्याप्त व्यर्थ हो जायेंगे।’’ सालिसीटर जनरल ने कहा, ‘‘यह ‘मैं’ बनाम ‘वे’ नहीं हो सकता। इसे ‘हम’ होना पड़ेगा।’’ इस मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘हम समारोह और जुलूस के आयोजन को देख रहे हैं जिनमें 60 प्रतिशत लोगों के पास मास्क नहीं है और 30 प्रतिशत के मास्क उनके चेहरे पर लटके हुये हैं।’’ मेहता ने पीठ से कहा कि कोविड-19 की मौजूदा लहर पहले से अधिक कठोर प्रतीत हो रही है और इस समय देश में महाराष्ट्र, केरल और दिल्ली सहित 10 राज्यों का कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में 77 प्रतिशत तक योगदान है। न्यायालय इस मामले में अब एक दिसंबर को आगे विचार करेगा। न्यायालय ने 23 नवंबर को केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों कोस्थिति रिपोर्ट पेश कर यह विस्तार से बताने का निर्देश दिया था कि वर्तमान के कोरोना वायरस संबंधी हालत से निपटने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा था कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हुई है, ऐसे में अधिकारियों को कदम उठाने होंगे तथा दिसंबर में ‘‘और भी बदतर स्थिति’’ का सामना करने के तैयार रहना होगा।

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देश के दस राज्यों में कोविड-19 के लगभग 77 फीसदी सक्रिय मामले: केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया

केंद्र ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि दस राज्यों में कोविड-19 के लगभग 77 फीसदी सक्रिय मामले हैं जबकि कुल सक्रिय मामलों में से 33 फीसदी महाराष्ट्र और केरल के हैं। इसने कहा कि दुनिया के अधिकतर देशों में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और भारत की घनी आबादी को देखते हुए देश ने संक्रमण के प्रसार पर अंकुस लगाने में उल्लेखनीय काम किया है। केंद्र ने कहा कि 24 नवंबर तक भारत में कोविड-19 के 92 लाख मामले थें, जिसमें 4.4 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। गृह मंत्रालय ने हलफनामे में कहा, ‘‘हमारी स्वस्थ दर 93.76 फीसदी हो गई है और करीब 86 लाख लोग महामारी से उबर चुके हैं। पिछले आठ हफ्तों में प्रति दिन के औसतन मामलों में50 फीसदी की कमी आई है।वर्तमान में केवल दो राज्यों में 50 हजार से अधिक मामले हैं और वे पूरे सक्रिय मामलों का करीब 33 फीसदी हैं।’’ इसने कहा कि भारत का ‘केस फेटलिटी रेट’ (सीएफआर) 1.46 फीसदी है जबकि वैश्विक औसत 2.36 फीसदी है। केंद्र ने कहा कि सरकार सीएफआर को कम करने का प्रयास जारी रखेगी और इसे एक फीसदी से नीचे लाएगी और पॉजिटिविटी दर को कम करने के प्रयास तेज करेगी जो वर्तमान में 6.9 फीसदी है। केंद्र ने कहा, ‘‘दस राज्यों में देश में सक्रिय मामलों का 77 फीसदी है। ये राज्य हैं महाराष्ट्र (18.9 प्रतिशत), केरल (14.7 प्रतिशत), दिल्ली (8.5 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (5.7 फीसदी), कर्नाटक (5.6 फीसदी), उत्तरप्रदेश (5.4 फीसदी), राजस्थान (5.5 फीसदी), छत्तीसगढ़ (पांच फीसदी), हरियाणा (4.7 फीसदी) और आंध्रप्रदेश (3.1 फीसदी)।’’ इसने कहा कि भारत अब प्रतिदिन औसतन 11 लाख नमूनों की जांच कर रहा है और अप्रैल में छह हजार नमूनों की जांच से बढ़कर यहां तक पहुंचना एक उल्लेखनीय बढ़ोतरी है। केंद्र ने 170 पन्नों का हलफनामा उच्चतम न्यायालय में दाखिल किया और कहा कि महामारी जिस भयावता से बढ़ी उससे बाध्य होकर विभिन्न देशों ने कड़े कदम उठाए। इसने जीवनके लगभग हर पहलू को प्रभावित किया है और भारत इसका अपवाद नहीं है।

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मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 1645 नए मामले, 15 लोगों की मौत

मध्यप्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1645 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या2,01,597तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से और 15 व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 3,224 हो गयी है। मध्यप्रदेश के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में तीन,भोपाल और सागर में दो-दो, ग्वालियर, खरगोन, रतलाम, होशंगाबाद, विदिशा, खंडवा, छतरपुर और सीधी में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 749 मौत इंदौर में हुई हैं, जबकि भोपाल में 513, उज्जैन में 100, सागर में 138, जबलपुर में 221 एवं ग्वालियर में 180 लोगों की मौत हुई हैं। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को कोविड-19 के 556 नये मामले इंदौर जिले में आये हैं, जबकि भोपाल में 313, ग्वालियर में 95 और जबलपुर में 85 नये मामले आये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 2,01,597 संक्रमितों में से अब तक 1,83,696 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 14,677 मरीज़ों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को 1,152 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 

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कोविड-19 के बढ़ते मामलों के लिये केंद्र ने SC में दिल्ली सरकार को बताया जिम्मेदार 

केंद्र ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के लिये शुक्रवार को दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “बार-बार कहने” के बावजूद उसने जांच क्षमता, विशेष तौर पर आरटी-पीसीआर जांच, बढ़ाने के लिये कदम नहीं उठाए औरकाफी समय से प्रतिदिन 20,000 के करीब आरटी-पीसीआर जांच ही हो रही थी। केंद्र ने कहा कि दिल्ली सरकार को ठंड, त्योहारी सीजन और प्रदूषण के दौरान मामलों में बढ़ोतरी की पूरी जानकारी थी और इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त रूप से जागरूक करने के लिए उपायों को समय से अमल में नही लाया गया। शीर्ष अदालत के समक्ष दायर अपने हलफनामे में गृह मंत्रालय ने कहा, “ डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण समेत दिल्ली सरकार की उपलब्धियों पर जहां नियमित विज्ञापन थे वहीं कोविड-19 अनुकूल व्यवहार पर कोई विज्ञापन नहीं देखा गया। व्यापक रूप से लोगों को भी नियमित संपर्क उपायों के जरिये इसकी जानकारी नहीं थी।” उसने कहा, “कोविड-19 के बढ़ते मामलों के संदर्भ में बार-बार कहे जाने के बावजूद दिल्ली सरकार ने जांच क्षमता बढ़ाने के लिये कदम नहीं उठाए, खास तौर पर आरटी-पीसीआर के लिये, जो करीब 20,000 जांच के स्तर पर काफी समय से स्थिर थी।” न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह ने केंद्र के हलफनामे को संज्ञान में लिया और कहा, “चीजें बद् से बद्तर होती जा रही हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।” पीठ ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक दिसंबर तय करते हुए कहा, “राज्यों को राजनीति से ऊपर उठना होगा। सभी राज्यों को इस अवसर पर आगे आना होगा।” 

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न्यायालय ने राजकोट में कोविड-19 के लिये नामित अस्पताल में अग्निकांड की घटना का लिया संज्ञान

उच्चतम न्यायालय ने राजकोट में कोविड-19 अस्पताल में बृहस्पतिवार को आग लगने की घटना पर संज्ञान लिया और इस मामले में गुजरात सरकार से रिपोर्ट मांगी। इस घटना में पांच मरीजों की मौत हो गई है। न्यायालय ने बार बारइस तरह की घटनायें होने के बावजूद इन्हें कम करने के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाने पर राज्यों की तीखी आलोचना की। न्यायमूर्ति अशोक भूषण,न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने इस घटना को हतप्रभ करने वाला बताते हुये कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है और यह नामित सरकारी अस्पतालों की स्थिति को दर्शाता है क्योंकि इसी तरह की घटनायें दूसरे स्थानों पर भी हो चुकी हैं। पीठ ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रतीक है कि ऐसी स्थिति से निबटने के लिये अग्नि सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसका स्वत: संज्ञान ले रहे हैं। यह बहुत ही गंभीर बात है।’’ इसके साथ ही पीठ ने गुजरात सरकार को इस घटना के बारे में एक दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा, ‘‘ये हतप्रभ करने वाली है और यह पहली घटना नहीं है। आपके पास इसकी निगरानी के लिये कितने अग्निशमन अधिकारी हैं? आपके यहां सुरक्षा प्रबंध ही नही हैं।’’ पीठ ने कहा, ‘‘इन घटनाओं की एक राज्य से दूसरे राज्य और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में पुनरावृत्ति हो रही है। इस संबंध में राज्यों ने कोई ठोस कार्य योजना बनायी ही नहीं है।’’ गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया किराजकोट जिले में निर्दिष्ट कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से संक्रमण के इलाज के लिए भर्ती पांच मरीजों की मौत हो गई जबकि इसमें उपचार के लिए भर्ती 26 अन्य मरीजों को सुरक्षित निकाल कर अन्य जगह स्थानांतरित किया गया है। पटेल ने बताया कि आनंद बंगला चौक इलाके में स्थित चार मंजिला उदय शिवानंद अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित आईसीयू में रात में करीब साढ़े बारह बजे आग लगी थी। इस अग्निकांड के समय इसमें करीब 31 मरीज भर्ती थे।

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राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से और 18 लोगों की मौत

राजस्थान में एक और मंत्री सहित और 3093 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की शुक्रवार को पुष्टि हुई हैं राज्य में अभी तक कुल 2,60,040 लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में संक्रमण से और 18 लोगों की मौत हो गई जिससे राज्य में संक्रमण से कुल मरने वालों का आंकड़ा 2,255 तक पहुंच गया। शुक्रवार को वनमंत्री सुखराम विश्नोई के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, वह अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम छह बजे तक के बीते 24 घंटों में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से 18 और मौत हुई हैं। जिससे मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2,255 हो गयी। कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक जयपुर में 426, जोधपुर में 230, अजमेर में 181, बीकानेर में 160, कोटा में 133, भरतपुर में 103, उदयपुर में 90, और पाली में 85 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 2,29,602 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए हैं। इसके साथ ही शुक्रवार को संक्रमण के 3,093 नये मामले सामने आने से राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमितों की अब तक की कुल संख्या 2,60,040 हो गयी जिनमें से 28,183 रोगी उपचाराधीन हैं।

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हरियाणा में कोविड-19 से 29 और लोगों की मौत, 2,135 नए मामले

हरियाणा में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण से 29 और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद इस खतरनाक संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,345 हो गई। वहीं संक्रमण के 2,135 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,28,746 हो गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दैनिक बुलेटिन में बताया गया कि फरीदाबाद में पांच, गुरुग्राम और रोहतक जिले में चार-चार और हिसार तथा फतेहाबाद जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई। वहीं गुरुग्राम में 698, फरीदाबाद में 468, हिसार में 157 और रोहतक में 104 नए मामले सामने आए हैं। हरियाणा में अभी 20,400 लोगों का इलाज चल रहा है और कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 90.06 फीसदी है।





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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   20:36
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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,92,308 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.81 प्रतिशत है। देश के कुल उपचाराधीन मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है। एक दिन में कुल उपचाराधीन मामलों में 4,893 मामलों की गिरावट दर्ज की गई है।

मंत्रालय ने कहा, उपचाराधीन मामलों में लगातार गिरावट के राष्ट्रीय परिदृश्य में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर ये मामले राष्ट्रीय औसत से भी कम है। भारत में प्रति दस लाख जनसंख्या पर 7,689 मामले हैं। देश के कुल इलाजरत मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे के अंतराल में कुल 19,965 लोग ठीक हुए हैं। देश में संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,02,65,706 हो गई है। ठीक होने वाले मरीजों में से 87.06 फीसदी 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हैं। केरल में एक दिन में सबसे अधिक 7,364 मरीज ठीक हुए। महाराष्ट्र में 4,589 मरीज ठीक हुए। संक्रमण के नए मामलों में से 83 फीसदी मामले आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आए हैं। केरल में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 6,815 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र में 3,015 नए मामले आए जबकि छत्तीसगढ़ में 594 नए मामले सामने आए हैं। 24 घंटे के अंतराल में देश में हुईं 151 मौतों में से 83.44 प्रतिशत मौतें आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुई हैं। महाराष्ट्र में 59 मौतें हुईं। केरल में 18 और छत्तीसगढ़ में 10 लोगों की मौत हुई है।

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टीकाकरण: अगले चरण में 50 साल से ऊपर के जनप्रतिनिधियों को लग सकता है टीका

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को टीका लगाए जाने की संभावना है। टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों को टीका लग रहा है। टीकाकरण के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के जन प्रतिनिधियों को टीका लगाया जा सकता है। इस आयु वर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्य, अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के प्रमुख नेता आते हैं। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि शीर्ष नेताओं के टीकाकरण को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि नेता अभी प्रतीक्षा करें क्योंकि पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीका लगना है। सरकार ने टीकाकरण अभियान को लेकर कोई समयसीमा नहीं दी है, हालांकि मोदी ने 11 जनवरी को कहा था कि अगले कुछ महीनों के भीतर 50 साल से अधिक उम्र के 30 करोड़ लोगों को टीका लग जाएगा। देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत गत 16 जनवरी को हुई थी।

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ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले

ओडिशा में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले सामने आये जिसके बाद प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,33,866 पर पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी कजानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण से एक और व्यक्ति की मौत हो गयी जिसके बाद मरने वालों की संख्या 1,903 हो गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 30 में से 23 जिलों में नये मामलेसामने आये हैं। इनमें से 84 मामले विभिन्न पृथक-वास केंद्रों से आये हैं जबकि शेष मामलों का पता संपर्कों का पता लगाने के दौरान चला है। अधिकारी ने बताया कि कटक जिले में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। अधिकारी ने बताया कि 53 अन्य कोरोना संक्रमितों की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुयी है। उन्होंने बताया कि ओड़िशा में फिलहाल 1589 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि प्रदेश में अब तक 3,30,321 मरीज संक्रमण मुक्त हुये हैं। प्रदेश में अब तक 74.77 लाख नमूनों की जांच की गयी है और संक्रमण दर 4.46 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बिजय कुमार पाणिग्रही ने बताया कि बुधवार तक पिछले चार दिनों में प्रदेश में अब तक 68743 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।

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आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से दूसरे दिन भी कोई मौत नहीं

आंध्र प्रदेश में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस संक्रमण से कोई मौत नहीं हुयी। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 139 नये मामले सामने आये हैं जबकि 254 लोग संक्रमण मुक्त हुये हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है। प्रदेश में अब तककुल 1.27 करोड़ नमूनों की जांच की गयी है जिनमें से कुल 8,86,557 लोग संक्रमित पाये गये हैं। बुलेटिन में कहा गया है कि प्रदेश में अब भी 1522 मरीजों का उपचार चल रहा है और कुल 8,77,893 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 7,142 लोगों की मौत हो चुकी है।

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भारत ने बांग्लादेश, नेपाल को कोविड-19 के टीके की खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहतबृहस्पतिवार को कोविड-19 के टीके की खेप बांग्लादेश और नेपाल को भेजी। इससे एक दिन पहले भूटान और मालदीव को कोविड टीके की खेप भेजी गई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टीके की खेप पहुंचने का चित्र ट्विटर पर साझा किया। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ टीका मैत्री बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों की उच्च प्राथमिकता की पुष्टि करते हैं। ’’ उन्होंने कहा कि नेपाल को भारतीय टीका प्राप्त हुआ, पड़ोस प्रथम और लोक प्रथम को वरियता। कोविशिल्ड टीके की 20 लाख खुराक बांग्लादेश और 10 लाख खुराक नेपाल को भेजी गई है। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया कि भारत के लोगों और सरकार की तरफ से बांग्लादेश के लोगों और सरकार को ‘मेड इन इंडिया’ कोविड-19 के टीके की 20 लाख खुराक सौंपी गई। भारतीय उच्चायुक्त वी दुरईस्वामी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री डा. ए के अब्दुल मोमिन और स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक को सौंपी। वहीं, नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत की पड़ोस प्रथम नीति के अनुरूप आज प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओलीको भारतीय टीके की 10 लाख खुराक सौंपकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम मिलकर इस स्थित उबर जायेंगे। ’’ इससे पहले बुधवार को भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड टीके की 1,50,000 खुराक भूटान को जबकि 1,00,000 खुराक मालदीव को भेजी थी। जयशंकर ने कहा था, ‘‘टीका मैत्री प्रारंभ। भूटान पहुंची इसकी खेप। पड़ोस प्रथम नीति का एक और उदाहरण। ’’ 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 35 नए मामले, कुल मामले 38, 772 हुए

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 35 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशक एस मोहन कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चार क्षेत्रों-पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में बीमारी से कोई नई मौत नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में मृतकों की संख्या 643 है। उन्होंने बताया कि 3,710 नमूनों की जांच के बाद 35 नए मामले सामने आए, जिससे कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान अस्पतालों से 32 मरीजों को छुट्टी दी गई। केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत और मरीजों के ठीक होने की दर 97.57 प्रतिशत है। मोहन कुमार ने कहा कि अब तक 5.46 लाख नमूनों की जांच हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 299 है, जबकि 37,830 मरीज ठीक हो चुके हैं।

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये

जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक और मरीज की मौत हो गयी जिसके बाद प्रदेश में इससे मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,924 हो गयी है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संघ शासित क्षेत्र में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,23,764 हो गयी है। उन्होंने बताया कि नये मामलों में से 42 जम्मू क्षेत्र में जबकि 75 कश्मीर क्षेत्र में मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 1111 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि1,20,729 संक्रमित अब तक यहां संक्रमण मुक्त हुये हैं।





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Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   20:20
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Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में करीब सात महीने बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख के आंकड़े से नीचे आ गई है और यह कुल संक्रमितों का महज 1.86 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। वहीं, देश के 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 10,000 से भी कम है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उपाचाराधीन मरीजों की कुल संख्या घट कर 1,97,201 रह गई है। 207 दिनों के बाद यह सबसे कम संख्या है।’’ मंत्रालय ने कहा कि कुल 16,988 लोग पिछले 24 घंटे में इस रोग से उबरे हैं। इससे कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,327 की कमी आई है। मंत्रालय ने यह उल्लेख किया है कि भारत में कोविड-19 के मामलों में क्रमिक रूप से कमी आ रही है, जिसके चलते भी उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटी है।  

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मंत्रालय ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर, भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां पिछले सात दिनों में प्रति 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन के नये मामले सबसे कम रहे हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि 20 जनवरी 2021 तक कुल 6,74,835 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया है। 24 घंटे की अवधि में 3,860 सत्रों के तहत 2,20,786 लोगों को टीका लगाया गया। अब तक कुल 11,720 सत्र आयोजित किये गये हैं।’’ देश में कोविड-19 के अब तक कुल 1.02 करोड़ मरीज ठीक हो चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि ठीक हो चुके मरीजों की संख्या और उपचाराधीन मरीजों की संख्या में अभी 10,048,540 का अंतर है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में मरीज ठीक हुए और उनकी संख्या 4,516 है। वहीं, केरल में 4,296 और कर्नाटक में 807 मरीज ठीक हुए। नये मामलों में 79 प्रतिशत से अधिक सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। केरल में प्रतिदिन के सर्वाधिक नये मामले सामने आये और यह संख्या 6,186 है। इसके बाद 2,294 नये मामलों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। कोरोना वायरस संक्रमण से प्रतिदिन मरने वाले लोगों की संख्या भी घटी है जो आज 162 रही। पिछले एक दिन में हुई मौतों में 71.6 प्रतिशत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में लोगों की मौत हुई और यह संख्या 50 है। वहीं, केरल में 26 और पश्चिम बंगाल में 11 लोगों की मौत हुई।

बुधवार शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगा कोविड-19 का टीका

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 16 जनवरी से देश में शुरू हुए कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत आज शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वस्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ है। प्रोविजनल रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को देश के 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में शाम छह बजे तक 1,12,007 लोगों को टीका लगा है। मंत्रालय का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा रात को एकत्र करने के बाद एक दिन की देरी से उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि टीकाकरण के दुष्प्रभाव के 10 मामले आए हैं... दिल्ली में चार, कर्नाटक में दो जबकि उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से एक-एक मामले आए हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी है। अगनानी ने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण का अभी तक कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। 

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नाक में दिए जाने वाला कोविड-19 टीका बच्चों को देने में आसान होगा: एम्स निदेशक

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि नाक के जरिए दिए जाने वाले कोविड​​-19 टीके स्कूली बच्चों को देना आसान होगा जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण ‘‘बहुत हल्का’’ होता है। प्रख्यात पल्मोनोलॉजिस्ट गुलेरिया ने यहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 16वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उनके कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, उन्हें भी ठीक होने के लगभग चार से छह हफ्ते बाद टीके लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह (कोरोना वायरस संक्रमण) बच्चों में बहुत हल्का होता है लेकिन वह संक्रामक होतर है। उनसे बीमारी फैल सकती है। उन्होंने कहा, जो टीके आए हैं उन्हें बच्चों के लिए मंजूर नहीं की गई हैं क्योंकि बच्चों पर इसका कोई अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन यह (टीकाकरण) एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है और परीक्षण पूरा किया जा रहा है। दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक ने कहा कि जब बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाना शुरू कर देंगे और वे कोविड-19 से संक्रमित हो जाते हैं, तो उन्हें ज्यादा समस्या नहीं होगी, लेकिन अगर उनके साथ यह बीमारी घर पर आ जाती हैं, तो उनसे यह बीमारी उनके माता-पिता या दादा-दादी को फैल सकती है। 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आए

पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आने के बाद बुधवार को केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के मामले बढ़कर 38,737 हो गए। अधिकारी ने बताया कि चारों संभागों पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम में संक्रमण से मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वायरस से यहां अब भी मृतक संख्या 643 ही है। उन्होंने बताया कि 3,679 नमूनों की जांच के बाद 31 नए मामले सामने आए। निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 32 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। उन्होंने बताया कि राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर 97.58 प्रतिशत और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत है। निदेशक ने बताया कि नए 31 मामलों में से पुडुचेरी में 24, कराईकल में दो और माहे में पांच नए मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि यानम में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश में अभी 296 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है और 37,798 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

भारत ने भूटान, मालदीव को कोविड-19 के टीके की पहली खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति बुधवार को शुरू कर दी और इस श्रृंखला में भूटान और मालदीव को टीके की खेप भेजी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी। पहली खेप भूटान के लिये रवाना हो गई। ’’ प्रवक्ता ने ट्वीट के साथ चित्र भी साझा किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ मालदीव के लिये कोविड टीके की खेप रवाना हुई। ’’ गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिये ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा। गौरतलब है कि भारत दुनिया केबड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिये काफी देशों ने सम्पर्क किया है। समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा। भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशस से टीके की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है। गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीको कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। 

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अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड-19 का एक और नया मामला सामने आया

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोरोना वायरस से एक और व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि होने के साथ इस केंद्र शासित प्रदेश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 4,989 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की जांच के बाद यह नया मामला सामने आया। अधिकारी ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में कुल 645 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 4,897 लोग इस रोग से उबर चुके हैं। वहीं, कुल मृतक संख्या 62 है। केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 30 है।

जम्मू-कश्मीर में संक्रमण के 109 नए मामले, पिछले 24 घंटों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 109 नए मामले आने के साथ ही केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,23,647 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नए मामलों में जम्मू में 45, जबकि कश्मीर में 64 सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि चार जिलों गांदेरबल, कठुआ, किश्तवाड़ और रामबन में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, 14 अन्य जिलों में 10 से कम नए मामले आए हैं। केन्द्र शासित प्रदेश में फिलहाल 1,099 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है, जबकि 1,20,625 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। केंद्र शासित प्रदेश में अभी तक 1,923 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।

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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले

महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले सामने आए तथा 59 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही कुल मामले बढ़कर 19,97,992 हो गए और मृतकों की संख्या 50,582 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि दिन भर में 4,589 मरीज ठीक हो गए। राज्य में अब तक कोविड-19 के 18,99,428 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी 46,769 मरीज उपचाराधीन हैं।

आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से कोई मौत नहीं, 173 नए मामले आए

आंध्र प्रदेश में बुधवार को कोविड-19 से कोई मौत नहीं हुई, जबकि संक्रमण के 173 नए मामले आए, तो वहीं 196 और लोग इस बीमारी से ठीक हुए। राज्य सरकार के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, राज्य में अब संक्रमण के कुल मामले 8,86,418 हो चुके हैं, जबकि 8,77,639 लोग ठीक हो चुके हैं और 7,142 मौतें हुई हैं। सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।





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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   20:24
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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं।

नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं। पॉल ने कहा कि ‘‘यह निराशाजनक है कि कुछ डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने से इनकार कर रहे हैं’’ और उन्होंने लोगों से टीके की खुराक लेने का अनुरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘‘उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है। जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है।’’

उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए। भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ। ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यहां यह है कि अगर हम पहले सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में 5,56,208 लोगों का टीकाकरण हुआ जो कि हम तीन दिनों में ही पार कर गए। ब्रिटेन में पहले सात दिनों में 1,37,897 लोगों को टीके दिए गए, फ्रांस में पहले सप्ताह में 516 लोगों और रूस में 52,000 लोगों का टीकाकरण हुआ। इसलिए आप तुलना कर सकते हैं और हमने तो शुरुआत ही की है, जिसमें और रफ्तार आएगी।’’ पॉल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि ‘‘स्थिति बिल्कुल ठीक’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि ये दोनों टीके सुरक्षित हैं। ये दोनों टीके असरदार हैं।’’ भूषण ने कहा कि राजस्थान और उत्तरप्रदेश समेत नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण किया है। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण कवरेज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप (89.3 प्रतिशत), सिक्किम (85.7 प्रतिशत), ओडिशा (82.6 प्रतिशत), तेलंगाना (81.1 प्रतिशत), उत्तरप्रदेश (71.4 प्रतिशत), राजस्थान (71.3 प्रतिशत) शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के हैं।

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अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच नए मामले सामने आए

अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच और नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,988 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान करने के क्रम में ये नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक और नोडल अधिकारी अविजित रॉय ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 43 लोगों को टीके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद संक्रमण से मुक्त हुए एक व्यक्ति को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई। अब तक यहां 4,897 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और 29 मरीजों का उपचार चल रहा है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है और मृतकों की संख्या 62 बनी हुई है।


पुडुचेरी में कोविड-19 के 37 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 38,706 हुई

पुडुचेरी में मंगलवार को कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38,706 हो गई। केंद्रशासित प्रदेश के चार क्षेत्र पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम में संक्रमण से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। पुडुचेरी में इस खतरनाक वायरस की वजह से मरने वालों की संख्या 643 बनी हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि 3,763 नमूनों की जांच के बाद पुडुचेरी में 23, कराइकल में चार, माहे में 10 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में 26 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली है। केंद्र शासित प्रदेश में संक्रमण से मृत्यु दर 1.66 फीसदी तथा स्वस्थ होने की दर 97.57 फीसदी है। यहां अभी 297 मरीजों का उपचार चल रहा है।

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लक्षद्वीप में कोविड-19 के मामले बढ़े

करीब एक साल पहले देश में महामारी का प्रकोप उभरने के बाद से अब तक इस घातक वायरस के हमले से अछूते रहे लक्षद्वीप में कोविड-19 मामलों की संख्या अब 14 हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि द्वीप में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के एक दिन बाद उसके प्राथमिक संपर्क में आए 13 लोगों को मंगलवार को वायरस से संक्रमित पाया गया। इससे इस द्वीप समूह में संक्रमण दर बढ़कर 42.4 प्रतिशत हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) से संबंधित व्यक्ति तीन जनवरी को कोच्चि से जहाज से कावारत्ती के लिए रवाना हुआ था और चार जनवरी को द्वीप पर पहुंचा था। वह सोमवार को संक्रमित पाया गया। सूत्रों ने बताया कि उनके प्राथमिक संपर्क में आए 31 लोगों का पता लगाया गया और उनकी जांच की गई जिनमें से 13 संक्रमित निकले। उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित लोग आईआरबी के हैं। 

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस के 113 नए मरीज आये सामने

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में एक संक्रमित की मौत हुई है। अब केंद्र शासित प्रदेश में मृतक संख्या अब 1923 हो गई है। उन्होंने बताया कि 53 नये मरीज जम्मू क्षेत्र के हैं जबकि कश्मीर क्षेत्र से 60 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में सबसे ज्यादा 40 नये मामले आए। श्रीनगर में और 37 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपचाररत मरीजों की संख्या 1103 है जबकि 1,20,512 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस अवधि में कश्मीर क्षेत्र में एक मरीज ने दम तोड़ा है।





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