Maggi के बाद अब KitKat का कमाल, भारत बना Nestlé का सबसे बड़ा Global Market.

भारत में किटकैट की बाजार हिस्सेदारी में हुई जबरदस्त वृद्धि के पीछे नेस्ले की रणनीतिक सफलता है, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के लिए 'किटकैट पॉप्स' और प्रीमियम 'डिलाइट्स' जैसे उत्पाद लॉन्च करना शामिल है। शहरी और ग्रामीण बाजारों में बढ़ी पहुंच के कारण, किटकैट अब मैगी के बाद नेस्ले का दूसरा ऐसा ब्रांड है जिसके लिए भारत शीर्ष वैश्विक बाजार है।
अगर आपने हाल के वर्षों में बाजारों और दुकानों पर किटकैट की बढ़ती मौजूदगी महसूस की है, तो अब इसकी बड़ी वजह भी सामने आ गई है। स्विट्जरलैंड की मशहूर खाद्य और चॉकलेट कंपनी नेस्ले ने कहा है कि भारत अब उसके लोकप्रिय चॉकलेट वेफर ब्रांड किटकैट का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है।
बता दें कि पिछले दो से तीन वर्षों तक भारत किटकैट के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार था, लेकिन अब उसने दुनिया के कई बड़े बाजारों को पीछे छोड़ दिया है। किटकैट वर्तमान में 85 से ज्यादा देशों में बेचा जाता है।
नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत में किटकैट की बाजार हिस्सेदारी लगातार तेजी से बढ़ी है। कंपनी के अनुसार, मजबूत उपभोक्ता पहुंच, नए उत्पादों की शुरुआत और बड़े स्तर पर किए गए प्रचार अभियानों ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
गौरतलब है कि किटकैट अब नेस्ले के पोर्टफोलियो का दूसरा ऐसा ब्रांड बन गया है, जिसके लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। इससे पहले मैगी के लिए भी भारत कंपनी का सबसे बड़ा वैश्विक बाजार बन चुका है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, करीब दस साल पहले भारत किटकैट के लिए दुनिया में दसवें स्थान पर था। लेकिन बीते वर्षों में चॉकलेट और स्नैक उत्पादों की बढ़ती मांग ने भारत को शीर्ष स्थान तक पहुंचा दिया है।
नेस्ले इंडिया के कन्फेक्शनरी और सीरियल विभाग के निदेशक जगतीसन गोपीचंदर ने कहा कि कंपनी ने अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद पेश किए। कंपनी ने गिफ्टिंग श्रेणी में “किटकैट सेलिब्रेक” और छोटे स्नैक विकल्प के तौर पर “किटकैट पॉप्स” जैसे उत्पाद बाजार में उतारे। इसके साथ ही प्रीमियम श्रेणी में “किटकैट डिलाइट्स” सीरीज शुरू की गई, जिसमें सॉल्टेड कैरेमल और हेज़लनट जैसे स्वाद शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी बताया कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण बाजारों में भी अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए विशेष रेफ्रिजरेटर कार्यक्रम और प्रचार अभियानों पर निवेश बढ़ाया गया है। इससे नए उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री दोनों में तेजी आई है।
नेस्ले इंडिया की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 के दौरान देश में किटकैट की लगभग 395 करोड़ फिंगर इकाइयों की बिक्री हुई। कंपनी ने दावा किया कि यह ब्रांड देश के चॉकलेट बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाले उत्पादों में शामिल रहा है।
गौरतलब है कि किटकैट की शुरुआत 1930 के दशक में ब्रिटेन की कंपनी राउंट्रीज ने की थी। बाद में वर्ष 1988 में नेस्ले ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया था। हालांकि अमेरिका में किटकैट का निर्माण लाइसेंस के तहत हर्शे कंपनी करती है।
अन्य न्यूज़














