गीता गोपीनाथ का हुआ प्रमोशन, अब IMF का यह अहम पद संभालेंगी भारतीय-अमेरिकी

गीता गोपीनाथ का हुआ प्रमोशन, अब IMF का यह अहम पद संभालेंगी भारतीय-अमेरिकी

गीता गोपीनाथ के पास अमेरिका और भारत दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। 21 जनवरी 2022 को वह डिप्टी एमडी का पद संभालेंगी। गीता मूल रूप से केरल की रहने वाली है और उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन भारत से पूरी की। साल 1992 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री हासिल की।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री और भारतीय-अमेरिकी गीता गोपीनाथ पहली महिला डिप्टी एमडी बनने जा रही हैं। बता दें कि, गोपीनाथ वर्तमान डिप्टी एमडी जेफ्री ओकामोटो की जगह इस पद को संभालेंगी। डिप्टी एमडी का पद संभालने के बाद आईएमएफ में गीता गोपीनाथ की हैसियत बढ़कर नंबर 2 में आ जाएगी। इस समय गीता आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री का पद संभाल रही हैं। 

कौन है गीता गोपीनाथ

गीता गोपीनाथ के पास अमेरिका और भारत दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। 21 जनवरी 2022 को वह डिप्टी एमडी का पद संभालेंगी। गीता मूल रूप से केरल की रहने वाली है और उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन भारत से पूरी की। साल 1992 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में ही मास्टर्स किया। अपनी मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद गीता वाशिंगटन यूनिवर्सिटी चली गई जहां उन्होंने 1996 से 2001 तक प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की। पीएचडी होने के बाद गीता ने 2005 में शिकागो यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद वह हार्वर्ड चली गई। साल 2015 में  इंटरनेशनल स्टडीज़ एंड इकोनॉमिक्स की प्रोफ़ेसर के तौर पर गीता ने पढ़ाया। साल 2018 में फिर गीता को आईएमएफ का मुख्य अर्थशास्त्री का पद मिला। 

डिप्टी एमडी का पद संभालते ही करेंगी यह काम

गीता गोपीनाथ को डिप्टी एमडी का पद देने का फैसला उस समय आया जब वह पिछले दिनों अक्टूबर के महीनें में वापस  हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन करने का ऐलान कर चुकी थी। आईएमएफ की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने तीन साल तक काम करने के बाद दोबारा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन करने का फैसला किया था। बता दें कि, भारतीय-अमेरिकी गीता गोपीनाथ पहली महिला डिप्टी एमडी का पद संभालते ही आईएमएफ की निगरानी और उससे संबंधित नीतियों का नेतृत्व करेंगी।इसके अलावा वह अनुसंधान और प्रमुख प्रकाशनों की देखरेख भी करेंगी। साथ ही फंड प्रकाशनों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मानकों को बढ़ावा देने में भी योगदान करेंगी। जानकारी के लिए आपको बता दें कि आईएमएफ का सबसे बड़ा शेयरधारक अमेरिका है। 

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने की तारीफ 

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा ने कहा, जेफ्री और गीता दोनों शानदार सहयोगी हैं - मैं जेफ्री को जाते हुए देखकर दुखी हूं, लेकिन साथ ही, मुझे खुशी है कि गीता ने हमारे साथ बने रहने और एफडीएमडी के रूप में नयी जिम्मेदारी स्वीकार करने का फैसला किया है। जॉर्जीवा ने कहा कि आईएमएफ के काम में गोपीनाथ का योगदान पहले से ही असाधारण रहा है, विशेष रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था और आईएमएफ की, हमारे जीवन के सबसे खराब आर्थिक संकट के उतार-चढ़ाव से पार पाने में, मदद करने में उन्होंने असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया। भारतीय-अमेरिकी गीता आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री बनने वाली पहली महिला हैं। गीता ने पदोन्नत किए जाने पर कहा कि वह इस अवसर के लिए क्रिस्टलिना और आईएमएफ बोर्ड की आभारी हैं और आईएमएफ के शानदार सहयोगियों के साथ करीबी सहयोग करने को लेकर उत्साहित हैं।