Prabhasakshi
रविवार, नवम्बर 18 2018 | समय 23:38 Hrs(IST)

घरेलू नुस्खे

दीवाली पर घर की सजावट करने के लिए यह रहे कुछ बेहतरीन टिप्स

By मिताली जैन | Publish Date: Nov 2 2018 5:22PM

दीवाली पर घर की सजावट करने के लिए यह रहे कुछ बेहतरीन टिप्स
Image Source: Google
दीपावली के शुभ अवसर पर हर कोई नए कपड़े पहनकर तैयार होना चाहता है लेकिन घर का क्या। खुद की तरह घर को भी सजाना−संवारना उतना ही जरूरी है। यूं तो आपने भी दीवाली के लिए घर की सजावट की तैयारियां शुरू कर दी होंगी। लेकिन अगर इस बार दीपोत्सव के मौके पर घर को सजाने के साथ−साथ एक अलग लुक दिया जाए तो कैसा रहे। जी हां, इस बार घर को सजाने के लिए अगर ईको−फ्रेंडली थीम रखी जाए तो इससे घर की सजावट तो होगी ही, साथ ही घर को एक नेचुरल लुक भी मिलेगा। तो चलिए जानते हैं दीवाली पर किस तरह करें ईको−फ्रेंडली डेकोरेशन−

फूलों का साथ
फूलों की मदद से की गई घर की सजावट देखने में बेहद ही सुंदर लगती है। यह ईको−फ्रेंडली होने के साथ−साथ घर को एक फ्रेश लुक भी देते हैं। अगर आप चाहें तो घर के हर कोने में फूलों की मदद से सजावट की जा सकती है। मसलन, आप प्रवेश द्वार पर फूलों या फूलों के पत्तों का बन्दनवार लटकाएं। इसके लिए कलावा लेकर उसमें आम, केले व नारियल के पत्तों की सहायता से बन्दनवार तैयार करें। वैसे पत्तों के अतिरिक्त कार्डबोर्ड व हेंडमेंड पेपर की मदद से भी बन्दनवार या तोरण तैयार किए जा सकते हैं। इसी तरह घर की एंट्रेंस पर फूलों की मदद से रंगोली बनाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त फूलों की माला बनाकर उसे घर की अलग−अलग दीवारों पर लटकाएं या फिर फूलों को तोड़कर दीए के चारों ओर रखकर उसे एक अलग लुक दें। वहीं घर की सेंटर टेबल या अन्य जगहों पर वॉस में फूल रखकर उसे सजाएं।
 
दीए बिना अधूरी दीवाली
दीवाली का मौका हो और दीयों की बात न हो, ऐसा तो संभव नहीं है। यूं तो दीवाली पर हर घर में दीए लगाए ही जाते हैं लेकिन इस बार आप मिट्टी के दीयों पर कलर, स्टोन्स या मोती की मदद से सजाएं और फिर उन मिट्टी के दीयों को घर के विभिन्न कोनों में लगाएं। इससे घर का हर कोना जगमगा उठेगा। साथ ही खूबसूरत दीए घर की रौनक कई गुना बढ़ा देंगे। वहीं घर की लाइटिंग के लिए आप कुछ चीजों जैसे संतरे के छिलके, दालचीनी की स्टिक आदि की मदद से खूशबूदार कैंडल्स बनाकर उससे भी घर को रोशन किया जा सकता है।
 
ऐसी हो रंगोली
आजकल समय बचाने के चक्कर में अक्सर लोग स्टिकर वाली रंगोली का प्रयोग घर में करते हैं लेकिन इससे घर को वह लुक नहीं मिलता, जो वास्तव में मिलना चाहिए। तो इस बार आर्गेनिक रंगोली बनाकर घर को सजाएं। इसके लिए आप फूलों की पंखुड़ियों का सहारा ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त मार्केट में मिलने वाले केमिकल युक्त कलर्स के स्थान पर फूलों को सुखाकर व उसे पीसकर रंगोली के लिए कलर तैयार करें। वहीं अगर आपके पास इतना समय नहीं है तो आप अपनी ही किचन में मौजूद विभिन्न दालों व मसालों जैसे हल्दी या कुमकुम की मदद से भी एक खूबसूरत रंगोली तैयार कर सकते हैं।
 
शामिल करें इन्हें भी
जब घर में ईको−फ्रेंडली डेकोरेशन की बात हो रही है तो आप कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के सामान को सजावट में शामिल करें। मसलन, लक्ष्मी−पूजन के लिए मिट्टी के ही लक्ष्मी गणेश को प्राथमिकता दें। इसके अतिरिक्त सी−शेल को भी दीयों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। बाद में इन्हें किसी खुले बर्तन में पानी भरकर सजाएं। इससे इनकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं महंगे−महंगे शोपीस खरीदने की बजाय मिट्टी के पॉट को कलर्स व अन्य सजावट के सामान की मदद से सजाकर घर में लगाएं। ठीक इसी तरह, कार्ड शीट की मदद से कंदिल व लैंप बनाकर उसे घर में सजाएं। यह भी देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं।

क्रिएटिविटी का साथ
बाजार से भले ही कितना महंगा सामान लाकर सजाया जाए लेकिन उससे मन को वह संतुष्टि व आनंद नहीं मिलता, जो वास्तव में अपने हाथों से तैयार किए गए शोपीस से घर को सजाने में मिलता है। आप अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करके कागज, कपड़े, कांच की चूड़ियों, पुराने बर्तन, सजावट के सामान के जरिए कुछ बेहतरीन शोपीस व वॉल आर्ट तैयार करके उसे घर में सजा सकते हैं। इससे घर का इंटीरियर एकदम यूनिक लगता है। इससे आपका घर देखने में तो बेहतरीन लगेगा ही, साथ ही देखने वाला आपकी तारीफ किए बिना भी नहीं रह पाएगा।
 
अनोखा हो उपहार
अपनों को उपहार दिए बिना दीवाली का उत्सव पूरा नहीं होता। आमतौर पर, लोग उपहार के लिए बाजार में मौजूद पैक्ड चीजें देते हैं लेकिन इस बार क्यों न अपनों को एक पौधा उपहार में दिया जाए। इससे आप अपने घर को ग्रीन बनाने के साथ−साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं। 
 
-मिताली जैन

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

शेयर करें: