India-Canada Relations Free Trade Agreement | पीएम मोदी और कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच रक्षा, मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी

India and Canada
ANI
रेनू तिवारी । Jun 17 2026 8:40AM

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग में हुई शानदार प्रगति की समीक्षा की तथा व्यापार, ऊर्जा, नवोन्मेष, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर आदान-प्रदान पर आधारित एक मज़बूत साझेदारी बनाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।’’

भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक रिश्तों में एक बार फिर बड़ी गर्मजोशी और नई दिशा देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के अपने नवनियुक्त समकक्ष मार्क कार्नी के साथ रक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा जैसे कई महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यापक व गहन बातचीत की। दोनों वैश्विक नेताओं की यह महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित मुलाकात पूर्वी फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियॉन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर (सैमसंग मार्जिन) एक विशेष द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई।

साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर ऐतिहासिक सहमति

इस उच्च स्तरीय बैठक का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण दोनों देशों के बीच काफी समय से लंबित आर्थिक संबंधों को एक नई रफ्तार देना रहा। भारत और कनाडा ने चालू वर्ष 2026 के आखिर तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA)—जिसे आधिकारिक तौर पर ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) के रूप में जाना जाता है—के लिए बातचीत को पूरी तरह से अंतिम रूप देने और इसे धरातल पर उतारने का साझा लक्ष्य दोहराया है।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी एक आधिकारिक और विस्तृत बयान में कहा गया:

"दोनों पक्षों ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) की दिशा में अब तक हुई प्रगति पर गहरा संतोष व्यक्त किया है। साथ ही वर्ष 2026 की समयसीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण व्यापारिक बातचीत को पूरा करने के अपने साझा लक्ष्य और प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित किया है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग में हुई शानदार प्रगति की समीक्षा की तथा व्यापार, ऊर्जा, नवोन्मेष, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर आदान-प्रदान पर आधारित एक मज़बूत साझेदारी बनाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस बैठक के नतीजों को बेहद सकारात्मक और भविष्योन्मुखी बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग की व्यापक समीक्षा की और व्यापार, ऊर्जा, नवोन्मेष (इन्नोवेशन), उच्च शिक्षा, तकनीकी विकास और लोगों के बीच परस्पर जुड़ाव (पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट) पर आधारित एक टिकाऊ व मजबूत साझेदारी बनाने के व्यावहारिक तौर-तरीकों पर गहन मंथन किया। 

"मजबूत रिश्तों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता" — पीएम मोदी

मुलाकात के तत्काल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “एवियॉन जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री कार्नी से मिलकर बेहद खुशी हुई। एक साल से भी कम समय में यह हमारी चौथी मुलाकात है, जो भारत और कनाडा के बीच मजबूत होते रिश्तों और एक मजबूत वैश्विक साझेदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। हमने दोनों देशों के बीच संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की, खासकर हमारी पिछली मुलाकात के बाद से जमीनी स्तर पर हुई प्रगति की समीक्षा की।”

कनाडा के प्रधानमंत्री 27 फरवरी से दो मार्च तक भारत के दौरे पर थे। इस दौरान भारत और कनाडा ने यूरेनियम एवं ज़रूरी खनिजों की आपूर्ति को लेकर अहम समझौते किये थे तथा जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी करार करने पर सहमति जताई थी। उस समय, दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा, अहम प्रौद्योगिकी, छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी निश्चय किया था।

कनाडा में 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का संभावित हाथ होने के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। पिछले साल मार्च में कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों पक्षों ने रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए।

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