आपका Stress और Dandruff बन रहा गंजेपन की वजह, Expert ने बताए Hair Growth के अचूक उपाय

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भारतीय पुरुषों में कम उम्र का गंजापन तनाव, रूसी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल जैसे कारणों से बढ़ रहा है, जिसे सही डाइट और स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाकर नियंत्रित किया जा सकता है।

भारतीय पुरुषों में गंजापन एक बड़ी समस्या है। वैसे तो उम्र बढ़ने के दौरान गंजापन की दिक्कतें देखने को मिलती है। लेकिन समय से पहले गंजेपन की समस्या आमतौर पर तनाव, प्रदूषण, रूसी, हार्मोन आदि जैसे कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। 

अगर आप स्ट्रेस मैनेजमेंट, हेल्दी लाइफस्टाइल, डाइट को अपनाते हैं, तो गंजापन समय से पहले थम जाएगा। लेकिन आपको हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल, हार्श केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट्स का यूज, पर्याप्त नींद न लेना, बालों को सूरज की हानिकारण किरणों से न बचाना जैसी आदतों को छोड़ दें, जिससे आपके हेयर और स्कैल्प को हेल्दी रखा जा सकता है।

भारतीय पुरुषों में हेयर फॉल के मुख्य कारण

गंजापन एक प्रकार से वो स्थिति है, जिसमें बाल के झड़ने के बाद दोबारा उस जगह पर नए बालों की ग्रोथ नहीं होती है। भारत में आधे से ज्यादा शहरी आबादी के पुरुषों में कम उम्र में बाल्डनेस की समस्या देखने को मिलती है। 

इसका प्रमुख कारण जेनेटिक्स है। यानी एक पीढ़ी से दूसरे में जीन्स के जरिए इससे जुड़े ट्रेट्स पास होना। वहीं, भारतीय पुरुषों में गंजेपन के लिए सबसे जिम्मेदार तनाव, अनहेल्दी डाइट, रूसी, हार्मोनल बैलेंस का बिगड़ना, हेयर ट्रॉमा, आदि शामिल हैं।

इसके साथ ही हेयर स्टाइलिंग के प्रोडक्ट्स का बार-बार इस्तेमाल करना, स्कैल्प का ठीक से इस्तेमाल न करना या किसी तरह की मेडिकल कंडिशन से गुजरना भी हेयर थिनिंग, एक्सट्रीम हेयर फॉल और फिर गंजेपन का कारण बन सकते हैं।

गंजेपन के लक्षण और कब लें एक्सपर्ट की मदद

- बालों का धीरे-धीरे पतला होना

 - हेयर लाइन का माथे से पीछे की तरफ से हट जाना

- जब आप कंघी करें तो ज्यादा बाल झड़ना

- बाल धोते समय असामान्य हेयर फॉल होना

 - धीरे-धीरे मांग चौड़े हो जाना

 - एक्सपर्ट को कब दिखाएं

 - स्कैल्प पर बालों के बीच खाली पैच नजर आना

 - पतले होते बालों के कारण स्कैल्प स्किन दिखने लगना

 - असामान्य हेयर फॉल होना

कैसे होता है गंजेपन का ट्रीटमेंट

- इसका सबसे पहले डायग्नोसिस का स्टेप होता है, जो कि सिर की त्वचा यानी स्कैल्प की जांच करती है।

 - मरीज की मेडिकल और फैमिली हिस्ट्री के बारे में जानकारी ली जाती है।

 - शरीर में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोनल या अन्य मेडिकल समस्या का पता लगाने के लिए संबंधित जांच कराने की सलाह दी जाती है।

- रिपोर्ट्स के अनुसार, टॉपिकल ट्रीटमेंट शुरु करते हुए मरीज को स्कैल्प पर लगाने वाली दवाइयां दी जाती हैं। इसके साथ ही उन्हें खाने वाली मेडिसिन्स भी दी जाती है। 

 - जरुरत के मुताबिक, ट्रीटमेंट के लिए लेजर या प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (मरीज के खून में से प्लाज्मा निकालकर स्कैल्प में इंजेक्ट करना) का सहारा लिया जाता है।

- गौरतलब है कि गंजेपन की स्थिति काफी गंभीर हो, तो हेयर रेस्टोरेशन से जुड़े कॉस्मेटिक प्रोसिजर सजेस्ट किए जाते हैं।

हेयर फॉल और गंजेपन से बचने के उपाय

 - हमेशा स्कैल्प की सफाई का ख्याल जरुर रखें।

 - हार्श केमिकल वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें।

 - केमिकल बेस्ड ट्रीटमेंट्स को हमेशा के लिए अवॉइड करें।

- हीट स्टाइलिंग को सीमित रखें।

 - हेयर को पॉल्यूशन से बचाएं।

 - बालों को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाएं।

 - तनाव पर नियंत्रण रखें।

 - बाल ज्यादा कसकर न बांधें।

 - जोर से कंघी न करें, जिससे बाल बेवजह टूटें ना और स्कैल्प पर तनाव न बढ़े

 - आहार में फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और सीड्स शामिल करें।

 - अनहेल्दी फूड्स से हमेशा दूर रहे हैं।

 - खूब पानी पिए, शरीर को हाइड्रेट रखना जरुरी है।

 - पर्याप्त नींद जरुर लें।

 - खुद को फिजिकली एक्टिव रखें।

 - एक्सट्रीम डाइटिंग से बचें।

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